कटनी जिले में बेटियों की सुरक्षा, स्वास्थ्य और कल्याण को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए जिला प्रशासन ने एक अत्यंत संवेदनशील और त्वरित कार्रवाई की है। "बेटियों की सुरक्षा और स्वास्थ्य से कोई समझौता नहीं होगा" इस स्पष्ट संदेश के साथ कलेक्टर श्री आशीष तिवारी ने माता शबरी आवासीय कन्या शिक्षा परिसर, सरसवाही में कुछ छात्राओं के अस्वस्थ होने की घटना पर तुरंत कमान अपने हाथ में ली।

घटना की जानकारी मिलते ही कलेक्टर ने जिला प्रशासन की एक वरिष्ठ और उच्च स्तरीय टीम को तत्काल छात्रावास भेजा, ताकि हर व्यवस्था की गहन समीक्षा की जा सके और आवश्यक सुधारात्मक कदम मौके पर ही तुरंत लागू किए जा सकें। कलेक्टर स्वयं इस पूरे घटनाक्रम की लगातार मॉनिटरिंग करते रहे, जिसके परिणामस्वरूप एक ही दिन के भीतर छात्रावास की सभी व्यवस्थाओं में उल्लेखनीय सुधार देखने को मिला।

प्रशासनिक टीम का औचक निरीक्षण और त्वरित कार्रवाई

कलेक्टर श्री आशीष तिवारी के सख्त निर्देशों के अनुपालन में जिला पंचायत की मुख्य कार्यपालन अधिकारी हरसिमरनप्रीत कौर तथा एसडीएम कटनी श्री प्रमोद कुमार चतुर्वेदी ने तुरंत माता शबरी आवासीय कन्या शिक्षा परिसर का दौरा किया।

  • स्वास्थ्य और सुरक्षा का जायजा: अधिकारियों ने छात्रावास पहुंचकर सबसे पहले छात्राओं के स्वास्थ्य का हालचाल जाना और उनसे आत्मीय संवाद कर उनकी समस्याओं को ध्यानपूर्वक सुना।

  • भोजन और पेयजल का परीक्षण: टीम ने छात्रावास के रसोईघर, भोजनालय और पेयजल स्रोतों की गुणवत्ता का बारीकी से निरीक्षण किया।

  • परिसर का सूक्ष्म परीक्षण: जिला पंचायत सीईओ सुश्री कौर ने छात्रावास के कक्षों, बिस्तरों, स्नानगृहों, प्रसाधन गृहों और संपूर्ण परिसर की स्वच्छता व्यवस्था का विस्तार से जायजा लिया।

इस दौरान अधिकारियों ने प्राचार्य और छात्रावास अधीक्षक को यह सख्त निर्देश दिए कि प्रत्येक छात्रा को समय पर ताजा, गर्म, पौष्टिक एवं गुणवत्तापूर्ण भोजन, शुद्ध पेयजल और पूरी तरह सुरक्षित आवासीय वातावरण मिलना हर हाल में सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने विशेष रूप से चेताया कि वर्षा ऋतु के मौसम में संक्रमण का खतरा काफी बढ़ जाता है, इसलिए भोजन की गुणवत्ता और पानी की शुद्धता पर विशेष निगरानी रखी जाए। किसी भी स्तर पर लापरवाही मिलने पर संबंधित अधिकारियों एवं कर्मचारियों के खिलाफ कठोर अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।

एक ही दिन में सुधरी छात्रावास की व्यवस्थाएं

प्रशासन की सक्रियता और त्वरित तत्परता का यह परिणाम रहा कि महज एक ही दिन के भीतर छात्रावास की लगभग सभी व्यवस्थाएं दुरुस्त कर दी गईं:

  • पेयजल संकट का समाधान: दोनों छात्रावासों के बीच पानी की किल्लत दूर करने के लिए नया हैंडपंप स्थापित करने की प्रक्रिया तुरंत शुरू कर दी गई। इसके साथ ही, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी (PHE) विभाग ने नलकूप की त्वरित मरम्मत कर पेयजल की आपूर्ति को पूरी तरह सुचारू बना दिया।

  • विद्युत व्यवस्था सुदृढ़: परिसर में बिजली आपूर्ति को पूरी तरह व्यवस्थित किया गया ताकि छात्राओं को किसी भी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।

  • स्वास्थ्य सेवाओं की तैनाती: छात्राओं की स्वास्थ्य सुरक्षा को सर्वोपरि रखते हुए परिसर में दो स्टाफ नर्सों की स्थाई तैनाती की गई है। इसके अलावा, एम्बुलेंस की उपलब्धता और नियमित स्वास्थ्य परीक्षण की मुकम्मल व्यवस्था सुनिश्चित कर दी गई है। वर्तमान में राहत की बात यह है कि सभी छात्राओं का स्वास्थ्य पूरी तरह सामान्य है।

  • खाद्य सुरक्षा और स्वच्छता: खाद्य सुरक्षा विभाग ने छात्रावास में उपयोग होने वाली भोजन सामग्री की गुणवत्ता की जांच शुरू कर दी है। पूरे परिसर में एक विशेष स्वच्छता अभियान चलाया गया।

  • बुनियादी ढांचे का विकास: छात्रावास तक सुगमता से पहुंचने के लिए मार्ग पर सीसी रोड निर्माण का कार्य भी अब तेजी से कराया जा रहा है। इसके अतिरिक्त, विद्यालय एवं छात्रावास के बेहतर और सुचारू संचालन के लिए कलेक्टर के विशेष निर्देशों पर विभिन्न निगरानी और प्रबंधन समितियों का गठन भी किया गया है।

छात्राओं से आत्मीय संवाद और जागरूकता

निरीक्षण के दौरान प्रशासनिक अधिकारियों ने न केवल व्यवस्थाओं का जायजा लिया, बल्कि छात्राओं से खुलकर बातचीत भी की। अधिकारियों ने उन्हें पूरा भरोसा दिलाया कि जिला प्रशासन उनकी हर सुविधा, सुरक्षा और बेहतर भविष्य के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध है। संवाद सत्र के दौरान छात्राओं को व्यक्तिगत स्वच्छता, संतुलित आहार और शुद्ध पेयजल के सेवन के महत्व के बारे में भी विस्तार से जागरूक किया गया, ताकि वे भविष्य में भी स्वास्थ्य के प्रति सजग रह सकें।

संवेदनशील प्रशासन की एक उत्कृष्ट मिसाल

कटनी जिले में घटी इस पूरी घटना के दौरान जिला प्रशासन की त्वरित प्रतिक्रिया, जमीनी स्तर पर सक्रियता और निरंतर निगरानी ने यह साबित कर दिया है कि शासन छात्राओं की सुरक्षा, उत्तम स्वास्थ्य और गुणवत्तापूर्ण आवासीय शिक्षा को लेकर कितना गंभीर है। कलेक्टर श्री आशीष तिवारी के स्पष्ट एवं कड़े निर्देशों के बाद जिले के सभी संबंधित विभाग पूरी तरह समन्वित रूप से कार्य कर रहे हैं। इस ठोस प्रशासनिक पहल से यह सुनिश्चित हो गया है कि भविष्य में ऐसी किसी भी अप्रिय स्थिति की पुनरावृत्ति नहीं होगी और कटनी की इन बेटियों को एक सुरक्षित, स्वस्थ और अनुकूल शैक्षणिक वातावरण लगातार मिलता रहेगा।

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