विदिशा जिले में नागरिकों की समस्याओं के त्वरित और प्रभावी निराकरण के लिए नियमित रूप से आयोजित की जाने वाली जनसुनवाई का आयोजन मंगलवार, 1 सितम्बर 2026 को जिला मुख्यालय पर किया गया [cite: जनसुनवाई में 156 आवेदन प्राप्त, 75 का मौके पर निराकरण शेष 81 आवेदनों के निराकरण के लिए संबंधित विभागों को दिए गए निर्देश]। इस जनसुनवाई में विदिशा जिले के विभिन्न ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों से बड़ी संख्या में नागरिक अपनी व्यक्तिगत और सामूहिक समस्याओं, शिकायतों तथा मांगों से संबंधित आवेदन लेकर पहुंचे। जिला प्रशासन का मुख्य उद्देश्य आम जनता की शिकायतों का समय-सीमा में और पारदर्शिता के साथ समाधान करना है, जिससे नागरिकों को शासकीय कार्यालयों के चक्कर न काटने पड़ें और उन्हें सुशासन का लाभ मिल सके।

कलेक्टर श्री अंशुल गुप्ता की अध्यक्षता में आयोजित इस जनसुनवाई के दौरान प्रशासनिक अधिकारियों ने पूरी गंभीरता के साथ प्रत्येक आवेदक की समस्या को सुना [cite: जनसुनवाई में 156 आवेदन प्राप्त, 75 का मौके पर निराकरण शेष 81 आवेदनों के निराकरण के लिए संबंधित विभागों को दिए गए निर्देश]। जनसुनवाई में नागरिकों द्वारा प्रस्तुत किए गए आवेदनों की कुल संख्या 156 दर्ज की गई [cite: जनसुनवाई में 156 आवेदन प्राप्त, 75 का मौके पर निराकरण शेष 81 आवेदनों के निराकरण के लिए संबंधित विभागों को दिए गए निर्देश]। प्रशासन की सक्रियता और मैदानी अमले की तत्परता के चलते प्राप्त हुए कुल आवेदनों में से 75 मामलों का मौके पर ही त्वरित निराकरण कर दिया गया [cite: जनसुनवाई में 156 आवेदन प्राप्त, 75 का मौके पर निराकरण शेष 81 आवेदनों के निराकरण के लिए संबंधित विभागों को दिए गए निर्देश], जिससे मौके पर मौजूद कई नागरिकों को तुरंत राहत प्राप्त हुई। शेष बचे हुए 81 आवेदनों को उनके निराकरण के लिए संबंधित विभागों के अधिकारियों को जिम्मेदारी के साथ सौंप दिया गया है [cite: जनसुनवाई में 156 आवेदन प्राप्त, 75 का मौके पर निराकरण शेष 81 आवेदनों के निराकरण के लिए संबंधित विभागों को दिए गए निर्देश]।

विभिन्न विभागों से जुड़े मामलों की आई भरमार

विदिशा जिला मुख्यालय पर आयोजित इस जनसुनवाई में विभिन्न विभागों से संबंधित शिकायतें और आवेदन प्राप्त हुए। नागरिकों द्वारा जिन प्रमुख विभागों से जुड़ी समस्याएं रखी गईं, उनमें मुख्य रूप से निम्नलिखित विभाग शामिल हैं:

  • राजस्व विभाग: भूमि विवाद, सीमांकन, नामांतरण, बटवारा और पट्टे से संबंधित कई आवेदन प्राप्त हुए, जिन पर मैदानी अमले को जांच के निर्देश दिए गए।

  • पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग: ग्रामीण क्षेत्रों में विकास कार्यों, मनरेगा मजदूरी भुगतान, प्रधानमंत्री आवास योजना के लाभ और बुनियादी सुविधाओं से जुड़ी शिकायतें प्रमुखता से रखी गईं।

  • खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग: राशन कार्ड बनवाने, नाम जोड़ने और खाद्यान्न वितरण में अनियमितताओं से जुड़ी शिकायतों के आवेदन नागरिकों द्वारा प्रस्तुत किए गए।

  • सामाजिक न्याय विभाग: पेंशन योजनाओं (वृद्धावस्था, विकलांगता, विधवा पेंशन) के लंबित मामलों और आर्थिक सहायता से जुड़े प्रकरणों पर तुरंत संज्ञान लिया गया।

  • नगर पालिका: पेयजल आपूर्ति, साफ-सफाई, स्ट्रीट लाइट, और अतिक्रमण जैसी शहरी समस्याओं से संबंधित आवेदन नगर पालिका से जुड़े अधिकारियों को सौंपे गए।

  • स्वास्थ्य एवं शिक्षा विभाग: चिकित्सा सहायता, आयुष्मान कार्ड, स्कूलों में बुनियादी सुविधाओं और छात्रवृत्ति से जुड़ी समस्याओं के आवेदन भी बड़ी संख्या में देखने को मिले।

प्रशासन की संवेदनशीलता और त्वरित कार्रवाई

कलेक्टर श्री अंशुल गुप्ता ने जनसुनवाई के दौरान अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए कि जनता से प्राप्त होने वाले प्रत्येक आवेदन को पूरी गंभीरता से लिया जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि जनसुनवाई केवल औपचारिकता नहीं है, बल्कि यह आम जनता और प्रशासन के बीच सीधा संवाद स्थापित करने का एक सशक्त माध्यम है। जिन प्रकरणों का समाधान मौके पर संभव था, उन्हें तुरंत अधिकारियों की उपस्थिति में सुलझाया गया, ताकि नागरिकों को दोबारा जिला मुख्यालय न आना पड़े।

जिन 81 आवेदनों का निराकरण मौके पर नहीं हो सका, उन्हें संबंधित विभागों के जिला अधिकारियों को भेजकर यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं कि वे निर्धारित समय-सीमा के भीतर इन मामलों की जांच कर नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई पूरी करें। प्रशासन का यह प्रयास है कि हर शिकायत की मॉनिटरिंग की जाए और यह सुनिश्चित किया जाए कि कोई भी पात्र नागरिक शासन की योजनाओं और न्याय से वंचित न रहे।

पारदर्शी और जवाबदेह प्रशासनिक व्यवस्था

विदिशा जिले में आयोजित यह जनसुनवाई इस बात का प्रमाण है कि जिला प्रशासन नागरिकों की समस्याओं के प्रति पूरी तरह संवेदनशील और सजग है। जनसुनवाई के माध्यम से दूर-दराज के ग्रामीण इलाकों से आने वाले गरीब और असहाय नागरिकों को भी सीधे जिला स्तर के वरिष्ठ अधिकारियों के समक्ष अपनी बात रखने का खुला अवसर मिल रहा है। इस व्यवस्था से न केवल प्रशासनिक कामकाज में पारदर्शिता बढ़ रही है, बल्कि निचले स्तर के कर्मचारियों की जवाबदेही भी तय हो रही है।

जिला प्रशासन द्वारा यह भी सुनिश्चित किया जा रहा है कि जिन विभागों को लंबित आवेदन भेजे गए हैं, वे उन पर की गई कार्रवाई की रिपोर्ट समय पर प्रस्तुत करें। इस प्रकार की पहलों से आमजन का शासन और प्रशासन के प्रति विश्वास और अधिक मजबूत होता है। विदिशा जिले में प्रशासन की यह निरंतर कोशिश है कि जनसुनवाई के जरिए जनता की हरसंभव मदद की जाए और उनकी शिकायतों का स्थायी समाधान निकाला जा सके।

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