आमलकी एकादशी (रंग भरी एकादशी) के दिन शिवलिंग पर गुलाल अर्पित करने का विशेष महत्व है
बैतूल। युवा साहू समाज सेवा संगठन जिला बैतूल के तत्वाधान में आमलकी एकादशी ( रंगभरी एकादशी) व्रत पूजन अनुष्ठान समारोह का आयोजन शुक्रवार को विनोबा वार्ड तुलसी भवन में आयोजित किया गया।पंडित पुष्पेंद्र तिवारी ने बताया कि आमलकी एकादशी को रंगभरी एकादशी भी कहा जाता है इस दिन काशी में भगवान शिव माता पार्वती के साथ पहली बार पधारे थे इसलिए इस दिन यहां रंग गुलाल से होली खेली जाती हैं। पंडित पुष्पेंद्र तिवारी ने भगवान श्री कृष्ण ,भगवान महाकाल का विशेष अभिषेक कराया।
श्री तिवारी ने बताया कि यह एकादशी भगवान श्री विष्णु और भगवान शिव जी की कृपा पाने का पावन दिन है इस दिन भगवान विष्णु के साथ आंवला के वृक्ष की पूजा की जाती है जिसे भगवान विष्णु का प्रिय माना जाता है।
पंडित पुष्पेंद्र तिवारी ने बताया कि पद्म पुराण के अनुसार आंवला के वृक्ष में भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी का वास होता है इसकी पूजा करने से दरिद्रता दूर होती है। रंगभरी एकादशी को माता पार्वती के प्रथम स्वागत के रूप में मनाया जाता है। जहां गुलाल अबीर और रंगों से होली खेलकर एक उत्सव के रूप में इसे मनाते हैं। आमलकी एकादशी के दिन आंवला के वृक्ष की पूजा एवं आंवले का सेवन करने आंवले के वृक्ष के नीचे बैठकर भगवान विष्णु की पूजा करने से अच्छे स्वास्थ्य और धन संपदा की प्राप्ति के साथ मनोवांछित फल की प्राप्ति होती है। पूजा अनुष्ठान समारोह में कमलेश साहू, रितिका साहू, गोपाल साहू, ममता साहू, कार्तिक साहू, श्रीमती चंद्रकलासाहू, ध्रुवी साहू, हितेंद्र साहू, श्रीमती मालती साहू श्रीमती निर्मला साहू सहित लोग उपस्थित थे।

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