Guest Editor: Supriya Jatav
भारतीय अंतरराष्ट्रीय कराटे खिलाड़ी | Commonwealth Champion

Asian Games केवल medals जीतने का मंच नहीं हैं। मेरे लिए, एक खिलाड़ी के रूप में, यह उस यात्रा को देखने का अवसर भी है जो एक देश के sports culture को बदलती है।

Aichi-Nagoya Asian Games 2026 में Team India की शुरुआत को देखते हुए एक बात साफ दिखाई देती है कि भारतीय खेल अब केवल कुछ चुनिंदा खेलों या बड़े शहरों की कहानी नहीं रह गया है। Shooting से लेकर Mixed Martial Arts और अब Women’s Cricket तक, भारतीय खिलाड़ियों ने अलग-अलग disciplines में अपनी क्षमता दिखाई है।

आज, 22 सितंबर को भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने Sri Lanka को 147 runs से हराकर Asian Games 2026 में भारत के लिए पहला Gold Medal जीता। Harmanpreet Kaur की कप्तानी वाली टीम ने पहले 216/3 का मजबूत score बनाया और फिर Sri Lanka को केवल 69 runs पर रोक दिया। Smriti Mandhana ने 79 runs की शानदार पारी खेली, जबकि Shafali Verma और Richa Ghosh ने भी महत्वपूर्ण योगदान दिया। यह Asian Games में Women’s Cricket का भारत का लगातार दूसरा Gold है। इस Gold के साथ भारत की medal tally अब 1 Gold, 4 Silver और 2 Bronze, यानी कुल 7 medals हो चुकी है। इससे पहले Shooting में Elavenil Valarivan, Sonam Maskar, Vidarsa Vinod, Himanshu Dhillon, Rudrankksh Patil और Parth Mane जैसे खिलाड़ियों ने भारत के लिए medals जीते, जबकि Suchika Tariyal ने Women’s Traditional 60kg MMA में Bronze जीतकर इस discipline में भारत का पहला Asian Games medal हासिल किया।
लेकिन मैं इस Asian Games को केवल medal tally की नजर से नहीं देखती।

असली बदलाव मैदान के बाहर भी हो रहा है
एक खिलाड़ी जब international competition में भारत का प्रतिनिधित्व करता है, तो उसके पीछे केवल उसका व्यक्तिगत talent नहीं होता। उसके पीछे परिवार, coach, training system, federation, sports infrastructure और वर्षों की मेहनत होती है। आज भारत में sports को लेकर सबसे बड़ा बदलाव शायद यही है कि युवा अब खेल को केवल hobby की तरह नहीं देखते। कई बच्चे और उनके परिवार sports को serious career option के रूप में देख रहे हैं।
Karate, shooting, wrestling, boxing, athletics, badminton, hockey, cricket और दूसरे sports में छोटे शहरों और सामान्य परिवारों से आने वाले खिलाड़ियों की मौजूदगी इस बदलाव की ओर संकेत करती है।

मैंने स्वयं एक खिलाड़ी के रूप में यह महसूस किया है कि international level तक पहुंचने के लिए talent के साथ discipline, consistency और सही अवसर बहुत जरूरी हैं। किसी भी खिलाड़ी का सफर केवल podium पर दिखाई देने वाले कुछ मिनटों का नहीं होता। उसके पीछे वर्षों की सुबह की practice, injuries, हार, comeback और लगातार खुद को बेहतर बनाने की कोशिश होती है।

Women in Sports: यह बदलाव विशेष रूप से महत्वपूर्ण है
आज Asian Games में भारतीय महिला खिलाड़ियों का प्रदर्शन एक अलग कहानी कह रहा है। Women’s Cricket का Gold इसका सबसे ताजा उदाहरण है। लेकिन बात केवल cricket तक सीमित नहीं है। Shooting, combat sports, athletics और कई अन्य disciplines में भारतीय महिलाएं लगातार अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिस्पर्धा कर रही हैं। एक महिला खिलाड़ी के लिए medal जीतना व्यक्तिगत उपलब्धि जरूर है, लेकिन उसका प्रभाव उससे कहीं बड़ा हो सकता है। जब किसी छोटे शहर की लड़की किसी महिला खिलाड़ी को podium पर देखती है, तो उसके लिए sport एक दूर की चीज नहीं रह जाता। उसे लगता है कि वह भी वहां पहुंच सकती है। यही sports culture का वास्तविक विस्तार है।

छोटे शहरों से बड़े सपनों तक
भारत में sporting talent की सबसे बड़ी ताकत शायद उसकी diversity है। हमारे खिलाड़ी metropolitan cities से भी आते हैं और छोटे शहरों, कस्बों तथा गांवों से भी। कई बार facilities सीमित होती हैं, लेकिन ambition सीमित नहीं होता। इसलिए हमें Asian Games को केवल medal table के रूप में नहीं देखना चाहिए। हमें यह भी देखना चाहिए कि कितने नए बच्चे आज किसी athlete को देखकर अपना sport चुन रहे हैं। अगर एक medal किसी बच्चे को मैदान तक ले आता है, तो उस medal की कीमत medal tally से कहीं ज्यादा है।

Sport को career बनाने के लिए ecosystem जरूरी है
एक athlete को केवल competition नहीं चाहिए। उसे quality coaching, equipment, sports science, nutrition, injury management, recovery facilities और लगातार competitive exposure की जरूरत होती है। इसके साथ parents और schools की भूमिका भी बहुत महत्वपूर्ण है। हमें ऐसा environment बनाना होगा जहां पढ़ाई और खेल को एक-दूसरे का विरोधी न माना जाए। हर बच्चा Olympic या Asian Games medalist नहीं बनेगा, लेकिन हर बच्चा sport से discipline, teamwork, fitness और confidence जरूर सीख सकता है। और जो बच्चे elite level तक पहुंचते हैं, उनके लिए career opportunities का ecosystem भी मजबूत होना चाहिए।

Team India की कहानी अभी बाकी है
Asian Games 2026 अभी जारी हैं। Games 19 September से 4 October तक Aichi-Nagoya में हो रहे हैं। (YAS)

इसलिए आज की medal tally अंतिम तस्वीर नहीं है। अभी कई भारतीय athletes और teams मैदान में उतरने वाले हैं। लेकिन शुरुआती दिनों में जो दिखाई दे रहा है, वह उत्साह पैदा करता है। Shooting ने शुरुआत में medals दिए, MMA ने एक historic milestone बनाया और अब Women’s Cricket ने India के लिए Gold का खाता खोल दिया है।

मेरे लिए Team India का मतलब केवल उन खिलाड़ियों से नहीं है जो podium पर खड़े होते हैं। Team India में वह बच्चा भी शामिल है जो आज पहली बार karate uniform पहन रहा है। वह लड़की भी शामिल है जो अपने गांव के मैदान में athletics की practice कर रही है। वह माता-पिता भी शामिल हैं जो अपने बच्चे के sports dream पर भरोसा कर रहे हैं। वह coach भी शामिल है जो सीमित संसाधनों के बावजूद अगली generation तैयार कर रहा है। और वह पूरा देश भी शामिल है जो television, mobile और internet पर अपने खिलाड़ियों के हर performance को देख रहा है।

Asian Games 2026 इसलिए सिर्फ medals की कहानी नहीं है। यह उस भारत की कहानी है जहां खेल धीरे-धीरे culture, confidence और career का हिस्सा बन रहा है।

आज Team India का एक Gold आया है। आने वाले दिनों में medal tally और बदलेगी। लेकिन असली जीत तब होगी जब Asian Games खत्म होने के बाद हजारों नए बच्चे मैदान में उतरेंगे और कहेंगे:
“मैं भी India के लिए खेलना चाहता/चाहती हूं।” यही किसी भी sporting nation की सबसे बड़ी ताकत होती है।

जय हिंद।

Supriya Jatav
International Karate Player | Commonwealth championship and US Gold medalist