आमला। कहते हैं कि इंसानियत की पहचान केवल लोगों की मदद करने से नहीं, बल्कि उन बेजुबान जीवों के प्रति संवेदना दिखाने से भी होती है जो अपनी पीड़ा किसी से कह नहीं सकते। इसी मानवता और सेवा भाव का परिचय देते हुए नगर के युवा व्यवसायी एवं गुरु कृपा एंटरप्राइजेस के संचालक यश गुगनानी ने बाजार क्षेत्र में घायल अवस्था में घूम रही एक गौमाता का उपचार करवाकर समाज के सामने एक प्रेरणादायक उदाहरण प्रस्तुत किया।
जानकारी के अनुसार बाजार में एक गौवंश घायल अवस्था में दर्द से तड़प रहा था। इसकी जानकारी मिलते ही यश गुगनानी मौके पर पहुंचे और तत्काल पशु चिकित्सक की सहायता लेकर गौमाता का उपचार करवाया। उपचार के बाद गौवंश को राहत मिलने पर वहां मौजूद लोगों ने भी इस मानवीय पहल की सराहना की।
यश गुगनानी ने कहा कि गौसेवा भारतीय संस्कृति और सनातन परंपरा का महत्वपूर्ण हिस्सा है। उन्होंने कहा कि किसी भी बेजुबान जीव की सहायता करना सबसे बड़ा पुण्य कार्य है। घायल गौमाता की सेवा करने का अवसर मिलना उनके लिए गर्व और सौभाग्य की बात है। उन्होंने कहा कि ऐसे कार्यों से जो आत्मिक शांति और संतोष प्राप्त होता है, उसे शब्दों में व्यक्त नहीं किया जा सकता।
उन्होंने नगरवासियों से भी अपील की कि यदि कहीं कोई घायल या असहाय पशु दिखाई दे तो उसकी अनदेखी न करें, बल्कि उसके उपचार और संरक्षण के लिए आगे आएं। समाज के सामूहिक प्रयासों से ही मूक प्राणियों की रक्षा सुनिश्चित की जा सकती है।
यश गुगनानी की इस सराहनीय पहल ने एक बार फिर यह संदेश दिया है कि "सेवा परमो धर्मः" केवल एक वाक्य नहीं, बल्कि जीवन का ऐसा आदर्श है जिसे अपनाकर समाज में संवेदनशीलता और मानवता को मजबूत किया जा सकता है।
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