आमला। नगर में इन दिनों व्यापारियों एवं आम नागरिकों को चिल्लर सिक्कों तथा 10 और 20 रुपये के छोटे नोटों की भारी कमी का सामना करना पड़ रहा है। दैनिक लेन-देन में छोटे नोटों और सिक्कों की महत्वपूर्ण भूमिका होती है, लेकिन इनके अभाव में व्यापारियों को ग्राहकों के साथ लेन-देन करने में कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
व्यापारियों का कहना है कि उन्होंने नगर की विभिन्न सरकारी एवं निजी बैंकों से कई बार चिल्लर और छोटे नोट उपलब्ध कराने का अनुरोध किया, लेकिन उन्हें संतोषजनक सहयोग नहीं मिल रहा है। कुछ बैंक अपनी चेस्ट ब्रांच नहीं होने का हवाला देते हैं, तो कुछ तकनीकी कारणों का उल्लेख कर जिम्मेदारी से बचते नजर आते हैं।
व्यापारियों का कहना है कि बैंकिंग व्यवस्थाओं की तकनीकी जटिलताओं से आम नागरिकों का कोई सरोकार नहीं है। लोगों को अपने दैनिक खर्चों और छोटे-मोटे लेन-देन के लिए रेजगारी की आवश्यकता होती है। चिल्लर की कमी के कारण दुकानदारों और ग्राहकों के बीच कई बार असहज स्थिति भी उत्पन्न हो जाती है।
हालांकि डिजिटल भुगतान का चलन बढ़ा है, लेकिन नगर और आसपास के क्षेत्रों में अभी भी बड़ी संख्या में लोग नकद लेन-देन पर निर्भर हैं। ऐसे में छोटे नोटों और सिक्कों की उपलब्धता सुनिश्चित करना बैंकों की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है।
नगर के व्यापारी एवं सामाजिक कार्यकर्ता किशोर गुगनानी ने सभी सरकारी और निजी बैंकों से मांग की है कि वे व्यापारियों और आम नागरिकों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए पर्याप्त मात्रा में चिल्लर सिक्के एवं 10 और 20 रुपये के नोट उपलब्ध कराएं, ताकि व्यापारिक गतिविधियां सुचारू रूप से संचालित हो सकें और लोगों को अनावश्यक परेशानियों का सामना न करना पड़े।
आमला में चिल्लर सिक्कों और छोटे नोटों का संकट, व्यापारी और आमजन परेशान
बैंकों की उदासीनता से बढ़ी समस्या, व्यापारियों ने की पर्याप्त रेजगारी उपलब्ध कराने की मांग
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