नवरात्रि के बीच बुधवार दोपहर उमरिया जिले की मानपुर जनपद पंचायत के गुरुवाही गाँव में राज्य स्तरीय लाड़ली बहना सम्मेलन हुआ। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार मुख्यमंत्री ने यहीं से सिंगल क्लिक के ज़रिये हर पात्र बहन के खाते में 1500 रुपये अंतरित किए।
इसी मंच से गैस रिफिल योजना के तहत 23 लाख से ज़्यादा बहनों के खातों में करीब 115 करोड़ रुपये भी भेजे गए, ताकि उन्हें सिलेंडर 450 रुपये में पड़े। रिपोर्टों के मुताबिक यह दो महीने की रिफिल सहायता है। पर हर महीने की तरह इस बार भी कई घरों से एक ही सवाल आ रहा है: मोबाइल पर मैसेज नहीं आया, पैसा कहाँ गया?
1. पहले एक-दो दिन रुकें, फिर पासबुक देखें
रकम DBT यानी डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर से जाती है। सवा करोड़ खातों में एक साथ पैसा भेजने में बैंकों को समय लगता है, इसलिए रिपोर्टों के मुताबिक कुछ खातों में रकम एक-दो दिन बाद दिखती है। इसलिए पहले पासबुक अपडेट कराएँ या बैंक मित्र, ATM या मोबाइल बैंकिंग से बैलेंस देखें।
2. घर बैठे स्टेटस ऐसे देखें
- cmladlibahna.mp.gov.in खोलें।
- मेनू में "आवेदन एवं भुगतान की स्थिति" चुनें।
- आवेदन क्रमांक या सदस्य समग्र आईडी डालें, फिर कैप्चा भरें।
- रजिस्टर्ड मोबाइल पर आया OTP डालें।
- भुगतान की सूची में 41वीं किस्त की तारीख और स्थिति देखें।
उसी पोर्टल पर "आधार/डी.बी.टी. स्थिति" का अलग विकल्प भी है। किस्त नहीं आई हो तो यह ज़रूर देखें, क्योंकि ज़्यादातर अटकी रकम की जड़ यहीं मिलती है।
3. पैसा अटकने की आम वजहें
योजना पोर्टल के नियमों के मुताबिक रकम सिर्फ बहन के अपने नाम के ऐसे बैंक खाते में आती है जो आधार से लिंक हो और जिसमें DBT चालू हो। संयुक्त खाता मान्य नहीं है। आम तौर पर दिक्कत इन वजहों से आती है:
- खाते में आधार लिंक नहीं, या DBT सक्रिय नहीं।
- समग्र में आधार e-KYC अधूरा या नाम में अंतर।
- खाता लंबे समय से बंद या निष्क्रिय, या बैंक ने KYC के लिए रोक लगाई।
- नया खाता खुला, पर DBT पुराने खाते पर ही दर्ज रहा।
- उम्र 60 साल पूरी होने या परिवार की स्थिति बदलने से पात्रता पर असर।
4. स्टेटस में गड़बड़ दिखे तो क्या करें
अगर आधार या DBT निष्क्रिय दिखे, तो अपनी बैंक शाखा जाकर आधार सीडिंग और DBT सक्रिय कराने का फॉर्म भरें। आधार कार्ड और पासबुक साथ ले जाएँ। समग्र e-KYC अधूरा हो तो ग्राम पंचायत, वार्ड कार्यालय या नज़दीकी कियोस्क पर पूरा कराएँ। पोर्टल के मुताबिक e-KYC OTP या बायोमेट्रिक से होता है।
सब ठीक होने पर भी पैसा न आए, तो आंगनवाड़ी कार्यकर्ता, ग्राम पंचायत सचिव या महिला एवं बाल विकास विभाग के परियोजना कार्यालय से संपर्क करें। योजना की हेल्पलाइन 0755-2700800 है और ईमेल [email protected]।
एक सावधानी भी: किस्त दिलाने या नाम जुड़वाने के नाम पर कोई फोन पर OTP, बैंक डिटेल या पैसे माँगे तो न दें। योजना में आवेदन का कोई शुल्क नहीं है। ऐसी ठगी हो जाए तो 1930 पर कॉल करें या cybercrime.gov.in पर शिकायत करें।
5. पात्रता की बुनियादी शर्तें
योजना पोर्टल के मुताबिक आवेदक मध्य प्रदेश की स्थानीय निवासी हो, विवाहित हो (विधवा, तलाकशुदा और परित्यक्ता भी शामिल) और उम्र 21 से 60 साल के बीच हो। परिवार की सालाना आय 2.5 लाख रुपये से ज़्यादा हो, कोई सदस्य आयकरदाता हो, सरकारी नौकरी या पेंशन में हो, परिवार के पास 5 एकड़ से ज़्यादा खेती की ज़मीन हो या ट्रैक्टर छोड़कर चार पहिया वाहन हो, तो लाभ नहीं मिलता। 1500 रुपये से कम सामाजिक सुरक्षा पेंशन पाने वाली बहनों को अंतर की राशि मिलती है।
रिपोर्टों के मुताबिक योजना जून 2023 में 1000 रुपये से शुरू हुई थी, बाद में 1250 और नवंबर 2025 से 1500 रुपये हुई। साल 2026-27 के बजट में इसके लिए करीब 23,882 करोड़ रुपये रखे गए हैं। मुख्यमंत्री ने सम्मेलन में कहा कि योजना शुरू होने से अब तक 62 हज़ार करोड़ रुपये से ज़्यादा बहनों को भेजे जा चुके हैं (रिपोर्ट के मुताबिक)। नए पंजीयन को लेकर फिलहाल कोई आधिकारिक तारीख घोषित नहीं हुई है।
आज ही कर लें ये 5 काम
- पासबुक अपडेट कराएँ या बैलेंस जाँचें।
- cmladlibahna.mp.gov.in पर भुगतान की स्थिति देखें।
- पोर्टल पर आधार/DBT स्थिति जाँचें, निष्क्रिय हो तो बैंक जाएँ।
- समग्र e-KYC अधूरा हो तो पंचायत या वार्ड कार्यालय में पूरा कराएँ।
- किसी को OTP न बताएँ, ज़रूरत हो तो 0755-2700800 पर फोन करें।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
प्रश्न: 41वीं किस्त कब और कहाँ से जारी हुई?
उत्तर: 14 अक्टूबर 2026 को उमरिया जिले के गुरुवाही गाँव से, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने जारी की।
प्रश्न: इस बार कितनी रकम आई?
उत्तर: हर पात्र बहन को 1500 रुपये। रिपोर्टों के मुताबिक कुल करीब 1834 करोड़ रुपये भेजे गए।
प्रश्न: स्टेटस कहाँ देखें?
उत्तर: cmladlibahna.mp.gov.in पर "आवेदन एवं भुगतान की स्थिति" में आवेदन क्रमांक या समग्र आईडी और OTP डालकर।
प्रश्न: किस्त नहीं आई, क्या नाम कट गया?
उत्तर: ज़रूरी नहीं। पहले आधार/DBT स्थिति और e-KYC देखें, अक्सर दिक्कत बैंक लिंकिंग की होती है।
प्रश्न: हेल्पलाइन नंबर क्या है?
उत्तर: 0755-2700800, ईमेल [email protected]।
प्रश्न: क्या संयुक्त खाते में पैसा आ सकता है?
उत्तर: नहीं। पोर्टल के मुताबिक बहन का अपना, आधार से लिंक और DBT सक्रिय खाता होना चाहिए।
यह खबर 16 अक्टूबर 2026 तक उपलब्ध जानकारी पर आधारित है। राशि और लाभार्थियों की संख्या रिपोर्टों पर आधारित अनुमानित आँकड़े हैं। अपनी किस्त की सही स्थिति के लिए cmladlibahna.mp.gov.in या हेल्पलाइन 0755-2700800 से पुष्टि करें।
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