बैतूल जिले में सुशासन और विकास कार्यों की गति को सुनिश्चित करने के लिए कलेक्टर डॉ. सौरभ संजय सोनवणे ने सख्त रुख अपना लिया है। शुक्रवार को घोड़ाडोंगरी विकासखंड के ग्राम हीरापुर में औचक निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने न केवल ग्रामीणों की समस्याओं को गंभीरता से सुना, बल्कि विकास कार्यों में कोताही बरतने वाले जिम्मेदार अधिकारियों और पंचायत प्रतिनिधियों को कड़े निर्देश दिए। इस दौरान प्राथमिक शाला में अतिरिक्त कक्ष निर्माण में देरी पाए जाने पर उन्होंने सरपंच, सचिव और रोजगार सहायक को कारण बताओ नोटिस जारी करने के आदेश दिए।

स्कूल निरीक्षण: निर्माण कार्य में देरी पर सख्त निर्देश

कलेक्टर डॉ. सोनवणे ने ग्राम हीरापुर की प्राथमिक शाला का औचक निरीक्षण किया। यहाँ उन्होंने शैक्षणिक गुणवत्ता के साथ-साथ आधारभूत सुविधाओं का भी जायजा लिया। बच्चों से सीधा संवाद करते हुए उन्होंने स्कूल में नामांकन बढ़ाने और बेहतर शैक्षणिक माहौल तैयार करने के लिए शिक्षकों को निर्देशित किया।

निरीक्षण के दौरान स्कूल में बन रहे अतिरिक्त कक्ष के निर्माण कार्य में अनावश्यक देरी पाई गई। इस लापरवाही को कलेक्टर ने गंभीरता से लिया और तत्काल प्रभाव से सरपंच, ग्राम पंचायत सचिव एवं रोजगार सहायक को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। इसके साथ ही उन्होंने मध्यान्ह भोजन कक्ष का मुआयना किया और स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को कड़े निर्देश दिए कि बच्चों को निर्धारित मेन्यू के अनुसार ही उच्च गुणवत्तापूर्ण और गर्म भोजन परोसा जाए।

स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार: शिविर लगाने के निर्देश

स्वास्थ्य केंद्र के निरीक्षण के दौरान ग्रामीणों ने चिकित्सक की अनुपलब्धता की समस्या रखी थी। इस पर प्रशासन ने स्पष्ट किया कि डॉ. पवित्र कुमार मिस्त्री ने हाल ही में कार्यभार संभाल लिया है। कलेक्टर ने नवपदस्थ चिकित्सक को पूरे क्षेत्र में स्वास्थ्य शिविर आयोजित करने के निर्देश दिए हैं ताकि ग्रामीण अंचल के लोगों की स्क्रीनिंग हो सके और मलेरिया व डेंगू जैसी बीमारियों की समय रहते पहचान व उपचार किया जा सके। कलेक्टर ने केंद्र में उपलब्ध दवाओं के स्टॉक और प्रसव संबंधी सेवाओं का भी बारीकी से निरीक्षण किया।

नल-जल योजना और अन्य जनसमस्याओं का त्वरित निराकरण

ग्राम भ्रमण के दौरान कलेक्टर ने ग्रामीणों की शिकायतों पर त्वरित संज्ञान लिया:

  • नल-जल योजना: बंद पड़ी जल आपूर्ति को लेकर कलेक्टर ने लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग (PHED) के कार्यपालन यंत्री को तत्काल टीम भेजने और जल स्रोत से लेकर पाइपलाइन तक की जांच कर समस्या का स्थायी समाधान करने के निर्देश दिए।

  • आजीविका और आवास: ग्रामीण सविता सोनी की समस्या पर कलेक्टर ने पंचायत को प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत पात्रता की तुरंत जांच करने के आदेश दिए। साथ ही स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को आर्थिक गतिविधियों से जोड़ने के लिए प्रेरित किया।

  • अन्य मांगें: मार्ग निर्माण और मनरेगा के तहत लंबित मजदूरी भुगतान के मामलों में संबंधित विभागों को तेजी से कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं।

प्रशासनिक सक्रियता का संदेश

कलेक्टर डॉ. सौरभ संजय सोनवणे का यह दौरा स्थानीय प्रशासन के लिए एक चेतावनी और मार्गदर्शन दोनों रहा। उन्होंने पंचायत भवन के संचालन को सुव्यवस्थित करने के निर्देश दिए ताकि ग्रामीणों को सरकारी दफ्तरों के बार-बार चक्कर न काटने पड़ें। कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि शासकीय योजनाओं का लाभ आम जनता तक पहुँचाना जिला प्रशासन की प्राथमिकता है और इसमें किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

बैतूल प्रशासन की यह सक्रिय कार्यशैली न केवल विकास कार्यों को गति देगी, बल्कि ग्रामीणों का शासन के प्रति भरोसा भी मजबूत करेगी। आने वाले दिनों में इन निर्देशों के क्रियान्वयन की निगरानी की जाएगी ताकि हीरापुर के निवासियों को वास्तविक धरातल पर सुविधाओं का लाभ मिल सके।

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