*50 गांव अंधेरे में डूबे: अतरैला फीडर की बदहाली से त्रस्त ग्रामीण, बोले— अब नहीं सुधरी व्यवस्था तो होगा आंदोलन*

मनगवां/रीवा। विद्युत वितरण केंद्र मनगवां के अंतर्गत आने वाले अतरैला फीडर की बदहाल विद्युत व्यवस्था से करीब 50 गांवों के लोग परेशान हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि फीडर में आए दिन फॉल्ट होने के कारण 24 घंटे में मुश्किल से तीन घंटे ही बिजली मिल पा रही है। हल्की बारिश या पानी की कुछ बूंदें गिरते ही लाइन ठप हो जाती है और पूरा क्षेत्र अंधेरे में डूब जाता है। ग्रामीणों का कहना है कि बिजली गुल होते ही विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों के मोबाइल फोन भी स्विच ऑफ हो जाते हैं, जिससे शिकायत दर्ज कराना भी मुश्किल हो जाता है। बरसात के मौसम में बिजली न रहने से लोगों को रातें अंधेरे में बितानी पड़ रही हैं। घरों में सांप, बिच्छू और अन्य जहरीले जीव-जंतु घुसने का खतरा बना रहता है, जिससे ग्रामीणों में भय का माहौल है। ग्रामीणों ने विभाग पर आरोप लगाया है कि हर वर्ष बिजली लाइनों के मेंटेनेंस का दावा किया जाता है, लेकिन जमीनी स्तर पर इसका असर कहीं दिखाई नहीं देता। उनका कहना है कि यदि समय पर और गुणवत्तापूर्ण रखरखाव किया गया होता तो मामूली बारिश में बार-बार फॉल्ट की स्थिति पैदा नहीं होती। ग्रामीणों का आरोप है कि मेंटेनेंस के नाम पर केवल खानापूर्ति की जा रही है, जबकि इसकी कीमत आम जनता को लगातार बिजली संकट झेलकर चुकानी पड़ रही है।
ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि अतरैला फीडर की व्यवस्था में जल्द सुधार नहीं किया गया, नियमित विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित नहीं हुई और बार-बार होने वाले फॉल्ट पर प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई, तो क्षेत्र के लोग व्यापक जनआंदोलन करने को मजबूर होंगे। ग्रामीणों ने विद्युत विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों से तत्काल हस्तक्षेप कर स्थायी समाधान सुनिश्चित करने की मांग की है।