महिला सशक्तिकरण की दिशा में 'लोक अधिकार केंद्र' के माध्यम से जेंडर मॉड्यूल्स पर प्रशिक्षण
अशोकनगर: मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत अशोकनगर के मार्गदर्शन में, मध्यप्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के तत्वाधान में जिले में महिला सशक्तिकरण और सामाजिक जागरूकता की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल की जा रही है। इस पहल के तहत, जिले के विभिन्न विकासखंडों में संचालित लोक अधिकार केंद्रों द्वारा ग्रामीण आजीविका मिशन से जुड़ी स्व-सहायता समूहों की महिलाओं को 10 जेंडर मॉड्यूल्स पर प्रशिक्षित किया जा रहा है।
प्रशिक्षण और रोल-आउट प्रक्रिया के माध्यम से हाल ही में आयोजित राज्य स्तरीय प्रशिक्षण के उपरांत, अब लोक अधिकार केंद्र की समता समन्वयकों द्वारा जमीनी स्तर पर कार्य योजना तैयार की गई है। समता समन्वयक एवं समता सखियों के सहयोग से जिले के दूर-दराज के गांवों में जाकर समूह सदस्यों को प्रशिक्षण प्रदान किया जा रहा है।
प्रशिक्षण के मुख्य बिंदु:
- लैंगिक भेदभाव की पहचान और रोकथाम
- घरेलू हिंसा के विरुद्ध आवाज उठाना
- बाल विवाह जैसी कुरीतियों का उन्मूलन
- शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में महिलाओं की भागीदारी
- सरकारी योजनाओं और विधिक अधिकारों की जानकारी
इस सामुदायिक बदलाव के 'रोल-आउट' कार्यक्रम का लक्ष्य जिले के प्रत्येक गांव तक पहुंचना है। समता समन्वयक और समता सखियों की यह जोड़ी न केवल प्रशिक्षण दे रही है, बल्कि महिलाओं को नेतृत्व क्षमता विकसित करने के लिए भी प्रेरित कर रही है।
इस पहल से न केवल महिलाओं के आत्मविश्वास में वृद्धि हो रही है, बल्कि वे अपने परिवार और समाज में निर्णय लेने की प्रक्रिया में भी सक्रिय भूमिका निभा रही हैं। आजीविका मिशन का यह प्रयास अशोकनगर के ग्रामीण अंचलों में सामाजिक बदलाव की एक नई इबारत लिख रहा है।

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