*खाकी की चौखट पर शराब ठेकेदार*

उमरिया- सड़क दुघर्टना के बाद पुलिस एक्टिव क्या हुई गांव गली और सड़कों किनारे बिकने वाली अवैध शराब ठप्प पड़ गई, सुरा प्रेमियों से अधिक इसका गोरखधंधा करने वाले लोग भटकने लगे, गल्ले में लगातार चार दिनों से कमी होने लगी, जिसके बाद आबकारी विभाग को कोसते हुए शराब ठेकेदार पुलिस अधीक्षक की चौखट पर खड़े दिखाई दिये। बताया जाता है कि भरौला गांव में हुई सड़क दुघर्टना में 5 लोगों की मौत ने कानून व्यवस्था पर सवाल खड़े दिये हैं, इस घटना में 4 बेगुनाहों के साथ साथ पुलिस की एक काबिल आरक्षक महिला ने भी इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। इस घटना ने पुलिस के सामने कई सवाल खड़े किए जिसके बाद सड़कों पर बेतरतीब खड़े वाहनों और नशे का कारोबार चलाने वाले लोगों पर शिकंजा कस दिया। जिसके कारण शराब ठेकेदार एक मत होकर आज पुलिस अधीक्षक की शरण में जाकर श्रहिमाम श्रहिमाम करते हुए सरकार को राजस्व देने जैसे फिल्मी डायलॉग मारने लगे, हालांकि पुलिस अधीक्षक ने सबको बाहर का रास्ता दिखाते हुए कह दिया है कि यह सब नहीं चलेगा, जिसके बाद दुःखी ठेकेदार उल्टे पांव वापस हो लिये। सूत्रों का कहना है कि ठेकेदार ने साहब को यह भी बताया कि आबकारी विभाग गांव गांव बिक रही हाथ भट्टी शराब को पकड़ने में नाकाम है। वहीं आबकारी विभाग से संबध रखने वाले सूत्र बताते हैं कि शराब ठेकेदार अपनी शराब गांव गांव तक नहीं पहुंचा पा रहा है जिससे वह हमारी कार्यवाही पर सवाल खड़ा कर रहा है। बहरहाल जो भी हो सड़क दुघर्टना के बाद एक्शन में आई पुलिस की अवैध गतिविधियों पर नजर रखना व इसके संचालन पर रोक लगाने के लिए कार्यवाही शुरू करना काबिले तारीफ है, पर यह कड़ाई कब तक देखने को मिलती रहेगी यह देखना बाकी होगा।