जांच और विवादों के बीच रोजगार सहायक को मिला वित्तीय प्रभार,कलेक्टर से हुई शिकायत

जनसुनवाई में मंगलवार को जनपद पंचायत मानपुर की ग्राम पंचायत समरकोईनी में रोजगार सहायक सितेश तिवारी को वित्तीय प्रभार दिए जाने का मामला फिर चर्चा में आ गया।सामाजिक कार्यकर्ता अजेश चौधरी ने कलेक्टर राखी सहाय को शिकायत सौंपते हुए आरोप लगाया कि गंभीर आरोपों और लंबित मामलों के बावजूद सितेश तिवारी को 1 जुलाई 2026 को वित्तीय प्रभार सौंप दिया गया।शिकायत में दावा किया गया है कि रोजगार सहायक के विरुद्ध वसूली,कथित फर्जीवाड़ा,आपराधिक प्रकरण,लंबित न्यायालयीन मामला तथा विभिन्न जांच रिपोर्टें लंबित हैं।इसके बावजूद उन्हें वित्तीय अधिकार दिए जाना नियमों और पारदर्शिता पर सवाल खड़े करता है।आपको बता दे पंचायत चुनाव में शिकायतकर्ता अजेश चौधरी सरपंच पद के प्रत्याशी रहे है,पर दुर्भाग्य से हार गए थे।शिकायतकर्ता ने शिकायती प्रपत्र में प्रधानमंत्री आवास योजना में कथित अनियमितता,फर्जी मस्टर रोल,कथित फर्जी मेडिकल प्रमाणपत्र तथा पूर्व जांच में शिकायतों के सही पाए जाने का भी उल्लेख किया है।शिकायतकर्ता का कहना है कि इन गंभीर बिंदुओं की अनदेखी कर वित्तीय प्रभार दिया जाना दुर्भाग्यपूर्ण है।जिसकी निष्पक्ष जांच आवश्यक है।शिकायतकर्ता ने कलेक्टर से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर वित्तीय प्रभार संबंधी आदेश निरस्त करने,साथ ही इस निर्णय में शामिल संबंधित अधिकारियों की भूमिका की भी जांच कराने की मांग की है।