आरोह 2026 ग्रीष्मकालीन खेल प्रशिक्षण शिविर में बाल संरक्षण जागरूकता सेमिनार आयोजित
खिलाड़ियों एवं बच्चों को सुरक्षा, अधिकार और सतर्कता की दी जानकारी
बाल संरक्षण से ही सुरक्षित एवं सशक्त भविष्य का निर्माण संभव – वक्ता
दरियाव वासुरे की रिपोर्ट | खरगोन
खरगोन, 22 मई 2026। खेल एवं युवा कल्याण विभाग द्वारा आयोजित “आरोह 2026” ग्रीष्मकालीन खेल प्रशिक्षण शिविर के अंतर्गत खिलाड़ियों एवं बच्चों के लिए बाल संरक्षण विषय पर विशेष जागरूकता सेमिनार आयोजित किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य बच्चों को उनके अधिकारों, सुरक्षा उपायों तथा आवश्यक जागरूकता संबंधी जानकारी प्रदान करना था।
सेमिनार में जिला बाल कल्याण समिति की सदस्य श्रीमती सीमा जोशी ने बताया कि बाल कल्याण समिति का गठन किशोर न्याय अधिनियम के अंतर्गत प्रत्येक जिले में किया जाता है, जिसे प्रथम श्रेणी न्यायिक मजिस्ट्रेट की शक्तियां प्राप्त होती हैं। समिति देखरेख एवं संरक्षण की आवश्यकता वाले बच्चों के हित में निर्णय लेने का कार्य करती है। उन्होंने अनाथ, परित्यक्त एवं परिवार से पृथक बच्चों के पुनर्वास तथा उनके संरक्षण की जानकारी देते हुए चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 एवं आपातकालीन सहायता नंबर 112 के बारे में भी बताया।
उन्होंने कहा कि मोबाइल का गलत उपयोग, गलत संगति एवं जागरूकता की कमी के कारण कई बार नाबालिग बच्चे गलत कदम उठा लेते हैं, जिससे उनका भविष्य प्रभावित होता है। इसलिए बालिकाओं के साथ-साथ बालकों को भी समान रूप से जागरूक करना आवश्यक है।
कार्यक्रम में जिला बाल कल्याण समिति के अध्यक्ष श्री राजेश जोशी ने कहा कि बच्चे देश का भविष्य हैं और देश की लगभग 38 प्रतिशत आबादी 18 वर्ष से कम आयु की है। ऐसे में बच्चों को सुरक्षित, जागरूक एवं संस्कारित बनाना समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने बताया कि शासन द्वारा बच्चों की सुरक्षा के लिए सख्त कानून बनाए गए हैं, लेकिन अपराधों में वास्तविक कमी जागरूकता और सतर्कता से ही संभव है।
उन्होंने बच्चों को सलाह दी कि वे अनजान व्यक्तियों से मित्रता न करें, किसी से खाने-पीने की वस्तु स्वीकार न करें, सुनसान स्थानों पर अकेले न जाएं तथा सोशल मीडिया का सावधानीपूर्वक उपयोग करें। साथ ही अपनी निजी जानकारी एवं फोटो किसी अनजान व्यक्ति के साथ साझा न करने की बात कही।
सेमिनार के दौरान बच्चों को “सहज और असहज स्पर्श” के बारे में भी विस्तार से समझाया गया। वक्ताओं ने कहा कि यदि कोई स्पर्श असहज लगे तो तुरंत विरोध करें, परिवार या शिक्षक को इसकी जानकारी दें तथा किसी भी घटना को छुपाएं नहीं। यदि कोई व्यक्ति घटना को गोपनीय रखने के लिए कहे, तो तुरंत किसी विश्वसनीय व्यक्ति या परिवार के सदस्य को सूचित करें।
कार्यक्रम के माध्यम से खिलाड़ियों, बच्चों एवं पालकों को बाल संरक्षण, सुरक्षा और जागरूकता का महत्वपूर्ण संदेश दिया गया, जिससे वे सुरक्षित एवं सशक्त भविष्य की दिशा में आगे बढ़ सकें।
इस अवसर पर जिला बाल कल्याण समिति की सदस्य श्रीमती स्वाति खोड़े, ब्लॉक समन्वयक श्री जीतेन्द्र हिरवे, कोच श्री उच्छमसिंह रावत सहित बड़ी संख्या में खिलाड़ी एवं पालक उपस्थित रहे।
आरोह 2026 ग्रीष्मकालीन खेल प्रशिक्षण शिविर में बाल संरक्षण जागरूकता सेमिनार आयोजित
ग्रीष्मकालीन खेल प्रशिक्षण शिविर

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