आपदा प्रबंधन, आपातकालीन स्थिति से निपटने और नागरिकों की सुरक्षा को पूरी तरह से सुनिश्चित करने की दिशा में जिला प्रशासन और होमगार्ड विभाग द्वारा लगातार महत्वपूर्ण एवं सराहनीय कदम उठाए जा रहे हैं। इसी क्रम में डिस्ट्रिक्ट कमांडेंट होमगार्ड बैतूल के मार्गदर्शन में 29 जुलाई से 4 अगस्त तक सिविल डिफेंस वालंटियर प्रशिक्षण का एक विशेष आयोजन किया जा रहा है। इस प्रशिक्षण शिविर का मुख्य उद्देश्य जिले के युवाओं, नागरिकों और स्वयंसेवकों को विभिन्न प्रकार की आपदाओं तथा आपातकालीन हालातों से निपटने के लिए मानसिक और शारीरिक रूप से पूरी तरह तैयार करना है, ताकि किसी भी अनहोनी, दुर्घटना या आपदा के समय त्वरित और प्रभावी सहायता प्रदान की जा सके।

प्रशिक्षण कार्यक्रम के अंतर्गत 3 अगस्त को विभिन्न अत्यंत महत्वपूर्ण और तकनीकी विषयों पर विशेष सत्र आयोजित किए गए। इस दौरान कंपनी कमांडर सुनीता पंद्रे द्वारा सिविल डिफेंस वालंटियर्स को मानव शरीर की आंतरिक संरचना का परिचय, शरीर में लगने वाले गंभीर घाव और रक्तस्राव की स्थिति से तुरंत निपटने के तरीकों के बारे में विस्तार से जानकारी प्रदान की गई। इसके साथ ही एक प्राथमिक उपचारकर्ता (फर्स्ट एडिडर) के महत्वपूर्ण कर्तव्यों, अग्निशामकों के लिए रोगी के मूल्यांकन की पूरी प्रक्रिया, व्यक्तिगत सुरक्षा उपकरण (PPE) के उपयोग के महत्व तथा सामूहिक हताहत होने जैसी भीषण आपदा की स्थिति में ट्राइज (Triage) अवधारणा के बारे में गहरी और व्यावहारिक समझ विकसित कराई गई।

सिविल डिफेंस वालंटियर्स को केवल सैद्धांतिक जानकारी तक सीमित न रखते हुए उन्हें जमीनी स्तर पर आपातकालीन राहत कार्यों में पूरी तरह दक्ष बनाने के लिए एसडीईआरएफ (SDERF) के अत्यधिक प्रशिक्षित जवानों द्वारा एक विशेष सत्र का संचालन किया गया। एसडीईआरएफ के इन जवानों ने सभी वालंटियर्स को श्वासवरोधक कृत्रिम श्वसन (Artificial Respiration), जीवन रक्षक तकनीक सीपीआर (CPR), आघात (Shock) तथा अचानक बेहोशी की स्थिति में मरीज को संभालने और सुरक्षित रखने के उपायों का सजीव प्रशिक्षण दिया। इसके अलावा, किसी भी दुर्घटना में हड्डी टूटने (फ्रैक्चर) की स्थिति में पीड़ित व्यक्ति को तुरंत दिए जाने वाले प्राथमिक उपचार के विभिन्न तरीकों और उपायों का भी व्यावहारिक अभ्यास कराया गया, ताकि आपदा के समय पीड़ित व्यक्ति की जान बचाई जा सके और उसे अस्पताल पहुंचने से पहले आवश्यक राहत पहुंचाई जा सके।

इस प्रकार के व्यापक और तकनीकी प्रशिक्षण कार्यक्रमों के माध्यम से समाज में एक मजबूत, सक्रिय और कुशल स्वयंसेवक नेटवर्क तैयार होता है, जो किसी भी प्रकार की प्राकृतिक या मानव निर्मित आपदा के दौरान प्रशासन के साथ कंधे से कंधा मिलाकर राहत एवं बचाव कार्यों में सहयोग करने में पूरी तरह सक्षम होता है। जिला प्रशासन और होमगार्ड विभाग का यह दूरदर्शी प्रयास बैतूल जिले में सुरक्षा और आपातकालीन प्रबंधन व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़, आधुनिक तथा प्रभावी बनाने की दिशा में एक मील का पत्थर साबित हो रहा है। इस प्रकार के आयोजनों से भविष्य में किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए स्थानीय स्तर पर एक प्रशिक्षित टीम हमेशा तैयार रहेगी।

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