आमला। सती भाई सांई दास सेवा दल, आमला द्वारा गुरु पूजन दिवस श्रद्धा, भक्ति और आध्यात्मिक उल्लास के साथ मनाया गया। इस अवसर पर हरियाणा के कलानौर से पूज्य गुरु राम सुख महाराज का दिव्य संदेश श्रद्धालुओं को सुनाया गया। अपने संदेश में उन्होंने गुरु की महिमा का वर्णन करते हुए कहा कि "मैं का भाव ही सुख के अभाव का कारण बनता है।" उन्होंने बताया कि अहंकार से मुक्त होकर, विनम्रता, दयालुता, सहयोग और प्रकृति के संरक्षण की भावना के साथ जीवन जीने वाला व्यक्ति ही सच्चे अर्थों में परमात्मा के निकट पहुंचता है।
गुरु राम सुख महाराज ने कहा कि जिसे गुरु का सान्निध्य, आशीर्वाद और अनुग्रह प्राप्त हो जाता है, उसका जीवन धन्य हो जाता है। गुरु के बिना न आत्मज्ञान संभव है और न ही परमात्मा का साक्षात्कार। गुरु ही शिष्य के जीवन से अज्ञान का अंधकार दूर कर उसे सत्य और सद्मार्ग की ओर अग्रसर करते हैं। गुरु भवसागर से पार लगाने वाले नाविक, हितैषी, मार्गदर्शक और जीवन को नई दिशा देने वाले प्रेरणास्रोत होते हैं।
उन्होंने कहा कि मनुष्य को अपने प्रत्येक कार्य में निस्वार्थ भाव रखना चाहिए। कर्म के बदले फल की इच्छा, प्रसिद्धि पाने की लालसा और अहंकार ही मनुष्य के दुःखों का सबसे बड़ा कारण है। जो व्यक्ति सुख-दुःख, लाभ-हानि, जन्म-मृत्यु, जय-पराजय जैसी परिस्थितियों में समान भाव बनाए रखता है, वही वास्तविक अर्थों में विजेता और गुरु का प्रिय शिष्य कहलाता है।
गुरु संदेश में अनुभवी आचार्यों के विचारों का उल्लेख करते हुए बताया गया कि गुरु अंधकार में दीपक, समुद्र में द्वीप, मरुस्थल में छायादार वृक्ष और हिमखंडों के बीच अग्नि के समान होते हैं। उनका सान्निध्य मनुष्य के जीवन को प्रकाश, शांति और आध्यात्मिक ऊर्जा से भर देता है।
कार्यक्रम के दौरान भजन-कीर्तन, गुरु पूजन एवं आरती का आयोजन किया गया। अंत में श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरित किया गया तथा सभी से गुरु वचनों को अपने जीवन में अपनाकर मानव सेवा, प्रकृति संरक्षण और सदाचार के मार्ग पर चलने का आह्वान किया गया।
इस भक्तिमय आयोजन में समाज की मातृशक्ति सहित वीरेंद्र मनोचा, चरणजीत गुगनानी, डॉ. शिशिर गुगनानी, गगन गिरधर, यश गुगनानी, राजेंद्र गुगनानी, किशोर गुगनानी, नवीन गुगनानी, आरव गुगनानी, सुभाष बत्रा, सुरेश बत्रा, शिवम बत्रा, अमित बत्रा, राजीव मदान सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।
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