मध्य प्रदेश के बालाघाट जिले में अवैध शराब के निर्माण, भंडारण और बिक्री के विरुद्ध चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत आबकारी विभाग ने एक बड़ी और सफल कार्रवाई को अंजाम दिया है। कलेक्टर श्री मृणाल मीणा के कड़े निर्देश और जिला आबकारी अधिकारी श्री अजीत एक्का के मार्गदर्शन में विभाग ने अवैध शराब के विरुद्ध एक बड़ा प्रहार किया है। इस कार्रवाई में लगभग 30 लाख रुपये मूल्य की सामग्री जब्त की गई है, जो क्षेत्र में अवैध कारोबारियों के लिए एक कड़ा संदेश है।
संयुक्त टीम ने की छापेमारी
मुखबिर से प्राप्त सटीक सूचनाओं के आधार पर, 15 जुलाई 2026 को आबकारी विभाग की एक संयुक्त टीम ने बालाघाट जिले के लालबर्रा विकासखंड के विभिन्न गांवों में दबिश दी। इस संयुक्त कार्रवाई में आबकारी वृत्त वारासिवनी, बालाघाट और लांजी की टीमों ने हिस्सा लिया। विभाग की टीम ने ग्राम पनबिहरी, साल्हे और चिचगांव में छापामार कार्रवाई कर अवैध शराब के कारोबार के अड्डों को ध्वस्त किया।
जब्त सामग्री और कार्रवाई का विवरण
इस छापामार कार्रवाई के दौरान विभाग ने व्यापक स्तर पर अवैध सामग्री बरामद की है। बरामदगी और कार्रवाई का संक्षिप्त विवरण निम्नलिखित है:
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महुआ लाहन की जब्ती: विभिन्न स्थानों पर प्लास्टिक के ड्रमों और डिब्बों में छिपाकर रखा गया लगभग 306 क्विंटल महुआ लाहन बरामद किया गया।
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अवैध शराब: टीम ने मौके से 45 लीटर हाथ भट्टी से निर्मित अवैध शराब भी जब्त की।
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भट्टियों का ध्वस्तीकरण: अवैध शराब बनाने के लिए संचालित की जा रही दो चालू भट्टियों को आबकारी विभाग ने मौके पर ही ध्वस्त कर दिया।
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नमूनाकरण और निपटान: विधि सम्मत प्रक्रिया का पालन करते हुए, जब्त किए गए महुआ लाहन के नमूने सुरक्षित रख लिए गए, जिसके बाद शेष लाहन को मौके पर ही नष्ट कर दिया गया।
कानूनी प्रक्रिया और विभाग का रुख
इस मामले में आबकारी विभाग ने मध्य प्रदेश आबकारी अधिनियम के प्रावधानों के अंतर्गत तीन पृथक-पृथक प्रकरण दर्ज किए हैं। फिलहाल पूरे मामले की विवेचना जारी है। आबकारी विभाग के अनुसार, जब्त की गई सामग्री का अनुमानित बाजार मूल्य लगभग 30 लाख रुपये है।
जिला आबकारी अधिकारी श्री अजीत एक्का ने बताया कि यह कार्रवाई जिले को अवैध शराब मुक्त बनाने के उद्देश्य से की गई है। उन्होंने स्पष्ट किया कि:
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अवैध शराब के निर्माण, संग्रहण और बिक्री के विरुद्ध यह अभियान पूरी तरह से निरंतर जारी रहेगा।
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जिले में इस प्रकार के अवैध कारोबार में लिप्त किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा और उनके विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
कार्रवाई में शामिल टीम
इस बड़ी संयुक्त कार्रवाई को सफल बनाने में विभागीय अधिकारियों और कर्मचारियों की भूमिका महत्वपूर्ण रही। कार्रवाई में वृत्त प्रभारी एवं उपनिरीक्षक संदीप श्रीवास, रमाकांत बघेल, मनोज अंजलेकर के नेतृत्व में टीम ने कार्य किया। इसके अतिरिक्त, मुख्य आरक्षक चिंतामणि मेहरबान, तथा आरक्षक मेघना, अनिता, भानु, विशाल और भूपेंद्र सहित पूरा आबकारी अमला इस दौरान सक्रिय रहा।
बालाघाट जिला प्रशासन और आबकारी विभाग का यह कदम जिले में शांति और कानून-व्यवस्था बनाए रखने की दिशा में एक प्रभावी प्रयास माना जा रहा है। अधिकारियों की इस सक्रियता से अवैध शराब माफियाओं में हड़कंप मच गया है।
Image Source: https://balaghat.mpinfo.org
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