सिवनी -:
विकासखंड घंसौर की ग्राम पंचायत बीजासेन स्थित शासकीय प्राथमिक एवं माध्यमिक विद्यालय में शिक्षकों की भारी कमी के कारण बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। कक्षा 1 से 8 तक संचालित इस विद्यालय में नियमित शिक्षकों के अभाव ने शिक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि पर्याप्त शिक्षक नहीं होने से विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा नहीं मिल पा रही है।
इसी जनहित के मुद्दे को लेकर सामाजिक कार्यकर्ता वतन ठाकुर ने जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर विद्यालय में तत्काल नियमित शिक्षकों की नियुक्ति की मांग की है। उन्होंने कहा कि यदि समय रहते शिक्षकों की व्यवस्था नहीं की गई तो इसका सीधा असर बच्चों के भविष्य पर पड़ेगा।
जानकारी के अनुसार, वर्तमान में बीजासेन विद्यालय का संचालन अतिरिक्त प्रभार के सहारे हो रहा है। कुदवारी पंचायत के हिनाई प्राथमिक विद्यालय में पदस्थ एक महिला शिक्षिका को बीजासेन विद्यालय का अतिरिक्त दायित्व सौंपा गया है। संबंधित शिक्षिका अपने मूल विद्यालय की पांच कक्षाओं के साथ-साथ बीजासेन की आठ कक्षाओं की जिम्मेदारी भी संभाल रही हैं। इस प्रकार एक ही शिक्षिका कुल 13 कक्षाओं का संचालन कर रही हैं।
वतन ठाकुर का कहना है कि एक शिक्षिका के लिए इतने बड़े शैक्षणिक दायित्व का प्रभावी ढंग से निर्वहन करना व्यावहारिक रूप से संभव नहीं है। इसका खामियाजा सीधे बच्चों की पढ़ाई और उनके भविष्य को भुगतना पड़ रहा है।
उन्होंने कहा कि यह किसी व्यक्ति या संगठन का नहीं, बल्कि क्षेत्र के मासूम बच्चों के भविष्य का सवाल है। विद्यालय में भवन है, विद्यार्थी हैं और पढ़ने की इच्छा भी है, लेकिन शिक्षकों की कमी पूरी शिक्षा व्यवस्था को प्रभावित कर रही है।
उन्होंने जिला प्रशासन से मांग की है कि बीजासेन विद्यालय में शीघ्र नियमित शिक्षकों की पदस्थापना की जाए, ताकि बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिल सके और उनका भविष्य सुरक्षित हो सके।
अब देखना होगा कि जिला प्रशासन इस गंभीर समस्या पर कब तक निर्णय लेकर बीजासेन के विद्यार्थियों को शिक्षक संकट से राहत दिलाता है।
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