कारगिल चौराहे से ताल फाटक तक दो माह पहले बनी सड़क पर फिर निर्माण, वार्ड-12 में गड्ढों से लोग बेहाल; संजय चौक से भामी मोहल्ला तक वर्षों से सड़क का इंतजार, नेता प्रतिपक्ष ने एसडीएम को सौंपा ज्ञापन
आलोट। नगर में विकास कार्यों की प्राथमिकताओं को लेकर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। एक ओर कारगिल चौराहे से ताल रेलवे फाटक तक लगभग दो माह पहले लाखों रुपये की लागत से बनी डामर सड़क पर अब सीसी रोड का निर्माण किया जा रहा है, वहीं दूसरी ओर नगर के कई वार्ड आज भी पक्की सड़क जैसी मूलभूत सुविधा से वंचित हैं। नई सड़क पर दोबारा निर्माण और दूसरी तरफ वर्षों से सड़क के इंतजार का यह विरोधाभास अब पूरे नगर में चर्चा का विषय बन गया है।
सबसे अधिक परेशानी वार्ड क्रमांक-12 स्थित अंजुमन कॉलोनी चौराहे पर देखने को मिल रही है। यहां सड़क पूरी तरह गड्ढों में तब्दील हो चुकी है। बारिश के बाद गड्ढों में पानी भर जाने से सड़क तालाब जैसी नजर आती है। यह मार्ग सिविल अस्पताल, बस स्टैंड, शंकर मंदिर सहित नगर के कई प्रमुख क्षेत्रों को जोड़ता है, जिससे दिनभर भारी आवागमन बना रहता है। स्कूली बच्चे, मरीज, बुजुर्ग, महिलाएं और दोपहिया वाहन चालक रोजाना जान जोखिम में डालकर यहां से गुजरने को मजबूर हैं। कई बार वाहन गड्ढों में फंस जाते हैं और राहगीरों पर गंदे पानी के छींटे पड़ना आम बात हो गई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते मरम्मत नहीं हुई तो कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है।
वहीं संजय चौक से भामी मोहल्ला तक के रहवासी वर्षों से पक्की सड़क का इंतजार कर रहे हैं। बरसात के दिनों में यह मार्ग कीचड़ और जलभराव से भर जाता है, जिससे लोगों का घरों से निकलना तक मुश्किल हो जाता है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि कई बार जनप्रतिनिधियों और प्रशासन के सामने सड़क निर्माण की मांग रखी गई, लेकिन आज तक कोई ठोस पहल नहीं हुई। ऐसे में हाल ही में बनी सड़क पर फिर से करोड़ों की लागत से निर्माण कार्य शुरू होने पर लोगों में असंतोष और नाराजगी बढ़ गई है।
इसी बीच नगर परिषद के नेता प्रतिपक्ष एवं वार्ड क्रमांक-13 के पार्षद मधु-नागेश खारोल ने अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) को ज्ञापन सौंपकर कारगिल चौराहे से ताल रोड रेलवे फाटक तक निर्माणाधीन मार्ग पर तत्काल सुरक्षित यातायात व्यवस्था लागू करने की मांग की है। ज्ञापन में कहा गया है कि सड़क निर्माण के कारण एक ओर का मार्ग बंद होने से समूचा यातायात एक ही लेन से गुजर रहा है। इस मार्ग पर बस, ट्रक, ट्रैक्टर, टैंकर और अन्य भारी वाहनों की आवाजाही लगातार बनी रहती है। बारिश के कारण सड़क किनारे की मिट्टी धंसने और कीचड़ फैलने से दुर्घटना की आशंका और बढ़ गई है।
ज्ञापन में मांग की गई है कि निर्माण कार्य पूरा होने तक भारी वाहनों का आवागमन अस्थायी रूप से वैकल्पिक मार्ग से कराया जाए, आवश्यक स्थानों पर बैरिकेडिंग, दिशा-सूचक बोर्ड और चेतावनी संकेत लगाए जाएं तथा पुलिस बल की तैनाती कर यातायात को सुरक्षित और सुचारु बनाया जाए।
नगरवासियों का कहना है कि यदि नई सड़क पर दोबारा निर्माण किसी तकनीकी आवश्यकता के कारण किया जा रहा है तो संबंधित विभाग को इसकी स्पष्ट जानकारी सार्वजनिक करनी चाहिए। लेकिन यदि ऐसा नहीं है, तो यह सवाल उठना स्वाभाविक है कि जिन वार्डों में आज तक सड़क नहीं बनी, उन्हें प्राथमिकता क्यों नहीं दी गई।
अब लोगों की मांग है कि वार्ड-12 की जर्जर सड़क की तत्काल मरम्मत, संजय चौक से भामी मोहल्ला तक वर्षों से लंबित सड़क निर्माण कार्य को प्राथमिकता तथा नगर के सभी उपेक्षित वार्डों में बुनियादी सुविधाओं का समान रूप से विकास सुनिश्चित किया जाए। नगर में फिलहाल एक ही चर्चा है—"जहां सड़क नहीं, वहां इंतजार... और जहां नई सड़क बनी, वहां फिर सड़क!" यही सवाल अब विकास कार्यों की योजना और प्राथमिकताओं पर गंभीर बहस का कारण बन गया है।
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