बैतूल जिले में पशुपालकों को आधुनिक और वैज्ञानिक तरीकों से जोड़ने के लिए 'दुग्ध समृद्धि संपर्क अभियान' के तीसरे चरण का व्यापक स्तर पर संचालन किया जा रहा है। इस अभियान के अंतर्गत जिले के विभिन्न विकासखंडों में स्थानीय जनप्रतिनिधियों, वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों और पशुचिकित्सा विभाग के विशेषज्ञों ने सीधे पशुपालकों से संवाद किया।
कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों के पशुपालकों को वैज्ञानिक पशुपालन, पशुओं के उत्तम स्वास्थ्य, उन्नत नस्ल सुधार और दुग्ध उत्पादन में बढ़ोतरी करने के आधुनिक उपायों से अवगत कराना है। इसके साथ ही शासन की विभिन्न महत्वपूर्ण पशुपालन एवं दुग्ध विकास योजनाओं की जानकारी देकर उन्हें आधुनिक तकनीकों को अपनाकर अपनी आर्थिक आय में वृद्धि करने के लिए प्रेरित किया जा रहा है।
विकासखंड शाहपुर में जागरूकता कार्यक्रम
अभियान के तहत शाहपुर विकासखंड के अंतर्गत आने वाले ग्राम भौंरा में एक विशेष जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया।
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जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति: इस कार्यक्रम में घोड़ाडोंगरी विधायक श्रीमती गंगा सज्जन सिंह उईके तथा भूतपूर्व जनपद सदस्य श्री अशोक सिरोटिया विशेष रूप से उपस्थित रहे।
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प्रमुख जानकारियां: उन्होंने उपस्थित पशुपालकों को पशुओं के नस्ल सुधार, उचित पशु पोषण और उनके स्वास्थ्य की देखभाल से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां दीं।
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डिजिटल पहल और बीज वितरण: इस दौरान पशुपालकों को 'गौरस ऐप' के बारे में विस्तार से समझाया गया और अभियान से जुड़ी रील भी साझा की गईं। कार्यक्रम के दौरान क्षीरधारा ग्राम के संबंधित पशुपालक को माननीय विधायक द्वारा चरी-चारा बीज का किट भी वितरित किया गया। इस अवसर पर विकासखंड पशुचिकित्सा अधिकारी डॉ. राहुल सिंह और सहायक पशुचिकित्सा क्षेत्र अधिकारी श्री मुकुल चौधरी भी मौजूद रहे।
मुलताई विकासखंड में उन्नत तकनीकों का प्रदर्शन
मुलताई विकासखंड के ग्राम मुलताई में राज्य मंत्री का दर्जा प्राप्त जिला पंचायत बैतूल के अध्यक्ष श्री राजा पवार ने पशुपालक श्री प्रदीप पवार के निवास पर पहुंचकर सीधा निरीक्षण एवं संवाद किया।
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आधुनिक तकनीकें: इस अवसर पर पशुपालकों को उन्नत नस्ल के विकास के लिए कृत्रिम गर्भाधान और 'सेक्स-सॉर्टेड सीमेन' के उपयोग के बारे में बताया गया। इसके अलावा संतुलित आहार, सायलेज, मिनरल मिक्सचर, कृमिनाशक दवाओं के नियमित उपयोग और समय-समय पर टीकाकरण जैसी आधुनिक वैज्ञानिक पशुपालन तकनीकों पर जोर दिया गया।
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व्या व्यावसायिक लाभ: पशुपालकों को वैज्ञानिक एवं व्यावसायिक तरीके से पशुपालन अपनाकर दूध का उत्पादन बढ़ाने, उत्पादन की लागत को न्यूनतम करने और अधिकतम आर्थिक मुनाफा कमाने के उपाय बताए गए। पशुपालक द्वारा अपनी कुछ आवश्यकताएं और समस्याएं भी साझा की गईं, जिनके त्वरित निराकरण का पूरा आश्वासन दिया गया। इस महत्वपूर्ण अवसर पर संयुक्त संचालक पशुपालन एवं डेयरी विभाग भोपाल डॉ. सुनील परनाम और उप संचालक बैतूल डॉ. सुरजीत सिंह उपस्थित रहे।
घोड़ाडोंगरी विधानसभा में निरीक्षण और गौरस ऐप का प्रचार
इसी क्रम में घोड़ाडोंगरी विधानसभा क्षेत्र के पूर्व संसदीय सचिव एवं पूर्व विधायक श्री रामजीलाल उइके ने दुग्ध समृद्धि संपर्क अभियान के तृतीय चरण की व्यवस्थाओं का जायजा लिया। इस दौरान उनके साथ डॉ. कीर्ति ठाकरे और सहायक पशु चिकित्सा क्षेत्र अधिकारी श्री मनीराम अहाके भी उपस्थित रहे। श्री उइके ने पशुपालकों से चर्चा कर विभाग द्वारा दी जा रही सेवाओं की जमीनी हकीकत जानी और उन्हें 'गौरस ऐप' का अधिक से अधिक उपयोग करने के लिए प्रेरित किया, ताकि वे शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का पूरा लाभ उठा सकें।
कलेक्टर डॉ. सौरभ संजय सोनवणे का ग्राम बोरदेही दौरा
अभियान के तहत बैतूल विकासखंड के ग्राम बोरदेही में कलेक्टर डॉ. सौरभ संजय सोनवणे ने पशुपालक श्री अरविंद से प्रत्यक्ष संवाद किया।
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संतुलित पोषण पर विशेष बल: चर्चा के दौरान दुग्ध उत्पादन में वृद्धि करने, पशुओं के संतुलित पोषण और वैज्ञानिक पशुपालन पद्धतियों पर विस्तार से विचार-विमर्श हुआ। कलेक्टर डॉ. सोनवणे ने विशेष रूप से पशुओं को नियमित रूप से 'मिनरल मिक्सचर' खिलाए जाने के महत्व को बहुत ही सरल तरीके से समझाया।
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स्वास्थ्य लाभ: उन्होंने बताया कि मिनरल मिक्सचर के नियमित उपयोग से पशुओं का स्वास्थ्य हमेशा उत्तम रहता है, उनके दूध देने की क्षमता और प्रजनन क्षमता में उल्लेखनीय सुधार होता है तथा खनिज तत्वों की कमी से होने वाली बीमारियों की प्रभावी रोकथाम की जा सकती है। कलेक्टर ने इसकी उचित मात्रा और इस्तेमाल करने की सही विधि भी साझा की। इस दौरान पशुपालकों ने अपने अनुभव रखे और अपनी समस्याएं बताईं, जिस पर संबंधित अधिकारियों ने आवश्यक मार्गदर्शन प्रदान किया।
निष्कर्ष
बैतूल जिले में चलाया जा रहा 'दुग्ध समृद्धि संपर्क अभियान' पशुपालकों के जीवन स्तर को ऊंचा उठाने और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में एक मील का पत्थर साबित हो रहा है। प्रशासन और जनप्रतिनिधियों के इस संयुक्त प्रयास से जिले के किसानों और पशुपालकों में वैज्ञानिक पशुपालन के प्रति जागरूकता तेजी से बढ़ रही है।
image source : https://betul.mpinfo.org
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