बैतूल जिले में नशे की बुराई को जड़ से मिटाने और युवाओं को एक स्वस्थ भविष्य प्रदान करने के उद्देश्य से एक व्यापक जनजागरूकता अभियान 'नशे से दूरी है जरूरी 2.0' की शुरुआत की गई है। 15 जुलाई 2026 को पुलिस परेड ग्राउंड से इस अभियान का भव्य शुभारंभ किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में पुलिस अधिकारी, छात्र, खिलाड़ी और सामाजिक कार्यकर्ता शामिल हुए। यह अभियान 30 जुलाई तक पूरे जिले में जारी रहेगा, जिसके माध्यम से समाज के हर वर्ग को नशा मुक्त बनाने का प्रयास किया जाएगा।
शुभारंभ और जागरूकता रैली का आयोजन
अभियान के पहले दिन पुलिस परेड ग्राउंड से एक विशाल जागरूकता रैली और 'ड्रग अवेयरनेस रन' निकाली गई। बैतूल के पुलिस अधीक्षक श्री वीरेंद्र जैन ने हरी झंडी दिखाकर इस रैली को रवाना किया। रैली ने शहर के प्रमुख मार्गों से होते हुए लोगों को नशा मुक्ति का संदेश दिया। इस अवसर पर एसपी श्री जैन ने सभी प्रतिभागियों को नशा मुक्ति की शपथ दिलाई।
उन्होंने अपने संबोधन में युवाओं का आह्वान करते हुए कहा कि नशा केवल एक व्यक्ति को नहीं, बल्कि उसके पूरे परिवार और समाज को खोखला कर देता है। उन्होंने युवाओं से अपनी ऊर्जा का सही उपयोग शिक्षा, खेल और समाज निर्माण के सकारात्मक कार्यों में करने की अपील की।
अभियान की कार्ययोजना: 15 दिनों का विस्तृत कार्यक्रम
'नशे से दूरी है जरूरी 2.0' अभियान को सफल बनाने के लिए जिला प्रशासन, पुलिस, सामाजिक न्याय विभाग, खेल एवं युवा कल्याण विभाग, महिला एवं बाल विकास विभाग और विभिन्न एनजीओ ने मिलकर एक विस्तृत रूपरेखा तैयार की है। 15 से 30 जुलाई तक आयोजित होने वाली गतिविधियों का विवरण निम्न प्रकार है:
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16-17 जुलाई: स्कूलों-कॉलेजों में शॉर्ट फिल्म और जनजागरूकता कार्यक्रम। स्कूलों के आसपास तंबाकू-सिगरेट की गुमठियों की जांच और सत्यापन।
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18-19 जुलाई: झुग्गी-बस्तियों में परामर्श केंद्र, नशा मुक्ति पुनर्वास की जानकारी और वाहनों पर पोस्टर-नुक्कड़ नाटक के माध्यम से प्रचार।
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20-21 जुलाई: मानव श्रृंखला का निर्माण और विभिन्न प्रतियोगिताओं (चित्रकला, निबंध, पेंटिंग, स्लोगन) के माध्यम से युवाओं की भागीदारी।
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22-23 जुलाई: सोशल मीडिया पर नशा मुक्ति की प्रेरक कहानियां और सार्वजनिक परिवहन व एलईडी स्क्रीन के जरिए जागरूकता संदेश।
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24-25 जुलाई: थाना परिसरों में सुरक्षा समितियों को शपथ और आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं व 'शौर्य दलों' के साथ जनसंवाद।
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26-27 जुलाई: बाजारों में व्यापारियों का सहयोग और छात्रावासों, धार्मिक संस्थानों व औद्योगिक इकाइयों में विशेष जागरूकता शिविर।
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28-29 जुलाई: वन, स्वास्थ्य और सामाजिक न्याय विभाग के समन्वय से अभियान और खेल प्रशिक्षकों के माध्यम से खिलाड़ियों में जागरूकता।
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30 जुलाई: भव्य समापन समारोह, जिसमें सक्रिय कार्यकर्ताओं और समितियों का सम्मान किया जाएगा।
प्रशासन और समाज की सामूहिक भागीदारी
इस महा-अभियान में पुलिस अधीक्षक श्री वीरेंद्र जैन के साथ एडिशनल एसपी श्री कमलेश कुमार खरपुसे, उप संचालक सामाजिक न्याय सुश्री रोशनी वर्मा, एसडीओपी सुश्री अन्नपूर्णा सिरसाम, और डीएसपी शेफा हाशमी सहित जिले के समस्त प्रमुख प्रशासनिक अधिकारियों की सक्रिय उपस्थिति रही।
बैतूल प्रशासन का यह प्रयास केवल नारों तक सीमित नहीं है। अभियान के दौरान चिन्हित नशा प्रभावित स्थलों पर जाकर लोगों को प्रेरित करना और नशा पीड़ितों को चिकित्सीय परामर्श एवं पुनर्वास केंद्रों की जानकारी उपलब्ध कराना इस कार्यक्रम की सबसे बड़ी विशेषता है। इस अभियान का उद्देश्य समाज को यह समझाना है कि स्वस्थ समाज की नींव नशे से दूरी बनाकर ही रखी जा सकती है।
यह 15 दिवसीय अभियान बैतूल जिले में एक सकारात्मक बदलाव लाने के लिए मील का पत्थर साबित होगा, जहां हर नागरिक नशे को 'ना' कहकर एक बेहतर कल की शुरुआत करेगा।
Image Source: https://betul.mpinfo.org
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