जिला मुख्यालय पर आयोजित होने वाली जनसुनवाई आम नागरिकों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने और उनकी समस्याओं का प्रशासनिक स्तर पर त्वरित समाधान करने का एक सशक्त माध्यम बन चुकी है। इसी कड़ी में मंगलवार को जिला मुख्यालय पर एक बार फिर जनसुनवाई का आयोजन किया गया, जिसमें दूरदराज के ग्रामीण क्षेत्रों और शहरी इलाकों से पहुंचे सैकड़ों फरियादियों ने अपनी समस्याएं प्रशासनिक अधिकारियों के समक्ष रखीं। जनसुनवाई की सबसे बड़ी विशेषता यह रही कि कई गंभीर और लंबे समय से लंबित मामलों का समाधान टेबल पर बैठे-बैठे ही मौके पर सुनिश्चित किया गया, जिससे आवेदकों के चेहरों पर संतोष और राहत साफ झलक रही थी।
बासौदा तहसील के हिरनोदा गांव के किसान को मिली बड़ी राहत
जनसुनवाई के दौरान प्रशासनिक संवेदनशीलता का एक बेहतरीन उदाहरण बासौदा तहसील के अंतर्गत आने वाले हिरनोदा गांव के निवासी श्री शंकर सिंह अहिरवार के मामले में देखने को मिला। आवेदक श्री शंकर सिंह अहिरवार अपनी कृषि भूमि की भू-अधिकार (ऋण) पुस्तिका बनवाने के लिए लंबे समय से विभिन्न कार्यालयों के चक्कर काट रहे थे और काफी परेशान हो चुके थे।
जैसे ही यह मामला विदिशा जिला मुख्यालय पर आयोजित जनसुनवाई में कलेक्टर श्री अंशुल गुप्ता के संज्ञान में आया, उन्होंने इसे अत्यंत गंभीरता से लिया। कलेक्टर के कड़े और त्वरित निर्देशों के बाद प्रशासनिक अमला हरकत में आया। संबंधित अधिकारियों ने बिना किसी विलंब के तत्काल कार्रवाई करते हुए दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्र हिरनोदा से आए आवेदक श्री शंकर सिंह अहिरवार की कृषि भूमि की भू-अधिकार पुस्तिका मौके पर ही तैयार करवा ली और उन्हें सौंप दी। हाथों-हाथ ऋण पुस्तिका प्राप्त होने पर आवेदक ने जनसुनवाई की कार्यप्रणाली और जिला प्रशासन की त्वरित व्यवस्था पर गहरी संतुष्टि व्यक्त की।
बैंक खातों से जुड़ी समस्याओं और मृतक आश्रितों के प्रकरणों पर त्वरित कार्रवाई
मंगलवार को आयोजित इस जनसुनवाई में वित्तीय और बैंकिंग लेन-देन से जुड़ी कई जटिल समस्याएं भी सामने आईं, जिन पर अधिकारियों ने तुरंत संज्ञान लिया। विदिशा शहर के दुर्गा नगर हाजी बली तालाब क्षेत्र की निवासी यशोदा नरवरिया और रचना नरवरिया अपनी मां के निधन के उपरांत उनके बैंक खातों से जुड़ी समस्या को लेकर जनसुनवाई में उपस्थित हुई थीं। उन्होंने आवेदन के माध्यम से अवगत कराया कि उनकी माता की मृत्यु के पश्चात उनके बैंक खाते में जमा फिक्स्ड डिपॉजिट (एफडी) की एक लाख रुपये और बचत खाते में जमा पांच हजार रुपये की राशि प्राप्त करने में कठिनाई आ रही है।
खाते में किसी भी प्रकार का नॉमिनेशन दर्ज न होने के कारण बैंक से यह राशि मिलने में बाधा उत्पन्न हो रही थी। इस महत्वपूर्ण और संवेदनशील मामले को सुनते ही कलेक्टर ने लीड बैंक ऑफिसर को कड़े निर्देश दिए। निर्देशानुसार, उत्तराधिकारी नामा तैयार करवाकर बैंक में जमा राशि को मृतका के वैध वारिसानों को विधिवत दिलाए जाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है, जिससे पीड़ित परिवार को बड़ी आर्थिक राहत मिलने की उम्मीद बंध गई है।
इसी प्रकार, ग्राम गुरारिया हवेली के निवासी श्री रमेश किरार ने अपने व्यक्तिगत बैंक खाते पर अचानक हॉल्ड लग जाने की समस्या से जिला प्रशासन को अवगत कराया। उनके दैनिक जीवन और आर्थिक गतिविधियों पर इसके प्रतिकूल प्रभाव को देखते हुए, जनसुनवाई से संबंधित बैंक को तत्काल निर्देशित किया गया है कि वे नियमों के दायरे में रहते हुए त्वरित कार्यवाही करें और आवेदक के बैंक खाते से हॉल्ड को शीघ्र हटाएं।
आवास, नामांतरण और प्रमाण पत्रों से जुड़े मामलों में प्रशासनिक निर्देश
जनसुनवाई के दौरान केवल वित्तीय या भूमि ऋण पुस्तिका ही नहीं, बल्कि आम नागरिकों के जीवन से जुड़े विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं और प्रशासनिक दस्तावेजों के लंबित मामलों पर भी गंभीर रुख अपनाया गया। सिरोंज तहसील के अंतर्गत आने वाले ग्राम घेासुवाताल के निवासी श्री कैलाश नारायण शर्मा ने प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत पट्टा दिलाए जाने की मांग को लेकर एक औपचारिक आवेदन प्रस्तुत किया। इस आवेदन पर त्वरित संज्ञान लेते हुए सिरोंज तहसीलदार को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि वे इस मामले की पूरी और निष्पक्ष जांच करें। जांच प्रक्रिया पूर्ण होने के बाद नियमानुसार आवश्यक कार्यवाही करते हुए आवेदक को प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत पट्टा उपलब्ध कराया जाना सुनिश्चित किया जाए।
शमशाबाद तहसील के ग्राम सकतपुर से पहुंचे आवेदक श्री गणेशराम पंथी ने राजस्व रिकॉर्ड से जुड़ी एक अहम समस्या की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि नामांतरण पंजी में वर्तमान रिकॉर्ड और भूमिस्वामियों के नाम व रकबे में सुधार की आवश्यकता है। उनकी इस शिकायत को गंभीरता से लेते हुए संबंधित राजस्व अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि वे इस त्रुटि का शीघ्र और त्रुटिरहित निराकरण करें ताकि भविष्य में किसान को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।
इसके अतिरिक्त, विदिशा के रीठा पाठक क्षेत्र के निवासी श्री रविंद्र राय ने अपने पिता स्वर्गीय श्री लक्ष्मी नारायण राय का मृत्यु प्रमाण पत्र बनवाए जाने के संबंध में अपनी बात रखी। वहीं, ग्राम चिड़ोरिया के निवासी श्री पृथ्वी सिंह लोधी ने ऑनलाइन खसरा नक्शे में बटान किए जाने से संबंधित आवेदन प्रस्तुत किया। लटेरी तहसील के बूढ़ाखेड़ी गांव के निवासी श्री अली खान ने अपनी भूमि का सीमांकन आदेश पारित हो जाने के बावजूद धरातल पर सीमांकन कार्य पूर्ण नहीं होने की पीड़ा व्यक्त की। इन सभी मामलों में संबंधित क्षेत्र के तहसीलदारों और राजस्व निरीक्षकों को स्पष्ट समय-सीमा के भीतर आवश्यक कानूनी और मैदानी प्रक्रिया पूरी कर समस्याओं का शत-प्रतिशत समाधान करने के निर्देश दिए गए हैं।
अतिक्रमण, पेंशन और सामाजिक सुरक्षा मामलों का त्वरित संज्ञान
ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के नागरिकों की अन्य बुनियादी समस्याओं पर भी जनसुनवाई के दौरान पूरा फोकस रखा गया। विदिशा शहरी क्षेत्र में निवास करने वाली श्रीमती राजकुमारी अहिरवार ने शिकायत दर्ज कराई कि उनके पड़ोसी द्वारा सरकारी सड़क पर तिरपाल डालकर अवैध रूप से अतिक्रमण कर लिया गया है, जिससे आवागमन में भारी असुविधा का सामना करना पड़ रहा है।
लटेरी तहसील के उनारसी कला के निवासी श्री तोरण सिंह अहिरवार ने हरिजन एक्ट के प्रावधानों के तहत नियमानुसार मिलने वाली सहायता राशि अब तक प्राप्त न होने की गंभीर समस्या से अधिकारियों को अवगत कराया। इस पर तुरंत कार्रवाई करते हुए संबंधित विभाग के अधिकारी को निर्देशित किया गया कि वे सभी औपचारिकताएं जल्द से जल्द पूरी कर आवेदक को हरिजन एक्ट के तहत मिलने वाली राहत राशि का भुगतान कराएं।
विदिशा नगरीय क्षेत्र के वार्ड नंबर 19 लोहांगी क्षेत्र में निवास करने वाले एक बुजुर्ग आवेदक श्री महेश कुमार ने अपनी वृद्धावस्था/दिव्यांगता पेंशन से जुड़ी व्यथा सुनाई। उन्होंने बताया कि पिछले चार महीनों से उन्हें पेंशन की राशि लगातार नहीं मिल पा रही है, जिससे उनके सामने भरण-पोषण का संकट खड़ा हो गया है। इस मानवीय मामले को संज्ञान में लेते हुए मौके पर ही उपस्थित संबंधित विभाग के अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए गए कि पेंशन प्राप्ति में आ रही तकनीकी या कागजी बाधाओं को तत्काल प्रभाव से दूर किया जाए और बुजुर्ग आवेदक की रुकी हुई पेंशन राशि को पुनः बहाल करते हुए नियमित भुगतान सुनिश्चित किया जाए।
जनसुनवाई की उपयोगिता और प्रशासनिक प्रतिबद्धता
मंगलवार को आयोजित इस व्यापक जनसुनवाई के दौरान प्राप्त हुए विभिन्न आवेदनों में प्रशासन द्वारा दिखाई गई तत्परता और गंभीरता ने यह साबित कर दिया है कि शासन-प्रशासन जनता की समस्याओं के प्रति पूरी तरह जवाबदेह है। इस पूरी प्रक्रिया के दौरान सीमांकन, नामांतरण, वृद्धावस्था पेंशन, प्रधानमंत्री आवास योजना, अतिक्रमण हटाने, स्वास्थ्य सेवाओं, शिक्षा, बिजली और अन्य राजस्व से जुड़े दर्जनों मामलों पर मौके पर ही या समय-सीमा के भीतर निराकरण के स्पष्ट निर्देश दिए गए।
इन ठोस और त्वरित कदमों से जहां एक ओर पीड़ित और परेशान आवेदकों को वास्तविक राहत मिली है, वहीं दूसरी ओर शासन की योजनाओं और प्रशासनिक व्यवस्था के प्रति आम जनमानस का विश्वास और अधिक मजबूत हुआ है। इस उच्चस्तरीय और महत्वपूर्ण जनसुनवाई के दौरान अपर कलेक्टर, संयुक्त कलेक्टर, डिप्टी कलेक्टर सहित विभिन्न प्रमुख विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी पूरी मुस्तैदी के साथ मौजूद रहे और उन्होंने अपने-अपने विभागों से जुड़े प्रकरणों को नोट कर उनके समयबद्ध निराकरण का जिम्मा उठाया।
image source : https://vidisha.mpinfo.org
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