मध्य प्रदेश के बुरहानपुर जिले से प्रशासनिक कसावट और अधिकारियों की जवाबदेही तय करने से जुड़ी एक बेहद महत्वपूर्ण और बड़ी खबर सामने आ रही है। बुरहानपुर जिले में आम नागरिकों की समस्याओं के त्वरित और संतोषजनक निराकरण के लिए शासन स्तर से चलाई जा रही सीएम हेल्पलाइन (CM Helpline) की शिकायतों के मामलों में ढिलाई बरतने वाले अधिकारियों पर अब जिला प्रशासन का डंडा चलना शुरू हो गया है। हाल ही में जिला मुख्यालय पर आयोजित एक उच्चस्तरीय समय-सीमा (टीएल) बैठक के दौरान कलेक्टर ने लंबित और अनटेंडेड शिकायतों पर गहरी नाराजगी व्यक्त की है। प्रशासन का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि शासन की मंशा के अनुरूप हर एक नागरिक की शिकायत का समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण समाधान हो सके, जिससे जनता को सरकारी दफ्तरों के चक्कर न काटने पड़ें।
सीएम हेल्पलाइन की पेंडेंसी और नॉन-अटेंड शिकायतों पर कड़ी नाराजगी
सोमवार को आयोजित इस महत्वपूर्ण टीएल बैठक में कलेक्टर ने विभिन्न विभागों में लंबित पड़ी सीएम हेल्पलाइन की शिकायतों और उन पर बरती जा रही लापरवाही की समीक्षा की। समीक्षा के दौरान यह बात सामने आई कि कई विभागों में शिकायतें लंबे समय से बिना किसी ठोस कारण के अटकी हुई हैं और कुछ मामलों में तो शिकायतों को 'नॉन-अटेंड' (Non-Attend) श्रेणी में छोड़ दिया गया है, जिसे प्रशासन ने बेहद गंभीरता से लिया है।
कलेक्टर ने बैठक में स्पष्ट और कड़े निर्देश देते हुए कहा कि जो शिकायतें लंबे समय से नॉन-अटेंड की स्थिति में हैं, उनके लिए सीधे तौर पर जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। ऐसे लापरवाह अधिकारियों के वेतन कटौती (Salary Deduction) की सख्त कार्रवाई अमल में लाई जाएगी ताकि प्रशासनिक कार्यों में किसी भी प्रकार की हीलाहवाली को रोका जा सके। इसके साथ ही, उन्होंने यह भी विशेष निर्देश दिए कि जो प्रकरण 100 दिनों से अधिक समय से लंबित चले आ रहे हैं, उनका प्राथमिकता के आधार पर त्वरित निराकरण किया जाए। कई मामलों में यह भी देखा गया कि अधिकारी शिकायत का निराकरण तो कर देते हैं, लेकिन उसका जवाब समय पर पोर्टल पर दर्ज नहीं करते हैं, जिसके चलते पेंडेंसी बनी रहती है। ऐसे अधिकारियों को तुरंत प्रभाव से कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए गए हैं। इसके अलावा, आम जनता की सुविधा से जुड़े समग्र पोर्टल से संबंधित शिकायतों की भी निकायवार विस्तृत समीक्षा की गई ताकि पोर्टल पर आ रही तकनीकी या मैदानी बाधाओं को दूर किया जा सके।
विभागों के बीच लंबित शिकायतों और आपसी समन्वय की समीक्षा
बैठक के दौरान केवल एक विभाग नहीं, बल्कि जिले के कई प्रमुख विभागों के कामकाज और उनकी शिकायतों की स्थिति की गहन समीक्षा की गई। समीक्षा के दायरे में आने वाले प्रमुख विभागों में स्वास्थ्य विभाग, खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग, जनजातीय कार्य विभाग, अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) कल्याण विभाग, लोक निर्माण विभाग (PWD), सामाजिक न्याय विभाग, श्रम विभाग तथा महिला एवं बाल विकास विभाग शामिल रहे।
इन तमाम महत्वपूर्ण विभागों से जुड़ी शिकायतों का लेखा-जोखा लेते हुए कलेक्टर ने इस बात पर जोर दिया कि विभागों के बीच आपसी समन्वय की कमी या पत्राचार के नाम पर अनावश्यक रूप से एक-दूसरे के पाले में डाली जा रही (घूम रही) शिकायतों के खेल को अब बंद किया जाए। उन्होंने सख्त लहजे में कहा कि विभागों के बीच लंबित या अनावश्यक रूप से चक्कर काट रही शिकायतों का समयबद्ध निराकरण हर हाल में सुनिश्चित किया जाना चाहिए। यदि भविष्य में ऐसी स्थिति दोबारा पाई जाती है, तो संबंधित विभागों के प्रमुख अधिकारियों को सीधे तौर पर नोटिस जारी किए जाएंगे और उनकी जवाबदेही तय की जाएगी। प्रशासनिक अमले को यह चेतावनी भी दी गई है कि आम जनता की शिकायतों के प्रति संवेदनशील रवैया अपनाया जाए।
आबकारी, कृषि और पौधरोपण अभियान की समीक्षा
विभिन्न विभागों की समीक्षा के साथ-साथ जिले की अन्य महत्वपूर्ण गतिविधियों और व्यवस्थाओं पर भी बैठक में विस्तार से चर्चा की गई। कानून व्यवस्था और अवैध गतिविधियों पर अंकुश लगाने के क्रम में आबकारी विभाग को स्पष्ट निर्देश दिए गए कि वे जिले में अवैध शराब के निर्माण, विक्रय और अन्य अवैध गतिविधियों के विरुद्ध लगातार और कड़ी कार्रवाई जारी रखें, ताकि असामाजिक तत्वों पर नकेल कसकी जा सके।
इसके साथ ही, कृषि विभाग के अधिकारियों से जिले में खाद, बीज और उर्वरकों की उपलब्धता व भंडारण की पूरी जानकारी ली गई, ताकि आगामी फसलों के सीजन में किसानों को किसी भी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े। बैठक में समय-सीमा (टीएल) के लंबित पत्रकों की भी बिंदुवार समीक्षा की गई, जिसमें अधिकारियों को यह निर्देश दिए गए कि वे सभी पेंडिंग प्रकरणों का शीघ्र और उच्च स्तर की गुणवत्ता के साथ निराकरण करें। इसके अलावा, पर्यावरण संरक्षण और हरियाली को बढ़ावा देने के उद्देश्य से चलाए जा रहे व्यापक पौधरोपण अभियान की प्रगति की भी समीक्षा की गई, जिसमें अधिकारियों को रोपे गए पौधों की सुरक्षा और देखभाल के पुख्ता इंतजाम करने को कहा गया।
बैठक में प्रशासनिक अधिकारियों की गरिमामयी उपस्थिति
इस उच्चस्तरीय और महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक में बुरहानपुर जिले के तमाम प्रमुख प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे। बैठक के दौरान मुख्य रूप से जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (CEO) एवं अपर कलेक्टर श्री सृजन वर्मा, बुरहानपुर की अनुविभागीय अधिकारी (SDM) श्रीमती पल्लवी पुराणिक सहित जिले के सभी विभागों के विभागाध्यक्ष और जिला स्तरीय प्रमुख अधिकारी अपनी-अपनी रिपोर्ट के साथ उपस्थित रहे। बैठक के अंत में प्रशासन ने सभी अधिकारियों को कड़ी चेतावनी देते हुए अपने दायित्वों का पूरी ईमानदारी और समयबद्धता के साथ निर्वहन करने का संदेश दिया है।
image source: https://burhanpur.mpinfo.org
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