मध्य प्रदेश के बालाघाट जिले में प्रशासनिक कसावट और जनहित योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। दिनांक 03 अगस्त 2026 को बालाघाट कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में समय-सीमा (टीएल) की एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक का आयोजन किया गया। इस बैठक की अध्यक्षता बालाघाट के नवागत कलेक्टर श्री कुमार सत्‍यम द्वारा की गई। बैठक का मुख्य उद्देश्य जिले में लंबित शासकीय प्रकरणों, विभिन्न लोक कल्याणकारी योजनाओं की प्रगति और जनशिकायतों के त्वरित तथा संतोषजनक निराकरण की समीक्षा करना था। कलेक्टर श्री सत्यम ने स्पष्ट शब्दों में निर्देश दिए कि जनता से जुड़े मामलों में किसी भी प्रकार की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और सभी लंबित प्रकरणों का संवेदनशीलता के साथ समय पर निराकरण सुनिश्चित किया जाए।

बैठक में वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों की उपस्थिति

बालाघाट कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में आयोजित इस महत्वपूर्ण समय-सीमा बैठक में जिले के तमाम प्रमुख विभागों के वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी प्रत्यक्ष रूप से उपस्थित रहे। इसके अलावा, दूरस्थ क्षेत्रों के अधिकारियों की सहभागिता सुनिश्चित करने के लिए वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग की व्यवस्था भी की गई थी। बैठक में उपस्थिति दर्ज कराने वाले प्रमुख अधिकारियों का विवरण इस प्रकार है:

  • कलेक्टर: श्री कुमार सत्‍यम (जिन्होंने संपूर्ण बैठक की अध्यक्षता की और आवश्यक दिशा-निर्देश दिए)

  • मुख्य कार्यपालन अधिकारी (जिला पंचायत): श्री अभिषेक सराफ

  • अपर कलेक्टर: श्री जी.एस. धुर्वे एवं श्री डी.पी. बर्मन

  • संयुक्त कलेक्टर: श्री राहुल नायक

  • एसडीएम (बालाघाट): श्री गोपाल सोनी

  • एसडीएम (वारासिवनी): श्री कार्तिकेय जायसवाल

  • अन्य विभागीय अधिकारी: विभिन्न विभागों के जिला स्तर के प्रमुख अधिकारी कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में व्यक्तिगत रूप से मौजूद रहे।

  • दूरस्थ अधिकारी (वीसी के माध्यम से): जिले के समस्त अनुविभागीय अधिकारी (एसडीएम), तहसीलदार, जनपद पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (CEO) और नगरीय निकायों के मुख्य नगर पालिका अधिकारी (CMO) वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए इस बैठक में शामिल हुए।

सीएम हेल्पलाइन की शिकायतों की विभागवार गहन समीक्षा

बैठक के दौरान कलेक्टर श्री कुमार सत्‍यम ने सबसे पहले सीएम हेल्पलाइन के माध्यम से प्राप्त होने वाली लंबित शिकायतों की विभागवार विस्तृत समीक्षा की। कलेक्टर श्री सत्यम ने सभी संबंधित अधिकारियों को कड़ी हिदायत दी कि वे सीएम हेल्पलाइन की शिकायतों को केवल एक कागजी औपचारिकता न समझें, बल्कि उन्हें पूरी गंभीरता, संवेदनशीलता और प्राथमिकता के साथ हल करें। उन्होंने जोर देकर कहा कि आम जनता की समस्याओं का समय पर समाधान होना प्रशासन की सबसे पहली प्राथमिकता होनी चाहिए। जिन विभागों में शिकायतें लंबे समय से लंबित पाई गईं, उनके अधिकारियों को त्वरित निस्तारण के निर्देश दिए गए।

लोक सेवा गारंटी अधिनियम एवं ई-सेवाओं का प्रभावी क्रियान्वयन

नागरिकों को समय पर शासकीय सेवाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से लोक सेवा गारंटी अधिनियम और ई-सेवाओं से जुड़े लंबित आवेदनों की भी बारीकी से समीक्षा की गई। कलेक्टर श्री कुमार सत्‍यम ने सभी विभागों को निर्देशित किया कि वे निर्धारित समय-सीमा के भीतर पात्र नागरिकों को सेवाएं उपलब्ध कराएं। यदि किसी स्तर पर आवेदन लंबित पाए जाते हैं, तो उनका शीघ्र निराकरण किया जाना चाहिए ताकि आम नागरिकों को अपने छोटे-छोटे कार्यों के लिए कार्यालयों के चक्कर न काटने पड़ें। पारदर्शिता और सुशासन को बढ़ावा देना इस समीक्षा बैठक का एक प्रमुख केंद्र बिंदु रहा।

प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना में ऋण स्वीकृति की गति बढ़ाने के निर्देश

कल्याणकारी और रोजगारपरक योजनाओं की प्रगति की समीक्षा के क्रम में प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना पर विशेष रूप से चर्चा की गई। बैठक में यह पाया गया कि पारंपरिक कारीगरों और शिल्पकारों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने वाली इस योजना के तहत ऋण स्वीकृति के प्रकरणों में और अधिक गति लाने की आवश्यकता है। कलेक्टर श्री कुमार सत्‍यम ने संबंधित बैंकों और विभागों के अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना के तहत प्राप्त आवेदनों का त्वरित परीक्षण कर पात्र हितग्राहियों को ऋण स्वीकृत करवाएं, ताकि अधिक से अधिक लोग इस योजना का लाभ उठाकर अपने व्यवसाय को आगे बढ़ा सकें।

स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा: मलेरिया नियंत्रण और गैर-संचारी बीमारियां

जनस्वास्थ्य के मुद्दों पर चर्चा करते हुए बैठक में स्वास्थ्य विभाग के कार्यों की विशेष रूप से समीक्षा की गई। इस दौरान मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) से जिले में मलेरिया नियंत्रण के लिए अब तक उठाए गए कदमों और की गई कार्यवाही की पूरी रिपोर्ट ली गई। कलेक्टर ने निर्देश दिए कि वर्षा ऋतु को ध्यान में रखते हुए मलेरिया और अन्य वेक्टर जनित रोगों की रोकथाम के लिए पुख्ता इंतजाम किए जाएं।

इसके साथ ही, स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए हाइपरटेंशन (उच्च रक्तचाप) और डायबिटीज (मधुमेह) जैसी गैर-संचारी (Non-Communicable) बीमारियों पर विशेष ध्यान देने को कहा गया। कलेक्टर श्री सत्यम ने इन गंभीर बीमारियों की नियमित निगरानी (Regular Monitoring) और उनके प्रभावी प्रबंधन को सुनिश्चित करने के कड़े निर्देश दिए, ताकि समय रहते मरीजों की देखभाल की जा सके और स्वास्थ्य सूचकांकों में सुधार हो सके।

निष्कर्ष और प्रशासनिक दिशा-निर्देश

बालाघाट कलेक्ट्रेट में संपन्न हुई यह समय-सीमा समीक्षा बैठक प्रशासनिक कसावट, जवाबदेही और जनहित के प्रति प्रतिबद्धता का एक उत्कृष्ट उदाहरण रही। नवागत कलेक्टर श्री कुमार सत्‍यम द्वारा दिए गए स्पष्ट निर्देशों और संवेदनशीलता के संदेश से मैदानी स्तर के अधिकारियों में भी सक्रियता बढ़ी है। उम्मीद की जा रही है कि इन निर्देशों के पालन से बालाघाट जिले में शासकीय योजनाओं का क्रियान्वयन और अधिक तेज गति से होगा तथा आम जनता की समस्याओं का त्वरित एवं संतोषजनक निराकरण संभव हो सकेगा।

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