मध्य प्रदेश के विदिशा जिले में शासन की महत्वपूर्ण एवं प्रेरणादायी परंपरा का पूरी गरिमा और अनुशासन के साथ पालन किया गया है। प्रत्येक माह के प्रथम कार्य दिवस पर शासकीय कार्यालयों में राष्ट्रगीत 'वंदे मातरम्' और राष्ट्रगान 'जन-गण-मन' के सामूहिक गायन की परंपरा को आगे बढ़ाते हुए आज सोमवार, 3 अगस्त 2026 को विदिशा कलेक्ट्रेट परिसर में भव्य सामूहिक गायन का आयोजन किया गया। इस विशेष और गरिमामय अवसर पर जिला प्रशासन के शीर्ष अधिकारियों सहित तमाम विभागों के कर्मचारी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। राष्ट्र के प्रति निष्ठा और सम्मान का भाव प्रकट करने वाले इस आयोजन के पश्चात ही जिले के सभी शासकीय कार्यालयों में नियमित और दैनिक शासकीय कार्यों का सुचारू संचालन प्रारंभ हुआ।

सप्ताहांत के अवकाश के बाद पहला कार्य दिवस

सामान्यतया यह परंपरा प्रत्येक माह की पहली तारीख को निभाई जाती है, परंतु इस बार माह की शुरुआत सप्ताहांत यानी शनिवार और रविवार के शासकीय अवकाश के बीच हुई। 1 अगस्त और 2 अगस्त को कार्यालय बंद रहने के कारण, अवकाश के ठीक उपरांत आए नए सप्ताह के पहले कार्य दिवस यानी सोमवार, 3 अगस्त को विदिशा कलेक्ट्रेट परिसर में इस सामूहिक गायन का आयोजन किया गया। प्रशासनिक अधिकारियों और कर्मचारियों ने कार्य दिवस की शुरुआत राष्ट्र की आन, बान और शान से जुड़े इन गीतों के सामूहिक गायन के साथ की, जिससे पूरे कलेक्ट्रेट परिसर में एक सकारात्मक, ऊर्जावान और अनुशासित वातावरण देखने को मिला।

कलेक्टर अंशुल गुप्ता की गरिमामयी उपस्थिति

इस राष्ट्रभक्ति से ओत-प्रोत आयोजन में विदिशा के कलेक्टर श्री अंशुल गुप्ता ने विशेष रूप से अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। उनके साथ जिला प्रशासन के कई अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी कंधे से कंधा मिलाकर इस सामूहिक गायन में शामिल हुए। प्रशासनिक मुखिया की इस सहभागिता ने वहां मौजूद सभी कर्मचारियों में कर्तव्यनिष्ठा और देशप्रेम का एक अलग ही उत्साह भर दिया। किसी भी प्रशासनिक व्यवस्था में इस तरह के आयोजन अधिकारियों और कर्मचारियों के बीच अनुशासन, एकता और जिम्मेदारी के भाव को और अधिक मजबूत करने का कार्य करते हैं।

जिले के इन प्रमुख अधिकारियों की रही सहभागिता

विदिशा कलेक्ट्रेट परिसर में आयोजित इस गरिमामय सामूहिक गायन में जिला प्रशासन के लगभग सभी प्रमुख महकमों के प्रशासनिक अधिकारियों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। इस कार्यक्रम की मुख्य विशेषताओं में निम्नलिखित अधिकारियों की उपस्थिति उल्लेखनीय रही:

  • कलेक्टर: श्री अंशुल गुप्ता (जिन्होंने संपूर्ण आयोजन की अध्यक्षता एवं सहभागिता की)

  • अपर कलेक्टर: जिले के प्रशासनिक कार्यों में सहयोग देने वाले अपर कलेक्टर स्तर के अधिकारी मौजूद रहे।

  • अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (ASP): कानून व्यवस्था और सुरक्षा से जुड़े विभाग के शीर्ष प्रतिनिधि के रूप में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ने सहभागिता की।

  • संयुक्त कलेक्टर: प्रशासनिक व्यवस्थाओं को संभालने वाले संयुक्त कलेक्टरगण भी इस आयोजन का हिस्सा बने।

  • डिप्टी कलेक्टर: विभिन्न प्रशासनिक दायित्वों का निर्वहन करने वाले डिप्टी कलेक्टरों ने भी राष्ट्रगीत और राष्ट्रगान के गान में अपनी उपस्थिति दर्ज कराई।

  • विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी: कलेक्ट्रेट के अंतर्गत आने वाले तमाम विभागों के प्रमुख, लिपिक वर्गीय कर्मचारी और अन्य शासकीय सेवक इस सामूहिक गायन में शामिल हुए।

सामूहिक गायन के मुख्य चरण एवं अनुशासन

कार्यक्रम की शुरुआत नियत समय पर पूरी अनुशासनबद्धता के साथ की गई। सबसे पहले राष्ट्रगीत 'वंदे मातरम्' का सामूहिक गान हुआ, जिसके स्वरों से पूरा कलेक्ट्रेट परिसर गूंज उठा। इसके पश्चात राष्ट्रगान 'जन-गण-मन' का पूरे सम्मान और सस्वर गायन के साथ समापन किया गया। इस दौरान उपस्थित सभी अधिकारियों और कर्मचारियों ने सावधान की मुद्रा में खड़े होकर राष्ट्र के प्रतीकों के प्रति अपनी अगाध श्रद्धा व्यक्त की। यह अनुशासन इस बात का परिचायक था कि विदिशा जिले का प्रशासन अपनी प्रशासनिक जिम्मेदारियों के साथ-साथ राष्ट्रीय मूल्यों के प्रति कितना सचेत और समर्पित है।

शासकीय कार्यों के संचालन का शुभारंभ

राष्ट्रगीत एवं राष्ट्रगान के सामूहिक और भव्य गायन के इस पवित्र अनुष्ठान के संपन्न होने के तुरंत बाद विदिशा जिले के शासकीय कार्यालयों में नियमित कार्यों का संपादन प्रारंभ हुआ। इस परंपरा का मुख्य उद्देश्य कर्मचारियों के भीतर कार्य के प्रति ऊर्जा का संचार करना, राष्ट्र के प्रति कर्तव्यबोध कराना और हर दिन की शुरुआत एक सकारात्मक एवं सात्विक ऊर्जा के साथ करना है। जब दिन की शुरुआत राष्ट्रगान और राष्ट्रगीत से होती है, तो कार्यालयों में आने वाले आम नागरिकों के कार्यों के प्रति भी संवेदनशीलता और पारदर्शिता स्वतः ही बढ़ जाती है।

प्रशासनिक और जनहित में महत्व

विदिशा कलेक्ट्रेट में इस प्रकार के आयोजन केवल एक औपचारिकता नहीं हैं, बल्कि यह शासकीय सेवकों को जनता की सेवा के लिए निरंतर प्रेरित करने का एक सशक्त माध्यम हैं। कलेक्टर श्री अंशुल गुप्ता के मार्गदर्शन में इस तरह की परंपराओं का निर्वहन विदिशा जिले में अनुशासन और प्रशासनिक उत्कृष्टता का प्रतीक बन चुका है। सप्ताहांत के अवकाश के बाद सोमवार को हुए इस आयोजन ने पूरे सप्ताह के लिए कार्यालयीन कामकाज की एक मजबूत, ऊर्जावान और सकारात्मक नींव रख दी है, जिससे आम जनता के कार्यों में भी गति और पारदर्शिता बनी रहेगी।

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