छतरपुर। जिले में शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन और सामाजिक सहभागिता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से जिला पंचायत सभाकक्ष में एक महत्वपूर्ण बैठक का आयोजन किया गया। कलेक्टर पार्थ जैसवाल की अध्यक्षता में आयोजित इस बैठक में मध्यप्रदेश जन अभियान परिषद द्वारा संचालित 'दृष्टि योजना' के अंतर्गत 'पंख कार्यक्रम' की समीक्षा की गई। बैठक में मुख्य कार्यपालन अधिकारी (CEO) नमः शिवाय अरजरिया विशेष रूप से उपस्थित रहे।


1.प्रमुख बिंदु: एक नजर में

विषय विवरण
आयोजन स्थल जिला पंचायत सभाकक्ष, छतरपुर
अध्यक्षता कलेक्टर पार्थ जैसवाल
मुख्य उपस्थिति सीईओ जिला पंचायत नमः शिवाय अरजरिया
कार्यक्रम का नाम पंख कार्यक्रम (दृष्टि योजना के अंतर्गत)
प्रतिभागी जिले के 48 प्रमुख स्वैच्छिक संगठन (NGOs)

बैठक का मुख्य उद्देश्य: स्वैच्छिक संगठनों का सुदृढ़ीकरण

इस बैठक का प्राथमिक लक्ष्य जिले के विभिन्न सामाजिक क्षेत्रों में सक्रिय स्वैच्छिक संगठनों का पंजीयन, परीक्षण और मूल्यांकन करना है। परिषद का मानना है कि जब शासन और स्वयंसेवी संस्थाएं मिलकर कार्य करती हैं, तो अंतिम छोर के व्यक्ति तक लाभ पहुंचना आसान हो जाता है। कार्यक्रम के दौरान निम्नलिखित विषयों पर विशेष ध्यान केंद्रित किया गया:

  • पर्यावरण एवं संरक्षण: वन एवं ऊर्जा संरक्षण की दिशा में कार्य।

  • कृषि एवं स्वास्थ्य: जैविक खेती को बढ़ावा देना और नशामुक्ति अभियान।

  • सशक्तिकरण: महिला सशक्तिकरण और 'स्वावलंबी भारत' का निर्माण।

  • शिक्षा एवं संस्कार: सामाजिक मूल्यों और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का प्रसार।


2.कलेक्टर का आह्वान: समन्वय और नवाचार पर जोर

कलेक्टर पार्थ जैसवाल ने उपस्थित संगठनों के प्रतिनिधियों को संबोधित करते हुए कहा कि स्वयंसेवी संस्थाएं शासन और जनता के बीच एक मजबूत सेतु का कार्य करती हैं। उन्होंने निम्नलिखित महत्वपूर्ण बिंदुओं पर मार्गदर्शन दिया:

  1. सक्रिय सहयोग: शासन की योजनाओं और जनकल्याणकारी अभियानों के प्रचार-प्रसार में संगठन सक्रिय भूमिका निभाएं।

  2. शासकीय समन्वय: पात्र हितग्राहियों को लाभ दिलाने के लिए शासकीय अमले के साथ तालमेल बिठाकर कार्य करें।

  3. नवाचारों का स्वागत: यदि किसी क्षेत्र में संस्था द्वारा कोई अनूठा प्रयोग (Innovation) किया गया है, तो उसे साझा करें।

  4. सुझाव और जानकारी: यदि कोई पात्र व्यक्ति योजना के लाभ से वंचित है, तो उसकी जानकारी प्रशासन तक पहुंचाएं ताकि तत्काल सुधार किया जा सके।


3.प्रत्यायन (Accreditation) की प्रक्रिया और महत्त्व

बैठक में यह स्पष्ट किया गया कि संगठनों की कार्यप्रणाली का सूक्ष्मता से आकलन किया जाएगा। यह मूल्यांकन निम्नलिखित आधारों पर होगा:

  • संगठनों की मैदानी गतिविधियां और धरातल पर उनका प्रभाव।

  • कार्यालयीन प्रबंधन और वार्षिक प्रतिवेदन

  • प्रकाशित दस्तावेजों के आधार पर उनकी ताकत (Strengths), कमजोरियों (Weaknesses) और अवसरों (Opportunities) का विश्लेषण।

महत्व: यह प्रत्यायन भविष्य में विभिन्न शासकीय विभागों को जिले के अलग-अलग क्षेत्रों में उपयुक्त और विश्वसनीय स्वयंसेवी संस्थाएं उपलब्ध कराने का एक प्रामाणिक आधार बनेगा।


4.विभागीय अधिकारियों और प्रतिनिधियों की उपस्थिति

कार्यक्रम की शुरुआत में जिला समन्वयक आशिष ताम्रकार ने पावर पॉइंट प्रेजेंटेशन के माध्यम से मध्यप्रदेश जन अभियान परिषद की योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी। बैठक में जिले के 48 संगठनों के प्रतिनिधियों के साथ-साथ विभिन्न विभागों के प्रमुख अधिकारी भी शामिल हुए:

  • विकासखंड समन्वयक: अनिल कुमार निगम, मनीष शर्मा, श्रीकांत मिश्रा, अनुपमा नायक।

  • विभागीय अधिकारी: अशोक जैसवानी (पशुपालन), दिनेश दीक्षित (महिला एवं बाल विकास), ए.के. मिश्रा (कृषि विभाग), एस.पी. अहिरवार (उद्यानिकी), डॉ. आर.आर.पी. गुप्ता (स्वास्थ्य विभाग) सहित उद्योग विभाग के अधिकारी।


5.निष्कर्ष:

मध्यप्रदेश जन अभियान परिषद की यह पहल छतरपुर जिले में सामाजिक विकास की दिशा में एक बड़ा कदम मानी जा रही है। स्वैच्छिक संगठनों के इस डेटाबेस और मूल्यांकन से भविष्य में सरकारी योजनाओं को अधिक पारदर्शी और प्रभावी तरीके से लागू करने में मदद मिलेगी।

image source:https://chhatarpur.mpinfo.org