बैतूल।मध्य प्रदेश के बैतूल जिला कांग्रेस कार्यालय में सोमवार को आयोजित संगठनात्मक बैठक के दौरान माहौल उस समय गरमा गया, जब पार्टी कार्यकर्ताओं के दो पक्षों के बीच तीखी बहस शुरू हो गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, विवाद इतना बढ़ गया कि दोनों पक्षों के बीच धक्का-मुक्की और नारेबाजी की स्थिति बन गई। मौके पर मौजूद वरिष्ठ नेताओं ने हस्तक्षेप कर मामला शांत कराया।

जानकारी के अनुसार, बैठक आगामी संगठनात्मक गतिविधियों और राजनीतिक रणनीति को लेकर बुलाई गई थी। इसी दौरान किसी मुद्दे पर मतभेद उभरने के बाद दोनों पक्ष आमने-सामने आ गए। घटना के बाद कांग्रेस की अंदरूनी गुटबाजी को लेकर एक बार फिर चर्चाएं तेज हो गई हैं।

सूत्रों का दावा है कि पार्टी के भीतर अलग-अलग गुट सक्रिय हैं और आमला विधानसभा की दावेदारी सहित विभिन्न राजनीतिक मुद्दों को लेकर भी मतभेद बने हुए हैं। हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है।

जिला कांग्रेस प्रवक्ता विजय पारधी ने आरोप लगाया कि बैठक के दौरान सुखदेव पांसे, नवनीत मालवीय और मनोज मालवे ने उनके साथ धक्का-मुक्की और गाली-गलौज की। उनका कहना है कि वह पिछले 15 वर्षों से कांग्रेस से जुड़े हैं और लगातार पार्टी के लिए कार्य करते आ रहे हैं। इस घटना से उन्हें गहरा आघात पहुंचा है।

इनका कहना है

"मैंने पूरे मामले से पार्टी के वरिष्ठ नेताओं को अवगत करा दिया है। अब आगे जो भी निर्णय होगा, वह पार्टी नेतृत्व करेगा।"

— विजय पारधी, जिला कांग्रेस प्रवक्ता

 

ब्लॉक अध्यक्ष का पक्ष आमला कांग्रेस के ब्लॉक अध्यक्ष विजेंद्र भावसार ने कहा कि उन्हें घटना की पूरी जानकारी नहीं है। वीडियो देखने और तथ्य सामने आने के बाद ही इस संबंध में कुछ कहा जा सकेगा।