जिला कोषालय विदिशा द्वारा गुरुवार को स्थानीय कलेक्ट्रेट स्थित बेतवा सभागार में एक महत्वपूर्ण जिला स्तरीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया. यह प्रशिक्षण जिले के समस्त आहरण एवं संवितरण अधिकारियों (डीडीओ) तथा लेखा लिपिकों के लिए देयक पारितकरण से संबंधित विषयों पर केंद्रित था. वित्तीय कार्यों में पारदर्शिता, सटीकता और समयबद्धता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से आयोजित इस कार्यक्रम में जिले भर के अधिकारियों ने उत्साहपूर्वक हिस्सा लिया.

प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य और रूपरेखा

जिला कोषालय अधिकारी श्री राजीव जैन ने कार्यक्रम के दौरान विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि इस प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य शासकीय देयकों का समयबद्ध एवं त्रुटिरहित पारितकरण करना है. इसके साथ ही, प्रतिभागियों को आयकर अधिनियम के प्रावधानों की बारीकियों और टीडीएस (TDS) से संबंधित प्रक्रियाओं को सरल तथा प्रभावी ढंग से समझाया गया. कार्यक्रम के दौरान वित्तीय कार्यों में पारदर्शिता, समयबद्धता और नियमों के पूर्ण पालन के महत्व पर विशेष बल दिया गया, ताकि शासकीय कार्यालयों की कार्यप्रणाली में और अधिक सुधार हो सके.

विशेषज्ञों का मार्गदर्शन और उपस्थिति

इस आउटरीच एवं जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन माननीय अपर आयकर आयुक्त, भोपाल श्री शशिकांत कुशवाह के कुशल निर्देशन में किया गया था. प्रशिक्षण सत्र के दौरान विभिन्न विभागों के वरिष्ठ विशेषज्ञों ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई और प्रतिभागियों का मार्गदर्शन किया:

  • जीएसटी विभाग: श्री गौरव शर्मा ने जीएसटी से जुड़े महत्वपूर्ण पहलुओं पर प्रकाश डाला.

  • आयकर विभाग (भोपाल): श्री जय नाथ वर्मा ने विशेषज्ञ के रूप में आयकर संबंधी प्रावधानों की जानकारी दी.

  • अन्य विशिष्ट अधिकारी: इस प्रशिक्षण में डॉ. अतुल कुमार (उप आयकर आयुक्त, टीडीएस), श्री प्रतीक शिंदे (आयकर अधिकारी, टीडीएस), श्री राजीव कुमार शर्मा (आयकर अधिकारी, टीडीएस), श्री निखलेश प्रजापति, श्री सिद्धार्थ सरकार (निरीक्षक), श्री हिमांशु निरंजन, तथा सुश्री दिव्या मिश्रा (कार्यालय अधीक्षक) सहित कई अन्य अधिकारी उपस्थित रहे.

तकनीक और सहभागिता का समन्वय

प्रशिक्षण की यह विशेषता रही कि इसमें जिला स्तर के अधिकारियों ने प्रत्यक्ष रूप से कलेक्ट्रेट सभागार में भाग लिया, जबकि तहसील स्तर के सभी डीडीओ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से इस महत्वपूर्ण सत्र से जुड़े. इससे दूरस्थ क्षेत्रों के अधिकारियों को भी सीधे तौर पर विशेषज्ञ मार्गदर्शन प्राप्त करने का अवसर मिला.

आयकर अधिनियम, 2025 और टीडीएस प्रक्रिया पर विशेष सत्र

विशेषज्ञ अधिकारियों ने अपने संबोधन में प्रतिभागियों को आयकर अधिनियम, 2025 के प्रमुख प्रावधानों की विस्तृत जानकारी प्रदान की. सत्र के दौरान निम्नलिखित प्रमुख बिंदुओं पर विशेष रूप से चर्चा की गई:

  • टीडीएस की सही और समय पर कटौती करने के नियम.

  • संबंधित विधिक प्रावधानों का सटीक अनुपालन.

  • आधिकारिक आयकर पोर्टल पर विवरणी (रिटर्न) दाखिल करने की संपूर्ण प्रक्रिया. इन सभी प्रक्रियाओं को वक्ताओं द्वारा व्यावहारिक और वास्तविक जीवन के उदाहरणों के माध्यम से समझाया गया, जिससे उपस्थित कर्मचारियों और अधिकारियों को इसे समझने में आसानी हुई.

व्यावहारिक समस्याओं का समाधान

प्रशिक्षण का एक अन्य प्रमुख आकर्षण खुला सत्र था, जिसमें अधिकारियों एवं कर्मचारियों द्वारा अपने दैनिक कार्यों के दौरान आने वाली व्यावहारिक कठिनाइयों और प्रश्नों को रखा गया. विशेषज्ञों ने प्रत्येक प्रश्न का विस्तार से समाधान किया और कार्यप्रणाली में आने वाली बाधाओं को दूर करने के लिए उपयोगी उपाय सुझाए. इससे प्रतिभागियों को वित्तीय एवं कर संबंधी जटिल प्रक्रियाओं को जमीन स्तर पर बेहतर ढंग से लागू करने का अवसर प्राप्त हुआ.

वित्तीय अनुशासन को मिलेगी मजबूती

कार्यक्रम के अंत में सभी प्रतिभागियों ने इस जिला स्तरीय प्रशिक्षण को अत्यंत उपयोगी, व्यावहारिक और ज्ञानवर्धक बताया. इस प्रकार के आयोजनों से शासकीय कार्यालयों में वित्तीय अनुशासन को बढ़ावा मिलेगा, कर संबंधी नियमों का प्रभावी पालन सुनिश्चित होगा, तथा देयकों का समयबद्ध एवं त्रुटिरहित निष्पादन संभव हो सकेगा, जिससे प्रशासनिक व्यवस्था को और अधिक मजबूती मिलने की पूर्ण अपेक्षा है.

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