मध्य प्रदेश शासन की महत्वपूर्ण पहल के अंतर्गत राज्य में आम नागरिकों के विश्वास को और अधिक मजबूत करने तथा विभिन्न क्षेत्रों में प्रशासनिक कसावट लाने के लिए 'मुख्यमंत्री जन-विश्वास अभियान-2026' का संचालन शुरू हो गया है। इसी क्रम में शुक्रवार, 7 अगस्त 2026 को बालाघाट जिले से इस अभियान का विधिवत शुभारंभ किया गया। इस विशेष अवसर पर लोक शिक्षण संचालनालय, भोपाल के संचालक श्री डी. एस. कुशवाहा ने बालाघाट जिले का दौरा किया और विभिन्न प्रमुख शैक्षणिक संस्थानों का औचक व विस्तृत निरीक्षण किया। उनके इस दौरे से जिले की शिक्षा व्यवस्था में सकारात्मक सुधार और शैक्षणिक गुणवत्ता को नई दिशा मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।
विभिन्न प्रमुख विद्यालयों का किया गया विस्तृत निरीक्षण
अपने इस दौरे के दौरान संचालक श्री डी. एस. कुशवाहा ने बालाघाट जिले के चुनिंदा और महत्वपूर्ण विद्यालयों का गहन निरीक्षण किया। उन्होंने मुख्य रूप से निम्नलिखित संस्थानों की शैक्षणिक एवं अधोसंरचनात्मक व्यवस्थाओं का बारीकी से अवलोकन किया:
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पीएम श्री कन्या विद्यालय, बूढ़ी (बालाघाट)
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सांदीपनी विद्यालय, वारासिवनी
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सांदीपनी विद्यालय, बालाघाट
निरीक्षण के इस सिलसिले में श्री कुशवाहा ने इन विद्यालयों की विज्ञान प्रयोगशालाओं (लैब), पुस्तकालयों (लाइब्रेरी), कक्षाओं में चल रहे नियमित अध्यापन कार्य, विद्यार्थियों की विभिन्न शैक्षणिक गतिविधियों तथा वहां उपलब्ध अन्य बुनियादी सुविधाओं का प्रत्यक्ष निरीक्षण किया। उन्होंने विद्यालय के शिक्षकों और प्रबंधन के साथ बैठक कर चर्चा की और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, नवाचार (इनोवेशन) आधारित शिक्षण पद्धतियों तथा विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास को लेकर कई महत्वपूर्ण एवं आवश्यक दिशा-निर्देश प्रदान किए।
उत्कृष्ट शिक्षा और आधुनिक वातावरण पर विशेष बल
संचालक श्री डी. एस. कुशवाहा ने अपने संबोधन और चर्चा के दौरान इस बात पर जोर दिया कि पीएम श्री विद्यालयों तथा सांदीपनी विद्यालयों की स्थापना का मुख्य और मूल उद्देश्य विद्यार्थियों को उत्कृष्ट, आधुनिक और उच्च स्तरीय शिक्षा के साथ-साथ एक बेहतर शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराना है। उन्होंने इस उद्देश्य को जमीन पर प्रभावी ढंग से उतारने के लिए निम्नलिखित प्रमुख निर्देश दिए:
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विद्यालयों में पहले से उपलब्ध सभी संसाधनों का अधिकतम और सार्थक उपयोग किया जाए। ताकि विद्यार्थियों को इसका पूरा लाभ मिल सके।
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किताबी ज्ञान के साथ-साथ प्रयोगात्मक ( प्रैक्टिकल) शिक्षण को विशेष रूप से बढ़ावा दिया जाए।
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विद्यार्थियों के भीतर पढ़ने की रुचि जगाने के लिए पुस्तकालय संस्कृति (लाइब्रेरी कल्चर) को विकसित किया जाए।
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प्रत्येक छात्र और छात्रा के समग्र (होलिस्टिक) विकास पर विशेष ध्यान केंद्रित किया जाए।
उन्होंने विद्यालयों में बनाए गए अनुशासन, साफ-सफाई, उच्च गुणवत्ता वाले शिक्षण कार्य और पढ़ाई के दौरान विद्यार्थियों की सक्रिय सहभागिता की खुलकर सराहना की। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के ठोस प्रयास आने वाले समय में प्रदेश की समग्र शिक्षा व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़, पारदर्शी और परिणाममूलक बनाने में अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
शैक्षणिक गुणवत्ता को मिलेगी नई दिशा
मुख्यमंत्री जन-विश्वास अभियान के अंतर्गत लोक शिक्षण संचालनालय के संचालक श्री डी. एस. कुशवाहा का यह बालाघाट दौरा जिले में शिक्षा के स्तर को ऊंचा उठाने की दृष्टि से एक मील का पत्थर माना जा रहा है। शिक्षाविदों और प्रशासनिक अधिकारियों का मानना है कि उनके द्वारा दिए गए मार्गदर्शन और सुझावों का यदि मैदानी स्तर पर प्रभावी क्रियान्वयन किया जाता है, तो इससे बालाघाट जिले के विद्यार्थियों को भविष्य में और अधिक गुणवत्तापूर्ण, प्रतिस्पर्धी और अवसरपरक शिक्षा उपलब्ध कराने की दिशा में अभूतपूर्व प्रगति देखने को मिलेगी।
image source : https://balaghat.mpinfo.org
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