जिले के नागरिकों की समस्याओं के समयबद्ध और प्रभावी समाधान के उद्देश्य से मंगलवार को नीमच कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में साप्ताहिक जनसुनवाई का आयोजन किया गया। इस महत्वपूर्ण जनसुनवाई कार्यक्रम में जिले के विभिन्न ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों से बड़ी संख्या में पहुंचे नागरिकों ने अपनी व्यक्तिगत एवं सामूहिक समस्याओं से जुड़े आवेदन प्रशासनिक अधिकारियों के समक्ष रखे। इस दौरान जिला प्रशासन के मुखिया द्वारा नागरिकों की शिकायतों को पूरी गंभीरता के साथ सुना गया और संबंधित विभागों के अधिकारियों को इनके त्वरित एवं संतोषजनक निराकरण के लिए स्पष्ट निर्देश प्रदान किए गए।

जनसुनवाई में उमड़ी भीड़, कुल 117 आवेदकों ने दर्ज कराई अपनी समस्याएं

नीमच जिले में आयोजित इस साप्ताहिक जनसुनवाई के दौरान दूर-दराज के अंचलों से आए कुल 117 आवेदकों ने प्रशासनिक अधिकारियों के समक्ष अपनी समस्याएं प्रस्तुत कीं। जनसुनवाई की अध्यक्षता कर रहे नीमच कलेक्टर श्री हिमांशु चंद्रा ने एक-एक कर सभी आवेदकों की बात को ध्यानपूर्वक सुना। उन्होंने इस बात पर विशेष जोर दिया कि प्रत्येक प्राप्त आवेदन पर पूरी पारदर्शिता और नियमों के दायरे में रहकर कार्रवाई की जानी चाहिए, ताकि आम जनता को न्याय के लिए बार-बार कार्यालयों के चक्कर न काटने पड़ें।

इस उच्च स्तरीय जनसुनवाई में प्रशासनिक अमले की सक्रिय उपस्थिति रही। कार्यक्रम के दौरान जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री अमन वैष्णव तथा अपर कलेक्टर श्री बी.एस. कलेश सहित विभिन्न प्रमुख विभागों के जिला अधिकारी और मैदानी अमला मौजूद रहा, ताकि मौके पर ही संबंधित विभागों को प्रकरणों के त्वरित निपटारे हेतु निर्देशि‍त किया जा सके।

किसानों और आम नागरिकों की विभिन्न समस्याएं आईं सामने

जनसुनवाई के दौरान नीमच जिले के विभिन्न गांवों से आए किसानों, युवाओं और महिलाओं ने अपनी अलग-अलग प्रकार की समस्याएं रखीं, जिन्हें संबंधित विभागों की ओर अग्रेषित किया गया:

  • फसल नुकसान और मुआवजा प्रकरण: धोकलखेड़ा गांव के निवासी कवरलाल ने जनसुनवाई में उपस्थित होकर अपनी व्यथा सुनाई। उन्होंने बताया कि शॉर्ट सर्किट के कारण उनकी फसल में अचानक आग लग गई थी, जिससे उन्हें भारी आर्थिक क्षति का सामना करना पड़ा है। उन्होंने प्रशासन से इस नुकसान के एवज में उचित मुआवजा दिलाए जाने की गुहार लगाई।

  • अतिक्रमण और अवैध कब्जे से जुड़ी शिकायतें: नयागांव के सत्तू धाकड़ ने गांव की गौचर भूमि तथा सार्वजनिक नाले पर किए गए अवैध अतिक्रमण को तत्काल हटवाए जाने का लिखित आवेदन प्रस्तुत किया। इसी प्रकार, दुधलाई गांव की रुकमणबाई ने अपनी निजी भूमि पर कुछ लोगों द्वारा जबरन कब्जा करने और अनावश्यक रूप से विवाद उत्पन्न किए जाने का मामला उठाया, जिस पर उन्होंने सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की।

  • निजी रास्तों और भूमि विवाद के मामले: हरकियाखाल गांव के गजेंद्र कुमार ने शिकायत दर्ज कराई कि कुछ असमाजिक तत्वों द्वारा उनकी निजी भूमि पर जबरन रास्ता निकालने का प्रयास किया जा रहा है, जिसे रोका जाना चाहिए। इसके अलावा, बरथून के अनिरुद्ध बैरागी ने आरोप लगाया कि न्यायालय के स्पष्ट आदेशों की सरेआम अवहेलना करते हुए मंदिर की भूमि पर पुनः अवैध अतिक्रमण कर लिया गया है, जिस पर तुरंत रोक लगाई जानी चाहिए।

विद्यार्थियों की छात्रवृत्ति, पारिवारिक विवाद और शासकीय योजनाओं के आवेदन

जनसुनवाई केवल भूमि और अतिक्रमण तक ही सीमित नहीं थी, बल्कि इसमें शिक्षा, सामाजिक सुरक्षा और कल्याणकारी योजनाओं से जुड़े कई गंभीर मामले भी सामने आए:

  • छात्रवृत्ति और पारिवारिक सुरक्षा के मामले: आरबीएस इंस्टीट्यूट ऑफ नर्सिंग, नीमच के छात्र पुष्कर अहिरवार ने अपनी लंबित छात्रवृत्ति को जल्द से जल्द स्वीकृत कराने के लिए आवेदन दिया ताकि उनकी पढ़ाई में कोई बाधा न आए। वहीं, बघाना क्षेत्र के निवासी यूनुस कुरैशी ने अपने ही पुत्र द्वारा लगातार प्रताड़ित किए जाने और घर से बाहर निकाले जाने की शिकायत दर्ज कराते हुए न्याय की गुहार लगाई।

  • कब्जा और प्रशासनिक मामलों की शिकायतें: कंजार्डा क्षेत्र की अन्नुबाई ने गांव में सक्रिय अवैध कब्जाधारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की। देवरी पड़दा के प्रहलाद सिंह बंजारा ने सरपंच के पुत्र के विरुद्ध अनियमिताओं और प्रताड़ना का आरोप लगाते हुए शिकायत प्रस्तुत की।

  • आवास योजना और अन्य प्रशासनिक सहायता: नीमच शहर के स्कीम क्रमांक-9 की रहने वाली मीना सोलंकी ने प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत अपने लिए आवास स्वीकृत किए जाने का आवेदन दिया, ताकि उनके परिवार को पक्की छत मिल सके।

अन्य ग्रामीण क्षेत्रों से पहुंचे दर्जनों आवेदक

उक्त प्रमुख मामलों के अतिरिक्त नीमच जिले के विभिन्न अन्य हिस्सों से भी बड़ी संख्या में लोग अपनी फरियाद लेकर पहुंचे थे। जनसुनवाई में आंत्री बुजुर्ग के ओमप्रकाश, हरकियाखाल के गजेंद्र कुमावत, जाट गांव के मोहम्मद मुबारिक, नीमच कैंट के ख्यालीराम, नीमच सिटी के दिलीप कुमार, नयागांव के दिनेश एवं राजू धाकड़, नीमच के अनुराग जोशी, कुकड़ेश्वर की ललिता तंबोली, तथा कंजार्डा के मदनलाल सहित अन्य कई नागरिकों ने भी अपनी व्यक्तिगत एवं सामाजिक समस्याओं से संबंधित लिखित आवेदन संबंधित अधिकारियों को सौंपे।

कलेक्टर के कड़े निर्देश: निर्धारित समय-सीमा में हो प्रभावी निराकरण

सभी आवेदनों को गंभीरता से देखने के बाद नीमच कलेक्टर श्री हिमांशु चंद्रा ने उपस्थित सभी विभागीय अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे प्राप्त हुए हर एक आवेदन को प्राथमिकता दें। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि अधिकारी कागजी खानापूर्ति करने के बजाय धरातल पर जाकर समस्याओं का वास्तविक और प्रभावी समाधान निकालें।

कलेक्टर ने यह भी सुनिश्चित करने को कहा कि किसी भी आवेदक को अपने काम के लिए अनावश्यक रूप से परेशान न होना पड़े और तय की गई समय-सीमा के भीतर ही सभी शिकायतों का संतुष्टिपूर्ण निराकरण किया जाए। प्रशासन की इस सक्रियता से जनसुनवाई में पहुंचे नागरिकों में अपनी समस्याओं के समाधान को लेकर एक सकारात्मक उम्मीद देखने को मिली।

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