शतरंज की बिसात पर भोपाल का दबदबा, नर्मदापुरम को पछाड़कर जीती ट्रॉफी

शमशाबाद कॉलेज में दो दिन चली संभाग स्तरीय प्रतियोगिता का समापन, खिलाड़ियों ने दिखाई रणनीति, धैर्य और एकाग्रता की मिसाल

शमशाबाद (विदिशा)। शासकीय महाविद्यालय मोहनपुरा, शमशाबाद में दो दिन से सजी शतरंज की बिसात पर मंगलवार को आखिरी चाल चली गई। संभाग स्तरीय शतरंज प्रतियोगिता में रोमांचक मुकाबलों के बीच भोपाल जिला विजेता बना, जबकि नर्मदापुरम ने उपविजेता का खिताब हासिल किया। खिलाड़ियों ने पूरी प्रतियोगिता में रणनीति, धैर्य और एकाग्रता का शानदार प्रदर्शन किया।

महाविद्यालय के प्रभारी प्राचार्य डॉ. प्रभात कुमार पांडेय के मार्गदर्शन एवं संरक्षण में आयोजित प्रतियोगिता का समापन समारोह गरिमामय माहौल में हुआ। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि शमशाबाद थाना प्रभारी आशुतोष सिंह रहे। विशिष्ट अतिथि वरिष्ठ समाजसेवी एवं पूर्व जनभागीदारी अध्यक्ष चैन सिंह मीना उपस्थित रहे। कार्यक्रम का शुभारंभ अतिथियों ने मां सरस्वती के चित्र के समक्ष दीप प्रज्वलन एवं पुष्पार्चन कर किया।

एक-एक चाल पर टिकी रही नजर

प्रतियोगिता के दौरान खिलाड़ियों के बीच मुकाबले काफी रोचक रहे। शतरंज की बिसात पर एक-एक चाल सोच-समझकर चली गई और खिलाड़ियों ने अपनी रणनीति के दम पर प्रतिद्वंद्वियों को मात देने का प्रयास किया। अंततः बेहतर प्रदर्शन के आधार पर भोपाल जिला विजेता और नर्मदापुरम जिला उपविजेता रहा। महाविद्यालय के क्रीड़ा अधिकारी सिद्धार्थ कुमार गौतम ने आधिकारिक रूप से परिणाम की घोषणा की।

मुख्य अतिथि आशुतोष सिंह ने खिलाड़ियों की खेल भावना और अनुशासन की सराहना करते हुए कहा कि शतरंज केवल मनोरंजन का खेल नहीं है, बल्कि यह मानसिक एकाग्रता, धैर्य, निर्णय क्षमता और दूरदर्शिता को मजबूत करता है। उन्होंने विजेता खिलाड़ियों को बधाई देते हुए सभी प्रतिभागियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

विशिष्ट अतिथि चैन सिंह मीना ने कहा कि ग्रामीण अंचल के महाविद्यालय में इस स्तर की संभाग स्तरीय प्रतियोगिता का आयोजन होना गौरव की बात है। इससे क्षेत्र के खिलाड़ियों को अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर मिलता है और अन्य विद्यार्थियों को भी खेलों के प्रति प्रेरणा मिलती है।

प्रतियोगिता के सफल संचालन में संरक्षक डॉ. अजय हजारी (विदिशा) की महत्वपूर्ण भूमिका रही। अतिथियों का स्वागत डॉ. एसके विमल, डॉ. भारती साहू एवं डॉ. शिवम कबीर ने पुष्पगुच्छ भेंट कर किया।

कार्यक्रम का मंच संचालन संजय धाकड़, सहायक प्राध्यापक हिंदी ने किया। अंत में डॉ. ममलेश यादव ने सभी अतिथियों, खिलाड़ियों, सहयोगियों एवं आयोजन से जुड़े सदस्यों के प्रति आभार व्यक्त किया।

आयोजन को सफल बनाने में महाविद्यालय के छात्र-छात्राओं के साथ शैक्षणिक एवं गैर-शैक्षणिक स्टाफ जगदीश सेन, गगन सोनी, दीपक सेन एवं मोनिका नामदेव का उल्लेखनीय योगदान रहा। प्रतियोगिता के समापन के साथ ही शमशाबाद कॉलेज में दो दिन तक चली शतरंज की यह बिसात यादगार मुकाबलों और खिलाड़ियों की प्रतिभा की छाप छोड़ गई।