कटनी जिले में सड़क सुरक्षा एवं यातायात व्यवस्था को पूरी तरह से सुदृढ़ और सुरक्षित बनाने की दिशा में जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन द्वारा एक बेहद महत्वपूर्ण, दूरदर्शी और कड़े कदम उठाए गए हैं। कलेक्टर श्री आशीष तिवारी एवं पुलिस अधीक्षक श्री अभिनय विश्वकर्मा के कुशल मार्गदर्शन तथा सख्त निर्देशों के अनुपालन में हाल ही में जिला मुख्यालय स्थित कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में हाईवा और अन्य भारी वाहन संचालकों एवं परिवहन व्यवसायियों की एक उच्चस्तरीय बैठक संपन्न हुई। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य जिले में लगातार बढ़ रही सड़क दुर्घटनाओं पर प्रभावी और ठोस अंकुश लगाना तथा आम नागरिकों की सुरक्षित आवाजाही को शत-प्रतिशत सुनिश्चित करना था। प्रशासन ने दो टूक शब्दों में स्पष्ट संदेश दिया है कि कटनी जिले में सड़क सुरक्षा से किसी भी प्रकार का कोई समझौता नहीं किया जाएगा और यातायात नियमों की अनदेखी करने वालों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति के तहत कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
इस महत्वपूर्ण बैठक में परिवहन विभाग, पुलिस विभाग और खनिज विभाग के प्रमुख अधिकारियों ने सक्रिय रूप से हिस्सा लिया। बैठक की अध्यक्षता करते हुए जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों ने इस बात पर जोर दिया कि सड़क सुरक्षा महज एक कागजी कार्रवाई या औपचारिकता नहीं है, बल्कि यह हर नागरिक के जीवन की सुरक्षा से जुड़ा हुआ अत्यंत गंभीर और संवेदनशील मामला है। इस उच्चस्तरीय बैठक में उपसंचालक खनिज श्री रत्नेश दीक्षित, अतिरिक्त क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी श्री संतोष पाल, यातायात थाना प्रभारी निरीक्षक श्री अनूप सिंह सहित विभिन्न विभागों के संबंधित अधिकारी और कटनी जिले के प्रमुख परिवहन व्यवसायी एवं वाहन संचालक उपस्थित रहे। अधिकारियों ने बैठक के दौरान सभी वाहन संचालकों को स्पष्ट रूप से चेताया कि सड़क दुर्घटनाओं में प्रभावी कमी लाने के लिए अब प्रशासन पूरी तरह से सख्त रुख अपनाएगा और किसी भी स्तर पर होने वाली लापरवाही को बिल्कुल बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
बैठक में लिए गए सबसे कड़े और कड़े तेवरों वाले निर्णयों में से एक शराब पीकर वाहन चलाने वाले चालकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई से संबंधित है। प्रशासन ने यह कड़ा निर्णय लिया है कि यदि कोई भी चालक शराब या किसी भी नशीले पदार्थ का सेवन कर वाहन चलाते हुए पकड़ा जाता है, तो उसके विरुद्ध मोटरयान अधिनियम की धारा 185 के तहत तत्काल सख्त वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। इसके साथ ही, ऐसे लापरवाह और नियम तोड़ने वाले चालकों के ड्राइविंग लाइसेंस के निरस्तीकरण हेतु योग्य प्रकरण तैयार कर अतिरिक्त क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय (RTO) को भेजे जाएंगे, ताकि उन्हें भविष्य के लिए सड़कों पर वाहन चलाने से पूरी तरह प्रतिबंधित किया जा सके। नशे की हालत में वाहन चलाना न केवल चालक की अपनी जान के लिए एक बड़ा खतरा है, बल्कि यह सड़क पर चलने वाले अन्य मासूम और निर्दोष नागरिकों के जीवन को भी गंभीर खतरे में डालता है, जिसे अब किसी भी कीमत पर सहन नहीं किया जाएगा।
प्रशासन के रडार पर अब विशेष रूप से ओवरलोडिंग, ओवरस्पीड और बिना नंबर प्लेट के बेखौफ संचालित होने वाले भारी वाहन आ चुके हैं। बैठक में यह पुख्ता निर्णय लिया गया कि खनिज विभाग, परिवहन विभाग और यातायात पुलिस की संयुक्त टीमें बनाकर एक व्यापक, सघन और कड़ा अभियान चलाया जाएगा। शहर की सीमा के भीतर भारी वाहनों के प्रवेश के लिए समय-सीमा पहले से ही तय की जा चुकी है, और यह स्पष्ट कर दिया गया है कि निर्धारित समय के अतिरिक्त शहर की सीमा में किसी भी भारी वाहन का प्रवेश पूर्णतः प्रतिबंधित रहेगा। यदि कोई भी भारी वाहन इस नियम का उल्लंघन करते हुए पकड़ा जाता है, तो उसके विरुद्ध नियमानुसार सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। इसके अलावा, बिना नंबर प्लेट के सड़कों पर दौड़ने वाले वाहनों पर भी पूरी तरह से नकेल कसने के कड़े निर्देश दिए गए हैं।
सड़क सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक आधुनिक, पारदर्शी और तकनीक-युक्त बनाने के लिए प्रशासन ने डिजिटल तकनीक के इस्तेमाल पर विशेष जोर दिया है। बैठक के दौरान सभी भारी वाहन संचालकों को अपने-अपने वाहनों में जीपीएस (GPS) ट्रैकिंग सिस्टम और डैशबोर्ड सीसीटीवी कैमरे अनिवार्य रूप से स्थापित करने के निर्देश दिए गए हैं। जीपीएस और सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से वाहनों की वास्तविक गति, उनके आवागमन के रूट और चालकों की गतिविधियों पर प्रशासनिक स्तर पर लगातार कड़ी निगरानी रखी जा सकेगी। वाहन संचालकों को यह भी सख्त हिदायत दी गई है कि वे निर्धारित गति सीमा का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करें, ताकि ओवरस्पीड के कारण होने वाली अनियंत्रित दुर्घटनाओं पर पूरी तरह रोक लगाई जा सके और वाहनों की प्रभावी मॉनिटरिंग की जा सके।
शहर के प्रमुख मार्गों पर लगातार बढ़ती अवैध पार्किंग की समस्या पर भी बैठक में काफी गंभीर चिंता व्यक्त की गई और इस पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने का एक बड़ा निर्णय लिया गया। विशेष रूप से मंझगवां–बरही–बड़वारा मार्ग, कुठला रोड, पीरबाबा रोड तथा अन्य व्यस्त प्रमुख मार्गों पर भारी वाहनों की अवैध पार्किंग को पूरी तरह से प्रतिबंधित कर दिया गया है। इन महत्वपूर्ण मार्गों पर यदि कोई भी भारी वाहन अवैध रूप से पार्क किया हुआ पाया जाता है, तो संबंधित वाहन स्वामी और चालक के विरुद्ध नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी। अवैध पार्किंग के कारण अक्सर आम जनता का यातायात बाधित होता है और कई बार भयानक दुर्घटनाओं की आशंका बनी रहती है, जिसे दूर करने के लिए प्रशासन ने यह सख्त कदम उठाया है।
बैठक के अंत में सभी अधिकारियों ने इस बात पर विशेष बल दिया कि सड़क सुरक्षा केवल कानून लागू करने वाली प्रशासनिक एजेंसियों की ही जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि यह समाज के प्रत्येक नागरिक और वर्ग का एक महत्वपूर्ण सामाजिक उत्तरदायित्व है। सभी वाहन संचालकों, ट्रांसपोर्टर्स और परिवहन व्यवसायियों से यह अपील की गई कि वे यातायात नियमों का पूरी निष्ठा और जिम्मेदारी के साथ पालन करें। ओवरलोडिंग जैसी अवैध गतिविधियों से बचें, अपनी वाहनों की गति को नियंत्रित रखें, कभी भी शराब पीकर वाहन न चलाएं और कटनी जिले में एक सुरक्षित, सुगम और व्यवस्थित यातायात व्यवस्था बनाए रखने में जिला एवं पुलिस प्रशासन का पूर्ण सहयोग करें। प्रशासन का यह स्पष्ट और अंतिम संदेश है कि कटनी जिले में नियमों का उल्लंघन करने वालों के लिए कोई स्थान नहीं है और जनसुरक्षा ही हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है।
image source : https://katni.mpinfo.org
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