आम नागरिकों की समस्याओं के समयबद्ध और प्रभावी समाधान के उद्देश्य से मंगलवार को बैतूल कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में साप्ताहिक जनसुनवाई का आयोजन किया गया। इस महत्वपूर्ण जनसुनवाई कार्यक्रम में जिले के विभिन्न ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों से बड़ी संख्या में पहुंचे नागरिकों ने अपनी व्यक्तिगत एवं सामूहिक समस्याओं से जुड़े आवेदन प्रशासनिक अधिकारियों के समक्ष रखे। इस दौरान जिला प्रशासन के मुखिया द्वारा नागरिकों की शिकायतों को पूरी गंभीरता के साथ सुना गया और संबंधित विभागों के अधिकारियों को इनके त्वरित एवं संतोषजनक निराकरण के लिए स्पष्ट निर्देश प्रदान किए गए।

जनसुनवाई में उमड़ी भीड़, कलेक्टर डॉ. सोनवणे ने सुनीं समस्याएं

बैतूल जिले में आयोजित इस साप्ताहिक जनसुनवाई के दौरान दूर-दराज के अंचलों से आए नागरिकों ने प्रशासनिक अधिकारियों के समक्ष अपनी समस्याएं प्रस्तुत कीं। जनसुनवाई की अध्यक्षता कर रहे बैतूल कलेक्टर डॉ. सौरभ संजय सोनवणे ने प्रातः 11 बजे से एक-एक कर सभी आवेदकों की बात को ध्यानपूर्वक सुना। जनसुनवाई के दौरान राजस्व, भूमि विवाद, पेंशन, आवास, बिजली, पानी सहित अन्य विभागों से जुड़ी विभिन्न शिकायतें प्राप्त हुईं। उन्होंने इस बात पर विशेष जोर दिया कि प्रत्येक प्राप्त आवेदन पर पूरी पारदर्शिता और नियमों के दायरे में रहकर कार्रवाई की जानी चाहिए, ताकि आम जनता को न्याय के लिए बार-बार कार्यालयों के चक्कर न काटने पड़ें।

इस उच्च स्तरीय जनसुनवाई में प्रशासनिक अमले की सक्रिय उपस्थिति रही। कार्यक्रम के दौरान अपर कलेक्टर श्रीमती वंदना जाट सहित अन्य अधिकारियों ने भी नागरिकों की समस्याएं सुनीं। इस अवसर पर विभिन्न प्रमुख विभागों के जिला अधिकारी और मैदानी अमला मौजूद रहा, ताकि मौके पर ही संबंधित विभागों को प्रकरणों के त्वरित निपटारे हेतु निर्देशित किया जा सके।

अतिक्रमण, कब्जा और सीमांकन से जुड़े प्रमुख मामले आए सामने

जनसुनवाई के दौरान बैतूल जिले के विभिन्न क्षेत्रों से आए नागरिकों ने अपनी अलग-अलग प्रकार की समस्याएं रखीं, जिन्हें संबंधित विभागों की ओर अग्रेषित किया गया और कई मामलों में मौके पर ही निराकरण कराया गया:

  • अतिक्रमण हटाने के निर्देश: रामनगर निवासी अशोक नागले ने जनसुनवाई में उपस्थित होकर अतिक्रमण हटाने को लेकर आवेदन प्रस्तुत किया। आवेदन पर त्वरित संज्ञान लेते हुए कलेक्टर ने बैतूल नगर पालिका के मुख्य नगर पालिका अधिकारी को निर्देशित किया कि संबंधित अतिक्रमणकर्ताओं को नोटिस जारी कर तीन दिनों के भीतर अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। साथ ही, इसका प्रतिवेदन भी प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए।

  • कब्जा और सीमांकन के प्रकरण: महावीर वार्ड टिकारी निवासी श्रीमती सजिता धोटे द्वारा कब्जा दिलाने के संबंध में प्रस्तुत आवेदन पर कलेक्टर ने बैतूल तहसीलदार को आवेदक की समस्या के त्वरित निराकरण के निर्देश दिए। इसके अलावा, बैतूल निवासी प्रमिला द्वारा भूमि के सीमांकन के लिए दिए गए आवेदन पर कलेक्टर ने राजस्व विभाग के संबंधित अधिकारी को प्रकरण का शीघ्र निराकरण करने के आदेश दिए।

  • अतिक्रमणकारियों पर कार्रवाई: आठनेर निवासी सुभाष चंद्र द्वारा अतिक्रमणकर्ताओं पर कड़ी कार्रवाई किए जाने की मांग को लेकर आवेदन प्रस्तुत किया गया, जिस पर कलेक्टर ने तहसीलदार आठनेर और नगर परिषद सीएमओ आठनेर को आवेदक की समस्या का समाधान करने के निर्देश दिए।

दूषित जल और पर्यावरण से जुड़ी गंभीर शिकायत

जनसुनवाई के दौरान केवल व्यक्तिगत विवाद ही नहीं, बल्कि सार्वजनिक स्वास्थ्य से जुड़ा एक गंभीर मामला भी सामने आया:

  • शुगर मिल के अपशिष्ट जल की शिकायत: ग्राम पंचायत दनोरा जीन के ग्रामीणों ने एक लिखित आवेदन के माध्यम से शिकायत की कि एक शुगर मिल द्वारा अपशिष्ट पदार्थ और हानिकारक जल ग्राम के नाले में छोड़ा जा रहा है। इस कारण पंचायती नल-जल योजना के कुएं दूषित हो रहे हैं और ग्रामीणों के स्वास्थ्य पर खतरा मंडरा रहा है। इस गंभीर शिकायत पर संज्ञान लेते हुए कलेक्टर ने संबंधित अधिकारी को तत्काल जांच करने और प्रकरण का उचित निराकरण सुनिश्चित करने के कड़े निर्देश दिए।

कलेक्टर के कड़े निर्देश: नागरिकों को दोबारा न आना पड़े

सभी आवेदनों को गंभीरता से देखने के बाद बैतूल कलेक्टर डॉ. सौरभ संजय सोनवणे ने उपस्थित सभी विभागीय अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे प्राप्त हुए हर एक आवेदन का त्वरित निराकरण सुनिश्चित करें। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि अधिकारी कागजी खानापूर्ति करने के बजाय धरातल पर जाकर समस्याओं का वास्तविक समाधान निकालें, ताकि आम नागरिकों को अपनी समस्याओं के समाधान के लिए जनसुनवाई में दोबारा न आना पड़े। प्रशासन की इस सक्रियता और तत्परता से जनसुनवाई में पहुंचे नागरिकों में अपनी समस्याओं के समाधान को लेकर एक सकारात्मक उम्मीद देखने को मिली।

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