मध्य प्रदेश के दतिया जिले में प्रशासन की संवेदनशीलता और जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन का एक उत्कृष्ट उदाहरण देखने को मिला है। दतिया जिला प्रशासन द्वारा दिव्यांगजनों के जीवन को सुगम, सुरक्षित और सम्मानजनक बनाने के उद्देश्य से निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। इसी कड़ी में हाल ही में आयोजित जनसुनवाई में एक ऐसा मामला सामने आया, जिसने जिला प्रशासन के मानवीय दृष्टिकोण को नई पहचान दी है। ग्राम फूलरा, जनपद पंचायत दतिया निवासी श्री अनिल झा, जो कि अस्थि बाधित दिव्यांग हैं, ने अपनी आवागमन संबंधी समस्याओं को कलेक्टर श्री स्वप्निल वानखेड़े के समक्ष रखा। प्रशासन ने इस आवेदन पर त्वरित कार्यवाही करते हुए उन्हें बैटरी चलित मोटर ट्राइसाइकिल प्रदान की, जो उनके जीवन में आत्मनिर्भरता की एक नई किरण लेकर आई है।

जनसुनवाई: एक समाधानकारी मंच

दतिया जिला प्रशासन द्वारा आयोजित जनसुनवाई में अपनी पीड़ा लेकर पहुंचे श्री अनिल झा, जो श्री रामस्वरूप के पुत्र हैं, ने प्रशासन को अवगत कराया कि अपनी शारीरिक दिव्यांगता के कारण उन्हें दैनिक जीवन में आवागमन के लिए भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। उनके लिए सामाजिक गतिविधियों में भाग लेना और रोजगार के अवसरों तक पहुंचना एक बड़ी चुनौती बनी हुई थी। जनसुनवाई में प्राप्त इस आवेदन पर जिला प्रशासन ने न केवल संवेदनशीलता दिखाई, बल्कि इसे मानवीय दृष्टिकोण से देखते हुए दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम, 2016 के प्रावधानों के अनुरूप त्वरित समाधान सुनिश्चित किया।

दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम का प्रभावी क्रियान्वयन

भारत सरकार और मध्य प्रदेश शासन द्वारा दिव्यांगजनों को समान अवसर, सम्मानजनक जीवन और आत्मनिर्भरता प्रदान करने के उद्देश्य से दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम, 2016 लागू किया गया है। दतिया जिला प्रशासन इस अधिनियम के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए विशेष अभियान चला रहा है। कलेक्टर श्री स्वप्निल वानखेड़े के नेतृत्व में प्रशासन का यह प्रयास है कि जिले को एक 'दिव्यांगजन हितैषी' और सुगम जिले के रूप में विकसित किया जा सके। बैटरी चलित ट्राइसाइकिल का वितरण इसी व्यापक लक्ष्य का एक छोटा लेकिन अत्यंत महत्वपूर्ण हिस्सा है।

कलेक्टर का दृढ़ संकल्प

कलेक्टर श्री स्वप्निल वानखेड़े ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि दिव्यांगजनों को शासन की विभिन्न योजनाओं और सुविधाओं का लाभ प्राप्त करने में किसी भी प्रकार की कठिनाई नहीं होनी चाहिए। इसके लिए उन्होंने सभी संबंधित विभागों को आपस में समन्वय बनाकर संवेदनशीलता के साथ कार्य करने के निर्देश दिए हैं। प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता यह है कि प्रत्येक पात्र दिव्यांगजन तक आवश्यक सहायता और आधुनिक उपकरण समय पर पहुंचें, ताकि वे समाज की मुख्यधारा में बराबरी से खड़े हो सकें। यह स्पष्ट है कि दतिया प्रशासन अब केवल सरकारी कागजी खानापूर्ति तक सीमित नहीं, बल्कि धरातल पर लोगों की जिंदगी बदलने के लिए प्रतिबद्ध है।

अनिल झा के जीवन में आया आत्मविश्वास

बैटरी चलित मोटर ट्राइसाइकिल प्राप्त करने के बाद श्री अनिल झा का चेहरा खुशी से खिल उठा। उन्होंने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि यह सहायता उनके जीवन में नया आत्मविश्वास और नई ऊर्जा लेकर आई है। आवागमन की कठिनाइयों से जूझने वाले अनिल अब आत्मनिर्भर होकर अपने छोटे-मोटे कार्य स्वयं कर सकेंगे। उन्होंने इस महत्वपूर्ण सहयोग के लिए मध्य प्रदेश के माननीय मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, दतिया के कलेक्टर श्री स्वप्निल वानखेड़े और संपूर्ण जिला प्रशासन का हृदय से आभार व्यक्त किया। उनके लिए यह केवल एक उपकरण नहीं, बल्कि सम्मान के साथ जीने का एक नया माध्यम है।

सामाजिक समावेश की दिशा में कदम

दिव्यांगजनों को बैटरी चलित ट्राइसाइकिल जैसे उपकरण उपलब्ध कराने के दूरगामी परिणाम होते हैं:

  • आत्मनिर्भरता: दिव्यांगजन अपने दैनिक कार्यों के लिए दूसरों पर निर्भर नहीं रहते।

  • सामाजिक सहभागिता: ट्राइसाइकिल से उनका आवागमन आसान होता है, जिससे वे सामाजिक कार्यक्रमों में सक्रियता से भाग ले सकते हैं।

  • आर्थिक सशक्तिकरण: सुगम आवागमन होने से वे अपने लिए रोजगार के नए अवसर तलाश सकते हैं।

  • सम्मानजनक जीवन: आत्मनिर्भर होने से समाज में दिव्यांगजनों के प्रति दृष्टिकोण में सकारात्मक बदलाव आता है।

दतिया का दिव्यांगजन हितैषी मॉडल

दतिया जिला प्रशासन द्वारा दिव्यांगजनों के लिए सुगम, सुरक्षित और सम्मानजनक वातावरण उपलब्ध कराने के लिए किए जा रहे ये प्रयास न केवल उनके जीवन स्तर में सकारात्मक परिवर्तन ला रहे हैं, बल्कि उन्हें सशक्त बनाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। प्रशासन यह सुनिश्चित कर रहा है कि शासन की योजनाओं का लाभ अंतिम पात्र व्यक्ति तक बिना किसी देरी के पहुंचे। आने वाले समय में दतिया जिले के ये प्रयास अन्य जिलों के लिए भी एक मिसाल बनेंगे, जहाँ प्रशासन और नागरिक के बीच सीधा और संवेदनात्मक संवाद स्थापित हो रहा है।

सहायक संचालक जनसम्पर्क दतिया, सुश्री निहारिका मीना के अनुसार, जिला प्रशासन इसी प्रकार के जनहितकारी कार्यों को निरंतर जारी रखेगा ताकि कोई भी दिव्यांगजन विकास की मुख्यधारा से पीछे न छूटे।

Image Source:  https://datia.mpinfo.org