आमला। नगर की सड़कों पर विचरण कर रहे निराश्रित गोवंश की सुरक्षा को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं। बीते कुछ दिनों में सड़क दुर्घटनाओं की चपेट में आने से गोवंश के घायल होने और मौत की घटनाओं पर विश्व हिन्दू परिषद-बजरंग दल ने गहरी चिंता जताई है। संगठन ने नगर पालिका और स्थानीय प्रशासन से इस गंभीर समस्या का स्थायी समाधान करने की मांग करते हुए चेतावनी दी है कि यदि जल्द प्रभावी कदम नहीं उठाए गए तो कार्यकर्ता शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से सड़क पर उतरकर विरोध प्रदर्शन करेंगे।
बजरंग दल के जिला गौ रक्षा प्रमुख जस्सी पंडित ने कहा कि नगर के विभिन्न प्रमुख मार्गों पर दिन-रात गोवंश विचरण करते दिखाई देते हैं। कई स्थानों पर गोवंश सड़क के बीच बैठ जाते हैं। रात के समय पर्याप्त रोशनी नहीं होने अथवा तेज रफ्तार वाहनों के कारण दुर्घटनाओं का खतरा और बढ़ जाता है। ऐसे हादसों में बेजुबान गोवंश घायल हो रहे हैं और कई की जान भी जा रही है। वहीं सड़क पर अचानक गोवंश आने से दोपहिया एवं अन्य वाहन चालकों के दुर्घटनाग्रस्त होने की आशंका भी बनी रहती है।
*सिर्फ हादसे के बाद कार्रवाई नहीं, स्थायी समाधान जरूरी*
जस्सी पंडित ने कहा कि सड़क दुर्घटना होने के बाद घायल गोवंश को उठाना या उपचार कराना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि ऐसी घटनाएं हों ही नहीं, इसके लिए नगर पालिका और प्रशासन को स्थायी कार्ययोजना बनानी चाहिए। नगर में घूम रहे निराश्रित गोवंश को सुरक्षित स्थान अथवा गौशाला तक पहुंचाने, उनके चारे-पानी और देखरेख की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जानी चाहिए।
उन्होंने मांग की कि जिन मार्गों पर गोवंश की मौजूदगी अधिक रहती है, वहां वाहन चालकों को सतर्क करने के लिए आवश्यक चेतावनी संकेत लगाए जाएं। इसके साथ ही तेज रफ्तार और लापरवाही से वाहन चलाने वालों के खिलाफ भी नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाए।
*पशुपालकों की जिम्मेदारी भी हो तय*
बजरंग दल ने इस समस्या के लिए उन पशुपालकों की जिम्मेदारी तय करने की भी जरूरत बताई, जो अपने पालतू पशुओं को खुला छोड़ देते हैं। संगठन का कहना है कि यदि कोई पशुपालक केवल दूध निकालने के बाद पशुओं को सड़कों पर छोड़ देता है तो ऐसे मामलों की पहचान कर संबंधित पशुपालकों को समझाइश देने के साथ नियमानुसार कार्रवाई की जानी चाहिए। इससे सड़कों पर पशुओं की संख्या कम होने के साथ दुर्घटनाओं पर भी अंकुश लगाया जा सकेगा।
*व्यवस्था नहीं सुधरी तो सड़क पर उतरेंगे कार्यकर्ता*
जस्सी पंडित ने प्रशासन को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि शीघ्र गोवंश की सुरक्षा और संरक्षण के लिए ठोस एवं प्रभावी व्यवस्था नहीं की गई तो विश्व हिन्दू परिषद-बजरंग दल, आमला जनहित और गोसंरक्षण के उद्देश्य से लोकतांत्रिक एवं शांतिपूर्ण तरीके से आंदोलन करने के लिए बाध्य होगा। उन्होंने कहा कि इसके बाद उत्पन्न होने वाली स्थिति की जिम्मेदारी संबंधित प्रशासन और नगर पालिका की होगी।
उन्होंने नगरवासियों से भी अपील की कि वाहन चलाते समय गति नियंत्रित रखें, विशेषकर रात के समय अतिरिक्त सावधानी बरतें और सड़क पर गोवंश दिखाई देने पर वाहन की गति कम करें।
*पशुपालक निभाएं जिम्मेदारी, गोवंश को सड़कों पर खुला न छोड़ें*
इस समस्या का एक बड़ा कारण पालतू गोवंश को खुले में छोड़ना भी है। यदि नगर के पशुपालक अपने-अपने गोवंश को घर अथवा निर्धारित सुरक्षित स्थान पर बांधकर रखें और उनके चारे-पानी एवं देखभाल की पूरी जिम्मेदारी निभाएं, तो सड़क दुर्घटनाओं में गोवंश के घायल होने और मौत की घटनाओं को काफी हद तक रोका जा सकता है।
लोग गोवंश पाल तो लेते हैं, लेकिन कई पशुपालक उनकी देखभाल और चारे-पानी की समुचित व्यवस्था नहीं कर पाते और उन्हें सड़कों पर खुला छोड़ देते हैं। ऐसे में गोवंश सड़क के बीच बैठने या घूमने लगते हैं, जिससे न केवल उनकी जान खतरे में पड़ती है, बल्कि वाहन चालकों और राहगीरों के लिए भी दुर्घटना का खतरा बढ़ जाता है।
प्रशासन को ऐसे पशुपालकों की पहचान करनी चाहिए, जिनके पालतू गोवंश सड़कों पर खुले घूमते पाए जाते हैं। संबंधित पशुपालकों को पहले समझाइश दी जाए और बार-बार लापरवाही सामने आने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाए। गोवंश पालना केवल दूध प्राप्त करने तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि उनके चारे, पानी, सुरक्षा और जीवनभर देखभाल की जिम्मेदारी भी पशुपालक को निभानी चाहिए।
जस्सी पंडित ने कहा है “गोवंश की सुरक्षा केवल प्रशासन की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि समाज और प्रत्येक नागरिक का नैतिक एवं सामाजिक दायित्व भी है। प्रशासन, पशुपालक और आम नागरिक अपनी-अपनी जिम्मेदारी निभाएं तो सड़क दुर्घटनाओं में गोवंश की मौतों को काफी हद तक रोका जा सकता है।”
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