रात के 11 बजे, फैमिली ग्रुप में एक मैसेज: "सरकार दे रही है फ्री लैपटॉप, आज रात तक आवेदन करें"। नीचे एक लिंक, ऊपर सरकारी जैसा लोगो। 12वीं पास बेटे के पिता सोचते हैं, कहीं मौका छूट न जाए। ठगों को ठीक यही जल्दबाज़ी चाहिए।
सच यह है कि केंद्र सरकार ने छात्रों को मुफ्त लैपटॉप बाँटने की कोई योजना घोषित नहीं की है। सरकारी जानकारी के मुताबिक PIB फैक्ट चेक 2026 में अलग अलग नामों से चल रहे ऐसे दावों को बार बार फर्जी बता चुका है। उलझन इसलिए है कि MP में लैपटॉप का पैसा सच में मिलता है।
1. PIB फैक्ट चेक ने क्या कहा
सरकारी जानकारी के मुताबिक जनवरी 2026 में 'Students Laptop Scheme 2026' के नाम से फैल रहे मैसेज को PIB फैक्ट चेक ने फर्जी बताया था। फरवरी 2026 में एक यूट्यूब वीडियो के 'फ्री लैपटॉप योजना 2026' वाले दावे को भी फर्जी बताया गया और कहा गया कि केंद्र सरकार ऐसी कोई योजना नहीं चला रही। अप्रैल 2026 में 'National Student Laptop Scheme 2026' नाम वाले व्हाट्सऐप मैसेज पर भी यही चेतावनी आई।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार अगस्त 2026 में फिर एक संदेश पकड़ा गया, जिसमें शिक्षा मंत्रालय का लोगो और प्रधानमंत्री की फोटो लगाकर ऑनलाइन आवेदन का लिंक दिया गया था। PIB ने लोगो, फॉर्मेट और लिंक, तीनों को नकली बताया।
2. MP की असली योजना: लिंक नहीं, सीधे खाते में पैसा
मध्य प्रदेश स्कूल शिक्षा विभाग की प्रतिभाशाली विद्यार्थी प्रोत्साहन योजना में MP बोर्ड 12वीं में 75 प्रतिशत या ज़्यादा अंक लाने वाले छात्रों को लैपटॉप खरीदने के लिए ₹25,000 दिए जाते हैं। रिपोर्टों के मुताबिक 1 सितंबर 2026 को भोपाल में हुए कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने करीब 1.22 लाख छात्रों के खातों में 304 करोड़ रुपये से अधिक की राशि भेजी।
- शर्त: पहले प्रयास में ही 75 प्रतिशत या अधिक। रिपोर्टों के मुताबिक पूरक या दोबारा परीक्षा से बढ़े अंक इसमें नहीं गिने जाते।
- सूची माध्यमिक शिक्षा मंडल के रिज़ल्ट से बनती है, छात्र को अलग फॉर्म नहीं भरना होता।
- राशि DBT से सीधे छात्र के बैंक खाते में आती है।
यानी इस योजना के नाम पर कोई लिंक भेजकर 'रजिस्ट्रेशन' करवाए या फीस माँगे, तो वह ठगी है। पैसा न आया हो तो स्कूल के प्राचार्य या ज़िला शिक्षा अधिकारी से पूछें।
3. सरकारी वेबसाइट का पता पहचानें
भारत सरकार और राज्य सरकारों की वेबसाइटें आम तौर पर gov.in या nic.in पर खत्म होती हैं। ठग पते में 'yojana' या 'gov' जैसे शब्द डाल देते हैं, पर अंत में .com, .online या .xyz होता है।
- पता बार में डोमेन का आखिरी हिस्सा पढ़ें, सिर्फ लोगो पर भरोसा न करें।
- bit.ly जैसे छोटे लिंक या गूगल फॉर्म से कोई सरकारी योजना का आवेदन नहीं लेती।
4. फीस, OTP और जल्दबाज़ी: तीन खतरे की घंटी
कोई सरकारी योजना 'प्रोसेसिंग फीस', 'रजिस्ट्रेशन चार्ज' या 'डिलीवरी शुल्क' UPI या QR कोड से नहीं माँगती। कोई अधिकारी फोन पर OTP नहीं पूछता। और 'आज रात 12 बजे तक' जैसी जल्दबाज़ी ठगों का पुराना हथियार है।
5. डेटा बचाएँ: फॉर्म में क्या कभी न भरें
ऐसे फर्जी फॉर्म का असली मकसद अक्सर आपका डेटा होता है: आधार नंबर, बैंक खाता, मोबाइल नंबर, जन्मतिथि। अनजान फॉर्म में आधार, पासबुक या UPI PIN कभी न डालें।
6. शक हो तो PIB फैक्ट चेक से पूछें
किसी योजना पर शक हो तो मैसेज का स्क्रीनशॉट PIB फैक्ट चेक के व्हाट्सऐप नंबर +91 8799711259 पर भेजें, [email protected] पर ईमेल करें या factcheck.pib.gov.in पर डालें। MP की योजनाओं के लिए जनसंपर्क विभाग की वेबसाइट mpinfo.org देखें।
7. शिकायत कहाँ करें
दूरसंचार विभाग के संचार साथी पोर्टल sancharsaathi.gov.in पर 'चक्षु' सुविधा से संदिग्ध कॉल, SMS या व्हाट्सऐप मैसेज की रिपोर्ट कर सकते हैं, भले नुकसान न हुआ हो। अगर पैसा कट चुका है तो चक्षु नहीं, तुरंत 1930 पर कॉल करें या cybercrime.gov.in पर शिकायत करें और बैंक को सूचना दें। स्क्रीनशॉट और रसीद संभालकर रखें।
आज ही कर लें ये 5 काम
- फ्री लैपटॉप वाला कोई लिंक न खोलें, न फॉरवर्ड करें।
- वेबसाइट का पता gov.in या nic.in पर खत्म होता है या नहीं, जाँचें।
- किसी फॉर्म में आधार, बैंक डिटेल या OTP न डालें।
- शक हो तो PIB फैक्ट चेक के व्हाट्सऐप नंबर पर भेजें।
- पैसा कटे तो तुरंत 1930 पर कॉल करें।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
प्रश्न: क्या केंद्र सरकार फ्री लैपटॉप दे रही है?
उत्तर: नहीं। PIB फैक्ट चेक के मुताबिक केंद्र सरकार ऐसी कोई योजना नहीं चला रही।
प्रश्न: MP में लैपटॉप के ₹25,000 किसे मिलते हैं?
उत्तर: MP बोर्ड 12वीं में पहले प्रयास में 75 प्रतिशत या अधिक अंक लाने वाले छात्रों को।
प्रश्न: क्या इसके लिए ऑनलाइन आवेदन करना होता है?
उत्तर: नहीं। सूची बोर्ड के रिज़ल्ट से बनती है और राशि सीधे खाते में आती है।
प्रश्न: राशि नहीं आई तो किससे पूछें?
उत्तर: अपने स्कूल के प्राचार्य या ज़िला शिक्षा अधिकारी कार्यालय से।
प्रश्न: फर्जी मैसेज की रिपोर्ट कहाँ करें?
उत्तर: संचार साथी पोर्टल की चक्षु सुविधा पर, या PIB फैक्ट चेक को भेजें।
प्रश्न: ठगी हो गई तो?
उत्तर: तुरंत 1930 पर कॉल करें, cybercrime.gov.in पर शिकायत करें और बैंक को बताएँ।
यह खबर 16 अक्टूबर 2026 तक उपलब्ध जानकारी पर आधारित है। योजना की शर्तें और राशि बदल सकती हैं। किसी भी योजना की पुष्टि संबंधित विभाग की आधिकारिक वेबसाइट या PIB फैक्ट चेक से ही करें।
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