सागर : मध्य प्रदेश के बुंदेलखंड अंचल की हृदयस्थली कहे जाने वाले सागर जिले के समग्र और चहुंमुखी विकास के लिए राज्य सरकार ने अपनी प्रतिबद्धता दोहराई है। उप मुख्यमंत्री एवं जिले के प्रभारी मंत्री श्री राजेंद्र शुक्ल की अध्यक्षता में आयोजित जिला विकास सलाहकार समिति की बैठक में विकास के रोडमैप पर विस्तृत चर्चा की गई। इस उच्च स्तरीय बैठक में न केवल अधोसंरचना विकास पर जोर दिया गया, बल्कि स्वास्थ्य सेवाओं के सुदृढ़ीकरण और शहरी यातायात प्रबंधन के लिए दूरगामी निर्णय लिए गए। उप मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि मध्य प्रदेश सरकार मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में प्रदेश के प्रत्येक जिले के संतुलित विकास के लिए संकल्पित है और इसमें जन प्रतिनिधियों की सहभागिता सर्वोपरि है।

बैठक के दौरान उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने अधिकारियों को कड़े निर्देश देते हुए कहा कि विकास कार्यों के क्रियान्वयन में समन्वय का अभाव नहीं होना चाहिए। उन्होंने कहा कि सागर को एक 'आदर्श जिला' के रूप में स्थापित करना सरकार की प्राथमिकता है। स्मार्ट सिटी परियोजना के माध्यम से सागर ने पिछले कुछ वर्षों में अपनी एक नई और आधुनिक पहचान बनाई है, जिसे अब अगले स्तर पर ले जाने की आवश्यकता है। उन्होंने जोर देकर कहा कि जितने भी निर्माण कार्य पूर्ण हो चुके हैं या जिनका कार्य शुरू होना है, उनका लोकार्पण और भूमिपूजन क्षेत्रीय जन प्रतिनिधियों की गरिमामयी उपस्थिति में ही सुनिश्चित किया जाए।

सागर के समग्र विकास के मुख्य बिंदु और रणनीतिक निर्णय

1. अधोसंरचना और सड़क संपर्क का सुदृढ़ीकरण
सागर शहर की बढ़ती आबादी और यातायात के दबाव को देखते हुए इंफ्रास्ट्रक्चर पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। उप मुख्यमंत्री ने सागर रिंग रोड और विभिन्न शहरों को जोड़ने वाले बाईपास कार्यों की समीक्षा की।
- सागर शहर को जोड़ने वाले रिंग रोड का कार्य युद्धस्तर पर पूरा करने के निर्देश दिए गए।
- भोपाल, जबलपुर और नरसिंहपुर को जोड़ने वाले बाईपास का कार्य शीघ्रता से पूर्ण किया जाएगा ताकि जिलेवासियों के साथ-साथ अंतर्राज्यीय परिवहन सुगम हो सके।
- क्षतिग्रस्त सड़कों की तत्काल मरम्मत के लिए फंड और संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित करने को कहा गया है।
- बीना रिफाइनरी परिक्षेत्र की सड़कों के निरीक्षण के बाद उनकी मरम्मत के लिए विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं।
- प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र के लिए नए प्रस्ताव तैयार कर सूची उपलब्ध कराने की जिम्मेदारी अधिकारियों को सौंपी गई है।

2. स्वास्थ्य सेवाओं में क्रांति: अत्याधुनिक ब्लड बैंक की स्थापना
बैठक का एक सबसे महत्वपूर्ण पहलू बुंदेलखंड क्षेत्र की स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार रहा। पूर्व मंत्री और विधायक श्री भूपेंद्र सिंह के प्रस्ताव पर उप मुख्यमंत्री ने एक बड़े प्रोजेक्ट को हरी झंडी दी।
- सागर के जिला चिकित्सालय से ब्लड बैंक को बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज (BMC) में हस्तांतरित करने का निर्णय लिया गया है।
- इस ब्लड बैंक की क्षमता को शुरुआती चरण में 2000 यूनिट और भविष्य में 5000 यूनिट तक बढ़ाने की कार्ययोजना बनाई जाएगी।
- इस अत्याधुनिक ब्लड बैंक में ए.एन.टी. टेस्टिंग, प्लाज्मा थेरेपी और सिंगल डोनर जैसी विश्वस्तरीय सुविधाएं उपलब्ध होंगी।
- इससे न केवल सागर बल्कि आसपास के जिलों के मरीजों को भी रक्त की कमी के कारण होने वाली परेशानियों से निजात मिलेगी। अक्सर रक्तदान शिविरों के माध्यम से जो रक्त एकत्रित होता है, उसे अन्यत्र भेजना पड़ता था, लेकिन अब स्थानीय स्तर पर स्टोरेज क्षमता बढ़ने से यह समस्या समाप्त होगी।

3. स्मार्ट सिटी और शहरी सौंदर्यीकरण
सागर को स्मार्ट सिटी के रूप में विकसित करने की दिशा में विधायक श्री शैलेंद्र जैन और श्री भूपेंद्र सिंह के मार्गदर्शन में हुए कार्यों की उप मुख्यमंत्री ने सराहना की।
- शहरी यातायात व्यवस्था को सुधारने के लिए एक विस्तृत कार्ययोजना तैयार की जा रही है।
- ट्रांसपोर्ट नगर में शिफ्टिंग की प्रक्रिया को तेज करने के निर्देश दिए गए हैं ताकि मुख्य बाजार से भारी वाहनों का दबाव कम हो सके।
- राजघाट चौराहे से धर्मश्री तक सड़कों के बीच से बिजली के खंभे हटाने का कार्य शीघ्र पूरा करने को कहा गया है, जिससे सड़क चौड़ीकरण का लाभ जनता को मिल सके।

4. क्षेत्रीय विधायकों के प्रस्ताव और स्थानीय मुद्दे
बैठक में उपस्थित विभिन्न विधानसभा क्षेत्रों के प्रतिनिधियों ने अपने-अपने क्षेत्रों की समस्याओं और विकास कार्यों को प्रमुखता से रखा।
- विधायक श्री शैलेंद्र जैन ने लेहदरा नाका से बेरखेड़ी गुरु तक प्रस्तावित बाईपास और धर्मश्री बाईपास के लिए भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया को जल्द पूरा करने की मांग की। उन्होंने शहीद प्रदीप लारिया के सम्मान में उत्कृष्ट विद्यालय का नामकरण करने का भी सुझाव दिया।
- विधायक श्री प्रदीप लारिया ने मकरोनिया सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के उन्नयन और बम्होरी अंडरपास को शीघ्र शुरू करने की आवश्यकता जताई। उन्होंने मकरोनिया और सदर क्षेत्र की यातायात व्यवस्था को सुदृढ़ करने पर बल दिया।
- बीना विधायक श्रीमती निर्मला सप्रे ने रिफाइनरी क्षेत्र की प्रतिबंधित सड़कों और क्षतिग्रस्त मार्गों की समस्या उठाई, जिस पर तत्काल संज्ञान लेने का आश्वासन दिया गया।
- जिला पंचायत अध्यक्ष श्री हीरा सिंह राजपूत ने 'नल-जल योजना' के बाद सड़कों के री-रेस्टोरेशन और ओवरहेड टैंक निर्माण की गुणवत्ता सुनिश्चित करने की बात कही।

5. प्रशासनिक और भविष्योन्मुखी सुधार
बैठक में वरिष्ठ अधिवक्ता श्री कृष्णवीर सिंह ठाकुर ने सागर में 'सागर विकास प्राधिकरण' (SDA) को फिर से सक्रिय करने या शुरू करने का प्रस्ताव रखा, जिससे शहर के नियोजित विकास को एक कानूनी और संगठनात्मक ढांचा मिल सके। उप मुख्यमंत्री ने इस पर गंभीरता से विचार करने की बात कही।

निष्कर्ष और आगामी लक्ष्य
उप मुख्यमंत्री श्री राजेंद्र शुक्ल ने स्पष्ट किया कि सागर जिला मध्य प्रदेश के विकास के इंजन के रूप में उभर रहा है। उन्होंने कलेक्टर श्रीमती प्रतिभा पाल और पुलिस अधीक्षक श्री अनुराग सुजानिया को निर्देशित किया कि वे विकास कार्यों की निरंतर मॉनिटरिंग करें और यह सुनिश्चित करें कि किसी भी स्तर पर भ्रष्टाचार या लेटलतीफी न हो। सरकार का लक्ष्य है कि आने वाले दो वर्षों में सागर की तस्वीर पूरी तरह बदल जाए और यह शिक्षा, स्वास्थ्य एवं बुनियादी सुविधाओं के मामले में प्रदेश का अग्रणी जिला बने। इस बैठक ने यह साफ कर दिया है कि सागर के विकास के लिए शासन और प्रशासन के बीच बेहतर तालमेल है, जो भविष्य में सकारात्मक परिणाम लेकर आएगा।

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