नीमच जिले में शासन की योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन और जन समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए कलेक्टर श्री हिमांशु चंद्रा ने प्रशासनिक तंत्र को सक्रिय कर दिया है। मंगलवार, 14 जुलाई 2026 को कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में आयोजित समय-सीमा पत्रक (टीएल) की समीक्षा बैठक में उन्होंने जिले के विभिन्न विभागों के कार्यों का बारीकी से विश्लेषण किया। बैठक में लंबित प्रकरणों, सीएम हेल्पलाइन, अनुकंपा नियुक्ति और निर्माण कार्यों की प्रगति पर विशेष चर्चा करते हुए कलेक्टर ने सभी अधिकारियों को समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण कार्य करने की कड़ी हिदायत दी।

अनुकंपा नियुक्ति और सीएम हेल्पलाइन पर विशेष जोर

कलेक्टर श्री हिमांशु चंद्रा ने मानवीय दृष्टिकोण अपनाते हुए अनुकंपा नियुक्ति के मामलों में संवेदनशीलता बरतने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि ऐसे प्रकरणों का परीक्षण सहानुभूतिपूर्वक किया जाए और किसी भी पात्र हितग्राही का मामला बिना किसी ठोस कारण के लंबित नहीं रहना चाहिए।

बैठक का एक अन्य महत्वपूर्ण हिस्सा 'सीएम हेल्पलाइन' की समीक्षा रहा। कलेक्टर ने विभागों को अपनी रैंकिंग में सुधार लाने के कड़े निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि जो शिकायतें 50 दिनों से अधिक समय से लंबित हैं, उन्हें प्राथमिकता के आधार पर निपटाया जाए। साथ ही, जिन विभागों में शिकायतों का अंबार लगा है और कार्य में उदासीनता बरती जा रही है, उन्हें 'कारण बताओ सूचना-पत्र' जारी करने के निर्देश भी दिए गए हैं।

सुरक्षा और निर्माण कार्यों में समन्वय की आवश्यकता

नीमच जिले में कानून-व्यवस्था और सामाजिक सुरक्षा के प्रति प्रशासन गंभीर है। बैठक में कलेक्टर ने निम्नलिखित महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश जारी किए:

  • मंदिरों की सुरक्षा: जिले के शासनाधीन सभी मंदिरों की सुरक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ करने के निर्देश दिए गए हैं। मंदिर प्रबंधकों को निर्देशित किया गया है कि वे सीसीटीवी कैमरे लगवाना सुनिश्चित करें। जो कैमरे वर्तमान में बंद हैं, उन्हें तत्काल मरम्मत कराकर चालू करने और इसकी रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा गया है।

  • निर्माण कार्यों में समन्वय: निर्माण विभागों की समीक्षा के दौरान कलेक्टर ने पाया कि कई परियोजनाएं विभागों के बीच आपसी तालमेल न होने के कारण रुकी हुई हैं। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि ऐसे मामले तत्काल उनके संज्ञान में लाए जाएं ताकि उच्च स्तर पर समन्वय स्थापित कर विकास कार्यों को गति दी जा सके।

जमीनी स्तर पर मॉनिटरिंग और मैदानी निरीक्षण

प्रशासनिक कार्य केवल कागजों तक सीमित न रहे, इसके लिए कलेक्टर ने 'फील्ड विजिट' को अनिवार्य कर दिया है:

  1. स्वास्थ्य एवं महिला-बाल विकास: जिला कार्यक्रम अधिकारी और मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी को निर्देशित किया गया है कि वे हर मंगलवार और शुक्रवार को आंगनवाड़ियों और स्वास्थ्य केंद्रों का व्यक्तिगत रूप से निरीक्षण करें।

  2. राजस्व प्रकरणों का भौतिक सत्यापन: एसडीएम स्तर के अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे रास्ता विवाद, अतिक्रमण हटाने और राजस्व संबंधी अन्य जटिल प्रकरणों का मौके पर पहुंचकर भौतिक सत्यापन करें। मैदानी स्तर पर ऐसी कार्रवाई निरंतर जारी रहने से शासन की कार्यशैली का असर धरातल पर दिखेगा।

बैठक में वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति

समीक्षा बैठक में जिले के आला अधिकारियों ने भाग लिया, जिसमें मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत श्री अमन वैष्णव, अपर कलेक्टर श्री बी.एस. कलेश, एसडीएम जावद श्री संजीव साहू, एसडीएम मनासा सुश्री किरण आंजना और डिप्टी कलेक्टर श्री चंद्र सिंह धारवे सहित सभी जिला स्तरीय अधिकारी मौजूद रहे।

कलेक्टर की यह बैठक इस बात का स्पष्ट संकेत है कि नीमच प्रशासन अब 'जीरो टॉलरेंस' और 'त्वरित समाधान' की नीति पर काम कर रहा है। आने वाले दिनों में इन निर्देशों का पालन सुनिश्चित करने के लिए विभागवार फॉलो-अप बैठकें भी आयोजित की जा सकती हैं, जिससे आम जनता को सरकारी सेवाओं का लाभ बिना किसी देरी के मिल सके।

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