मंडियों में सोयाबीन की आवक शुरू हो चुकी है। जिन किसानों ने अब तक ई-उपार्जन पर पंजीयन नहीं कराया, उनके पास बस कल तक का समय है। पंजीयन 3 अक्टूबर से चल रहा है।
रिपोर्ट के मुताबिक मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भोपाल में कहा था कि "किसानों का पंजीयन 17 अक्टूबर तक जारी रहेगा" और सभी सोयाबीन उत्पादक किसानों से पंजीयन कराने की अपील की थी। 16 अक्टूबर की शाम तक तारीख बढ़ाने की कोई सरकारी सूचना हमें नहीं मिली, इसलिए आखिरी दिन के भरोसे न बैठें।
1. योजना क्या है, पैसा किस हिसाब से मिलेगा
यह केंद्र की PM-AASHA योजना के मूल्य न्यूनता भुगतान (PDPS) दिशानिर्देशों पर चलती है। सरकार खुद सोयाबीन नहीं खरीदेगी। किसान अधिसूचित मंडी में व्यापारी को फसल बेचेगा और दाम MSP से कम रहा तो फर्क राज्य सरकार देगी।
कैबिनेट फैसले के मुताबिक भुगतान के तीन नियम हैं:
- बिक्री दाम MSP के बराबर या ज़्यादा: कोई भावांतर नहीं।
- दाम MSP से कम पर मॉडल रेट से ज़्यादा: MSP और आपके असली बिक्री दाम का अंतर।
- दाम मॉडल रेट के बराबर या उससे कम: MSP और घोषित मॉडल रेट का अंतर।
मॉडल रेट क्या है? बिक्री शुरू होने (22 अक्टूबर) के बाद पहले 14 दिन यह प्रदेश की सभी मंडियों के भारित औसत दाम से तय होगा। उसके बाद हर दिन पिछले 14 दिन के भारित औसत से नया मॉडल रेट निकलेगा और ई-मंडी पोर्टल पर जारी होगा। यानी बहुत सस्ते में बेचने पर भरपाई मॉडल रेट तक ही होगी, इसलिए अच्छा दाम लेने की कोशिश करें।
2. कितनी सोयाबीन पर मिलेगा भावांतर
पात्र मात्रा आपके पंजीकृत रकबे और विभाग द्वारा तय पिछले साल की राज्य स्तरीय औसत उत्पादकता से निकलेगी। यह औसत कितने क्विंटल प्रति हेक्टेयर होगा, सरकारी जानकारी में अभी साफ नहीं है।
एक ज़रूरी पेच: 1 से 21 अक्टूबर के बीच मंडी में जो सोयाबीन आपने बेची, वह आपकी कुल पात्र मात्रा में से घट जाएगी। भावांतर सिर्फ 22 अक्टूबर से 15 जनवरी 2027 के बीच अधिसूचित मंडी में बेची गई फसल पर मिलेगा। यह अवधि बदली भी जा सकती है।
3. पंजीयन कहाँ कराएँ: मुफ्त और 50 रुपए वाले केंद्र
पंजीयन ई-उपार्जन पोर्टल mpeuparjan.nic.in पर होता है। ये केंद्र मुफ्त हैं:
- ग्राम पंचायत, जनपद पंचायत और तहसील कार्यालय के सुविधा केंद्र।
- सहकारी समिति और सहकारी विपणन संस्था के केंद्र।
MP ऑनलाइन कियोस्क, कॉमन सर्विस सेंटर, लोक सेवा केंद्र और निजी साइबर कैफे पर अधिकतम 50 रुपए लग सकते हैं। सिकमी, बटाईदार, कोटवार और वन पट्टाधारी किसान केवल सहकारी समिति या विपणन संस्था के केंद्र पर ही पंजीयन करा सकेंगे, उनका सत्यापन राजस्व विभाग करेगा।
4. कौन से कागज़ साथ ले जाएँ
- आधार कार्ड, और आधार से जुड़ा मोबाइल (OTP के लिए)।
- भूमि के दस्तावेज़ यानी खसरा या ऋण पुस्तिका।
- बैंक खाता नंबर और IFSC कोड।
- एक और फोटो पहचान पत्र।
आधार का सत्यापन OTP या बायोमेट्रिक मशीन से होगा। खसरे और आधार में नाम अलग हो तो तहसील से सत्यापन के बाद ही पंजीयन मान्य होगा।
5. बैंक खाता: यहीं सबसे ज़्यादा अटकता है पैसा
पंजीयन निर्देशों के मुताबिक खाते की जाँच के लिए राज्य नागरिक आपूर्ति निगम 1 रुपए का ट्रांज़ैक्शन करेगा। भुगतान पहले आधार से जुड़े खाते में भेजा जाएगा, वहाँ फेल हुआ तो पंजीयन में दिए खाते में। बंद या निष्क्रिय खाता, संयुक्त खाता और Fino, Airtel, Paytm पेमेंट्स बैंक के खाते मान्य नहीं हैं।
किसानों की नाराज़गी भी जान लें
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक रतलाम में पंजीयन के पहले दिन किसानों में उत्साह कम दिखा। कुछ किसानों ने पिछले साल मॉडल रेट के प्रावधान और भुगतान में देरी की शिकायत की और सीधे MSP पर खरीदी की माँग रखी। छोटे और मध्यम किसानों में से कई अपनी फसल पहले ही मंडी में बेच चुके हैं। मूल्य स्थिरीकरण कोष कम पड़ा तो राज्य सरकार मंडी बोर्ड को एक साल के लिए 1500 करोड़ रुपए की ब्याज मुक्त साख सीमा देगी।
आज ही कर लें ये 5 काम
- नज़दीकी पंचायत, तहसील या सहकारी समिति के केंद्र पर आज ही पंजीयन कराएँ।
- आधार, खसरा, बैंक पासबुक और आधार से जुड़ा मोबाइल साथ रखें।
- बैंक जाकर पक्का करें कि खाता चालू है और आधार से जुड़ा है।
- पंजीयन की पावती का फोटो खींचकर रखें।
- बिक्री 22 अक्टूबर के बाद अधिसूचित मंडी में करें, तौल पर्ची संभालें।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
प्रश्न: भावांतर पंजीयन की आखिरी तारीख क्या है?
उत्तर: 17 अक्टूबर 2026। 16 अक्टूबर तक तारीख बढ़ने की कोई सूचना नहीं मिली।
प्रश्न: सोयाबीन का MSP कितना है?
उत्तर: खरीफ विपणन सत्र 2026-27 के लिए 5708 रुपए प्रति क्विंटल।
प्रश्न: सोयाबीन कब बेचनी है?
उत्तर: 22 अक्टूबर 2026 से 15 जनवरी 2027 तक अधिसूचित मंडियों में।
प्रश्न: क्या पंजीयन मुफ्त है?
उत्तर: पंचायत, तहसील और सहकारी केंद्रों पर मुफ्त। निजी कियोस्क पर अधिकतम 50 रुपए।
प्रश्न: बहुत कम दाम में बेचा तो पूरा अंतर मिलेगा?
उत्तर: नहीं। दाम मॉडल रेट से नीचे गया तो MSP और मॉडल रेट का अंतर ही मिलेगा।
प्रश्न: बटाईदार किसान कहाँ पंजीयन कराएँ?
उत्तर: सिर्फ सहकारी समिति या सहकारी विपणन संस्था के केंद्र पर।
यह खबर 16 अक्टूबर 2026 तक उपलब्ध जानकारी पर आधारित है। पंजीयन की तारीख, बिक्री अवधि और मॉडल रेट में बदलाव संभव है। अंतिम जानकारी के लिए mpeuparjan.nic.in, अपनी तहसील, मंडी या कृषि विभाग से पुष्टि कर लें। शिकायत के लिए CM हेल्पलाइन 181 पर संपर्क किया जा सकता है।
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