Nvda की बनी नवीन सड़क नही झेल पाई nvda के टेंकर का  वजन                       

हाल ही में बनी नवीन सड़क नही झेल पाई टेंकर का वजन टर्न लेने में धसी साइड टेंकर पलटी खाते बचा ड्राइवर की सूझबूझ से हानि होते होते बची निसरपुर पुनर्वास में हाल ही में बने रोड बन चुके है जान की जोखिम पीली मिट्टी ओर मिक्ष मुरहम से भरदी गई साइड जैसे ही रोड बने गर्मी में पीहल रहे है रोड बाइक के स्टेन घुस जाते है रोड के अंदर इतनी विहीन गुणवत्ता से बने रोड दे रहे है हादसों को न्योता आज तो खुद विभाग का टेंकर धसा है इन्ही सड़को से गुजरते है स्कूल वाहन ट्रेक्टर बाइक ओर अन्य साधन कैसे झेल पाएगी सड़क जब सड़क बनी तब ही nvda को मीडिया और प्रेस ने जगाने की कोशिश की थी लेकिन nvda अधिकारी की दादागिरी ओर हट धर्मिता के चलते गुणवत्ता हीन बनी हुई हैं               

सड़क का निर्माण केवल औपचारिकता निभाई गई है अभी तो बारिस आई भी नही है                              

  कितने रोज चलेगी सड़क और कितना होगा nvda में भरस्टाचार कोई जवाब देने को राजी नही ऊपरी अधिकारी भी मोन धारण किये बैठे है ठेकेदारों ओर एनवीडीए अधिकारी कर्मचारियों की देख रेख में हुवे है घटिया निर्माण सड़क से लेकर गटर तक घटिया सामग्री से बनी हुई है नही सड़क की गुणवत्ता है नही नालियों के लेवल रहवासियों के आंगन में ही पानी अटक जाता है बारिस होते ही तालाब  बन जाते है निर्माण हीन प्लाट मच्छरों के प्रकोप से फैलती है बीमारियां कईं ऐसे मसले है जिनका कोई निराकरण ही नही निकला कामो में बचत कैसे निकले वही से ऊपर नही उठ पा रहे है अधिकारी और चापलूस करोड़ो के काम लाखो में निपटे है अगर जांच बैठाई जय तो करोड़ो के गबन उजागर हो सकते है                   

पर दुविधा यही है कि जब पूरा का पूरा सिस्टम ही भरस्टाचार में लिप्त है तब जांच करेंगे कैसे जांच हुई भी तो आने वाले भी जांच कर्ता लखपति तो बनेंगे ही                           

   जनता का पैसा तकलीफ भी जनता ही झेल रही है कखो कि तनखा पाने वाले अधिकारी और हजारो की तनखा पाने वाले कर्मचारी भी डबल के पीछे भाग रहे है  गरीबो को डराया जाता है वही नेतावो के काम फोन पर करवा दिए जाते है आखिर इस खेल का कब और कैसे होगा अंत                            

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