मध्य प्रदेश के बैतूल जिले में प्रशासनिक कसावट और जनहित योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन की दिशा में एक महत्वपूर्ण बैठक का आयोजन किया गया। सोमवार, 3 अगस्त 2026 को बैतूल कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में कलेक्टर डॉ. सौरभ संजय सोनवणे की अध्यक्षता में समय-सीमा (टीएल) बैठक संपन्न हुई। इस बैठक में 'मुख्यमंत्री जनविश्वास अभियान' के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए सभी जिला अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। कलेक्टर डॉ. सोनवणे ने स्पष्ट शब्दों में निर्देश दिए कि शासन की सभी योजनाओं में शत-प्रतिशत सेचुरेशन सुनिश्चित किया जाए और आम जनता की समस्याओं का पूरी गंभीरता के साथ समयबद्ध निराकरण किया जाए।
मुख्यमंत्री जनविश्वास अभियान और फील्ड विजिट
बैठक के दौरान कलेक्टर डॉ. सोनवणे ने जानकारी देते हुए बताया कि मुख्यमंत्री जनविश्वास अभियान के तहत जिले में प्रत्येक शुक्रवार को क्लस्टर स्तर पर फील्ड विजिट और विशेष जनविश्वास शिविर आयोजित किए जाएंगे। इन अभियानों और शिविरों के सफल संचालन के लिए संबंधित क्षेत्रों के अनुविभागीय अधिकारियों (एसडीएम) को नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है। कलेक्टर ने निर्देश दिए कि सभी अधिकारी शिविर के आयोजन से पहले संबंधित क्षेत्र का दौरा करें और विभागीय योजनाओं के क्रियान्वयन का जमीनी स्तर पर निरीक्षण करें।
शिविरों के प्रमुख बिंदु एवं जनसुनवाई
आयोजित होने वाले इन जनविश्वास शिविरों के दौरान निम्नलिखित प्रमुख कार्यों को प्राथमिकता दी जाएगी:
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त्वरित समाधान: शिविरों में जनसुनवाई, मुख्यमंत्री हेल्पलाइन (CM Helpline) और समय-सीमा से जुड़े लंबित प्रकरणों का मौके पर त्वरित निराकरण किया जाए।
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स्वास्थ्य परीक्षण: शिविर परिसरों में आने वाले नागरिकों और बच्चों के लिए स्वास्थ्य परीक्षण (हेल्थ स्क्रीनिंग) की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
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स्वच्छता अभियान: ग्रामीण क्षेत्रों और ग्राम पंचायतों में विशेष स्वच्छता अभियान संचालित किए जाएं।
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व्यवहारिक सुझाव: विकास कार्यों और योजनाओं के क्रियान्वयन में यदि कोई बाधा आ रही है, तो उससे संबंधित व्यवहारिक सुझाव भी तुरंत प्रेषित किए जाएं।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के प्रस्तावित भ्रमण की तैयारियां
कलेक्टर ने बताया कि अभियान अवधि के दौरान जिले में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का प्रस्तावित भ्रमण भी होना है। इसके अंतर्गत 'समाधान एवं उद्यमी संवाद' जैसे महत्वपूर्ण कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इसे ध्यान में रखते हुए सभी विभागों के अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि वे योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन और जनता की शिकायतों के गंभीर निराकरण को अपनी सर्वोच्च प्राथमिकता बनाएं।
आधारभूत सुविधाएं: स्कूल, आंगनवाड़ियां और छात्रावास
बच्चों और नागरिकों के कल्याण से जुड़ी संस्थाओं को लेकर कलेक्टर डॉ. सोनवणे ने विशेष निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अभियान के दौरान स्कूलों, आंगनवाड़ियों और छात्रावासों का उन्नयन प्राथमिकता से सुनिश्चित किया जाए। इन सभी संस्थानों में निम्नलिखित बुनियादी व्यवस्थाएं हर हाल में सुचारू रहनी चाहिए:
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पेयजल: सभी परिसरों में स्वच्छ पेयजल की निर्बाध व्यवस्था हो।
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शौचालय: विद्यार्थियों और बच्चों के लिए पूरी तरह क्रियाशील शौचालय उपलब्ध हों।
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विद्युत आपूर्ति: संस्थानों में बिजली की कोई समस्या न हो और निर्बाध इलेक्ट्रिसिटी सप्लाई बनी रहे।
सीएम हेल्पलाइन और पेंशन प्रकरणों की समीक्षा
बैठक में विभागवार सीएम हेल्पलाइन की शिकायतों की गहन समीक्षा की गई। कलेक्टर ने शिकायतों के शीघ्र और संतोषजनक निराकरण के कड़े निर्देश दिए। जिन अधिकारियों की लापरवाही के कारण शिकायतें 'नॉन-अटेंडेड' (Non-Attended) पाई गईं, उन्हें नोटिस जारी करने के निर्देश दिए गए। इसके साथ ही, समय-सीमा के लंबित प्रकरणों और सामाजिक सुरक्षा से जुड़े पेंशन प्रकरणों का भी त्वरित गति से निराकरण करने को कहा गया।
प्रधानमंत्री आवास योजना और वृंदावन ग्राम योजना
ग्रामीण विकास और आवास योजनाओं की समीक्षा के दौरान कलेक्टर ने सभी जनपद पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों (CEO) को आवास निर्माण की प्रगति में तेजी लाने के निर्देश दिए। विशेष रूप से चिचोली और भैंसदेही विकासखंडों पर अधिक फोकस करने के निर्देश दिए गए। इसके अलावा, वृंदावन ग्राम योजना के अंतर्गत चिन्हित किए गए ग्रामों में स्कूलों और आंगनवाड़ियों की आधारभूत सुविधाओं में सुधार लाने के भी पुख्ता निर्देश दिए गए।
बैठक के अंत में अपर कलेक्टर श्रीमती वंदना जाट सहित जिले के तमाम विभागों के जिला स्तर के अधिकारी उपस्थित रहे, जिन्हें बैठकों में दिए गए निर्देशों का तत्परता से पालन करने के लिए कहा गया।
image source : https://betul.mpinfo.org
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