छतरपुर। मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले में प्रशासनिक व्यवस्था को अधिक चुस्त-दुरुस्त बनाने, किसानों को सरकारी योजनाओं का त्वरित लाभ दिलाने और आम जनता की राजस्व संबंधी समस्याओं के जल्द से जल्द निराकरण के उद्देश्य से जिला प्रशासन ने अपनी कमर कस ली है। इसी कड़ी में मंगलवार को छतरपुर जिले के कलेक्टर श्री पार्थ जैसवाल ने कलेक्ट्रेट कक्ष से एक अत्यंत महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक का आयोजन किया। आम जनता और किसानों के हितों को सर्वोपरि रखते हुए आयोजित की गई यह बैठक वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग (वीसी) के माध्यम से संपन्न हुई, जिसमें जिले भर के राजस्व अधिकारियों के कार्यों की गहन और बिंदुवार समीक्षा की गई। प्रशासन का मुख्य फोकस किसानों की 'फॉर्मर रजिस्ट्री' प्रक्रिया को तेज करने और बरसों से लंबित पड़े नामांतरण, सीमांकन और बंटवारे के प्रकरणों को तय समय-सीमा के भीतर निपटाने पर रहा।
प्रशासनिक पारदर्शिता और जवाबदेही को सुनिश्चित करने वाली इस अहम बैठक में दिए गए निर्देशों और चर्चा के प्रमुख बिंदुओं का विस्तृत विवरण इस प्रकार है:
1. वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग (वीसी) के माध्यम से राजस्व कार्यों की सघन समीक्षा कलेक्टर श्री पार्थ जैसवाल के कुशल नेतृत्व में मंगलवार को कलेक्ट्रेट कक्ष से पूरे छतरपुर जिले के राजस्व विभाग के कामकाज की वर्चुअली (वीसी के माध्यम से) समीक्षा की गई। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना था कि शासन की जनकल्याणकारी योजनाएं धरातल पर सही ढंग से लागू हो रही हैं या नहीं। अधिकारियों को स्पष्ट संदेश दिया गया कि जनता से जुड़े कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही या लेटलतीफी को कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
2. जिले के आला अधिकारियों की बैठक में उपस्थिति इस महत्वपूर्ण वीसी बैठक में छतरपुर जिले के कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे, जो इस समीक्षा की गंभीरता को दर्शाता है। बैठक में मुख्य रूप से जिला पंचायत के सीईओ (मुख्य कार्यपालन अधिकारी) श्री नमः शिवाय अरजरिया, संयुक्त कलेक्टर श्रीमती अंजली द्विवेदी, गौरिहार के एसडीएम (उपखंड दंडाधिकारी) श्री बलबीर रमन सहित जिले के अन्य सभी संबंधित राजस्व अधिकारी वर्चुअली उपस्थित रहे। सभी अधिकारियों ने अपने-अपने क्षेत्रों की प्रगति रिपोर्ट कलेक्टर के समक्ष प्रस्तुत की।
3. फॉर्मर रजिस्ट्री (Farmer Registry) के लिए एक-एक ग्राम के सघन भ्रमण के निर्देश किसानों को डिजिटल प्लेटफॉर्म से जोड़ने और उन्हें उनकी उपज का सही लाभ दिलाने के लिए शासन द्वारा 'फॉर्मर रजिस्ट्री' (किसानों का पंजीकरण) का कार्य प्राथमिकता से किया जा रहा है। कलेक्टर श्री जैसवाल ने इस कार्य की धीमी प्रगति पर चिंता व्यक्त करते हुए सभी राजस्व अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अधिकारी केवल कार्यालयों में बैठकर काम न करें, बल्कि एक-एक ग्राम (हर एक गांव) में जाकर सघन भ्रमण करें और किसानों को जागरूक करते हुए फॉर्मर रजिस्ट्री के कार्य में तेजी लाएं।
4. उपार्जन केन्द्रों पर किसानों की उपस्थिति का लाभ उठाने की विशेष रणनीति किसानों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए कलेक्टर ने एक बेहद व्यावहारिक निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि जिले के जिन 'उपार्जन केन्द्रों' (फसल खरीदी केंद्रों) पर किसानों का अपनी फसल बेचने के लिए नियमित रूप से आवागमन होता है, वहां किसानों की भीड़ का सदुपयोग किया जाए। इन उपार्जन केन्द्रों पर विशेष कैम्प (शिविर) लगाए जाएं ताकि जो किसान वहां आ रहे हैं, उनकी मौके पर ही 'फॉर्मर आईडी' बनाई जा सके और रजिस्ट्री का कार्य बिना किसी अतिरिक्त परेशानी के पूर्ण हो सके।
5. निकायों एवं जनपदों में कैम्प लगाकर कर्मचारियों की ड्यूटी लगाने के आदेश फॉर्मर रजिस्ट्री के लक्ष्य को शत-प्रतिशत हासिल करने के लिए कलेक्टर ने एसडीएम (SDM) को निर्देशित किया है कि वे जिले के सभी नगरीय निकायों और जनपद पंचायतों में भी विशेष कैम्प आयोजित करें। इसके लिए बाकायदा 'कैम्प ऑर्डर' (आदेश) निकाले जाएं और आवश्यक कर्मचारियों की ड्यूटी लगाकर इस महत्वपूर्ण कार्य में प्रगति बढ़ाई जाए।
6. छतरपुर नगर, ग्रामीण, बक्सवाहा व घुवारा के तहसीलदारों को विशेष हिदायत समीक्षा के दौरान जिन क्षेत्रों में फॉर्मर रजिस्ट्री का काम संतोषजनक नहीं पाया गया, वहां के अधिकारियों को कलेक्टर ने अलग से चेताया। उन्होंने फॉर्मर रजिस्ट्री में प्रगति और सुधार लाने हेतु विशेष रूप से छतरपुर नगर, छतरपुर ग्रामीण, बक्सवाहा और घुवारा के तहसीलदारों को कड़े निर्देश दिए हैं कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में कार्य की गति बढ़ाएं और तय लक्ष्यों की जल्द से जल्द प्राप्ति सुनिश्चित करें।
7. आमजन को राहत: नामांतरण, सीमांकन व बंटवारा के प्रकरणों की समय-सीमा में हो छटनी किसानों और ग्रामीण जनता की सबसे बड़ी समस्या राजस्व न्यायालयों में लंबित जमीन के मामले होते हैं। कलेक्टर ने आम जनता से सीधे तौर पर जुड़े 'नामांतरण' (स्वामित्व परिवर्तन), 'सीमांकन' (जमीन की नपाई) और 'बंटवारा' के लंबित प्रकरणों की एक-एक कर समीक्षा की। उन्होंने सभी अधिकारियों को सख्त लहजे में निर्देश दिए हैं कि इन सभी राजस्व प्रकरणों का निराकरण शासन द्वारा निर्धारित समय-सीमा के भीतर ही किया जाए। बेवजह मामलों को अटकाने की प्रवृत्ति पर रोक लगनी चाहिए।
8. क्षेत्रवार अधिकारियों की तय की गई जवाबदेही और दिए गए कड़े निर्देश लंबित प्रकरणों की समीक्षा के दौरान कलेक्टर ने क्षेत्रवार अधिकारियों को उनकी कमजोर कार्यप्रणाली के लिए विशेष रूप से प्रगति सुधारने के निर्देश दिए:
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नामांतरण के प्रकरण: नामांतरण के लंबित मामलों में तेजी लाने के लिए तहसीलदार सटई, नायब तहसीलदार पठा और सौरा को विशेष हिदायत दी गई।
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सीमांकन के प्रकरण: जमीन के सीमांकन से जुड़े मामलों को सुलझाने के लिए तहसील नौगांव, मातगुवां, तथा नायब तहसीलदार छठी बम्हौरी और घुवारा को सख्त निर्देश दिए गए।
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बंटवारा के प्रकरण: पारिवारिक और जमीनी बंटवारे के मामलों को निपटाने के लिए नायब तहसीलदार झमटुली, बाजना व देवरा के संबंधित राजस्व अधिकारियों को अपनी कार्यप्रणाली और प्रगति में तत्काल सुधार लाने के निर्देश दिए गए हैं।
9. राष्ट्रीय कार्य: जनगणना एवं मकानों के सूचीकरण (HLB) की विस्तृत समीक्षा राजस्व कार्यों के अतिरिक्त बैठक का एक अन्य महत्वपूर्ण पहलू आगामी जनगणना की तैयारियां रहा। कलेक्टर ने राष्ट्रीय महत्व के इस कार्य की समीक्षा करते हुए मकानों के सूचीकरण (HLB - हाउस लिस्टिंग ब्लॉक) के कार्यों का जायजा लिया। उन्होंने सभी राजस्व अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि जनगणना से जुड़े इस बेहद अहम एचएलबी (HLB) कार्य को जल्द से जल्द और पूरी सटीकता के साथ पूर्ण कराया जाए।
10. छतरपुर तहसील में एचएलबी कार्य के लिए विशेष मॉनिटरिंग और सहायक कर्मचारियों की तैनाती छतरपुर तहसील के आकार और वहां की जनसंख्या को देखते हुए, कलेक्टर ने एचएलबी कार्य को समय पर पूर्ण कराने के लिए छतरपुर एसडीएम को विशेष 'मॉनिटरिंग' (निगरानी) करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने यह भी कहा कि इस कार्य में किसी भी प्रकार की देरी न हो, इसके लिए आवश्यकतानुसार सहायक कर्मचारियों को लगाकर एचएलबी (मकानों के सूचीकरण) का काम तेजी से निपटाया जाए।
11. शत-प्रतिशत लक्ष्य हासिल करने पर गौरिहार तहसील की टीम का सम्मान इस समीक्षा बैठक में जहां काम में ढिलाई बरतने वालों को सख्त हिदायत मिली, वहीं उत्कृष्ट कार्य करने वालों की प्रशंसा भी की गई। जिले की 'प्रथम गौरिहार तहसील' द्वारा एचएलबी (HLB) का कार्य शत-प्रतिशत (100%) पूर्ण कर लिया गया है। इस शानदार उपलब्धि पर कलेक्टर श्री पार्थ जैसवाल ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए गौरिहार के एसडीएम, वहां के चार्ज अधिकारी एवं सम्पूर्ण टीम को अपनी ओर से हार्दिक बधाई दी और उनके कार्यों की सराहना की।
12. जनगणना कार्यों में पिछड़ रहे क्षेत्रों को प्रगति बढ़ाने के निर्देश बैठक के अंत में, कलेक्टर ने उन तहसीलों और क्षेत्रों की भी पहचान की जहां मकानों की जनगणना (एचएलबी) का कार्य धीमी गति से चल रहा है। उन्होंने छतरपुर, सटई, राजनगर, नौगांव, गढ़ीमलहरा, बिजावर और घुवारा के संबंधित राजस्व अधिकारियों को निर्देशित किया है कि वे मकानों की जनगणना कार्यों में विशेष रूप से प्रगति बढ़ाएं और सुनिश्चित करें कि कोई भी घर सूचीकरण से वंचित न रहे।
निष्कर्षतः, छतरपुर कलेक्टर द्वारा ली गई यह वीसी बैठक इस बात का स्पष्ट संकेत है कि जिला प्रशासन किसानों की उन्नति और आम जनता के राजस्व मामलों को सुलझाने के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध है और कार्य में लापरवाही करने वाले अधिकारियों पर प्रशासन की पैनी नजर बनी हुई है।
image source :https://chhatarpur.mpinfo.org
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