डबरा। 

प्रदेश में गोवंश की बदहाल स्थिति को लेकर अब माहौल गरमाने लगा है। संतों के आह्वान पर 27 अप्रैल को होने जा रहे प्रदेशव्यापी आंदोलन को लेकर डबरा में भी तैयारियां जोरों पर हैं। गो सेवा से जुड़े संगठनों ने इसे जनआंदोलन का रूप देने के लिए पूरी ताकत झोंक दी है।

इस आंदोलन के तहत तहसील और जिला स्तर पर विशाल जुलूस निकाले जाएंगे और प्रशासनिक अधिकारियों को ज्ञापन सौंपकर ठोस कार्रवाई की मांग की जाएगी। गो सेवकों का साफ कहना है कि अब केवल आश्वासन नहीं, जमीन पर परिणाम चाहिए।

डबरा के गो सेवक एवं साथी हाथ बढ़ाना संगठन के संस्थापक महेंद्र सिंह तोमर ( चिंटू ) ने प्रदेश में गोवंश की स्थिति को “चिंताजनक और उपेक्षित” बताते हुए कहा कि सरकार द्वारा बनाई गई गौशालाएं केवल कागजों तक सीमित रह गई हैं। हकीकत में वहां न पर्याप्त चारा है, न पानी और न ही समुचित देखभाल की व्यवस्था।

उन्होंने आरोप लगाया कि चारा-पानी में कथित अनियमितताएं और गोचर भूमि पर बढ़ते अतिक्रमण ने हालात और बिगाड़ दिए हैं। नतीजतन, गोवंश सड़कों पर भटक रहा है, जिससे आए दिन हादसे हो रहे हैं और कई बेजुबान जान गंवा रहे हैं। यह स्थिति न सिर्फ पशु कल्याण बल्कि आम जनता की सुरक्षा के लिए भी बड़ा खतरा बन चुकी है।

तोमर ने कहा कि पहले भी कई बार आंदोलन किए गए, लेकिन जिम्मेदारों ने गंभीरता नहीं दिखाई। अब संतों के आह्वान पर यह आंदोलन निर्णायक रूप लेने जा रहा है, जिसमें पूरे प्रदेश में एक साथ आवाज बुलंद की जाएगी।

डबरा में इस आंदोलन को सफल बनाने के लिए “साथी हाथ बढ़ाना आपदा प्रबंधन संगठन” ने कमर कस ली है। संगठन द्वारा बड़े पैमाने पर हस्ताक्षर अभियान चलाया जा रहा है। कार्यकर्ता घर-घर जाकर लोगों को जागरूक कर रहे हैं और 
समर्थन जुटा रहे हैं।

इसके अलावा शहर के प्रमुख चौराहों पर टेंट लगाकर भी लोगों से हस्ताक्षर कराए जा रहे हैं, जिससे आमजन की भागीदारी लगातार बढ़ रही है। संगठन पहले भी गोवंश संरक्षण को लेकर कई आंदोलनों का नेतृत्व कर चुका है, जिससे इस बार के आंदोलन को और ज्यादा मजबूती मिल रही है।

अब 27 अप्रैल को होने वाला यह प्रदर्शन प्रशासन के लिए एक बड़ी परीक्षा माना जा रहा है। यदि इस बार भी ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो आने वाले दिनों में आंदोलन और उग्र होने के संकेत मिल रहे हैं।