कटनी जिले में शिक्षा, आधारभूत अधोसंरचना और जनहित के कार्यों को कॉर्पोरेट सामाजिक दायित्व (सीएसआर) के माध्यम से एक नई गति प्रदान करने की दिशा में कलेक्टर श्री आशीष तिवारी ने महत्वपूर्ण और दूरदर्शी पहल की है। गुरुवार को कलेक्ट्रेट सभागार में कलेक्टर श्री आशीष तिवारी की अध्यक्षता में जिला स्तरीय सीएसआर समिति की एक उच्चस्तरीय बैठक आयोजित की गई। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य विभिन्न उद्योगों और शासकीय विभागों के बीच समन्वय को मजबूत करते हुए जिले के समग्र विकास कार्यों की एक नई और प्रभावी रूपरेखा तैयार करना था।

इस महत्वपूर्ण बैठक में जिला पंचायत की मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्रीमती हरसिमरनप्रीत कौर, एसडीएम कटनी श्री प्रमोद चतुर्वेदी के साथ-साथ जिले के प्रमुख उद्योगपति और विभिन्न औद्योगिक इकाइयों के प्रतिनिधि विशेष रूप से मौजूद रहे। बैठक की शुरुआत में महाप्रबंधक जिला व्यापार एवं उद्योग केंद्र श्रीमती ज्योति सिंह चौहान ने सभी अतिथियों का स्वागत किया और सीएसआर के प्रावधानों, नियमों तथा दिशा-निर्देशों की विस्तृत जानकारी प्रस्तुत की, जिससे सभी उपस्थितजन विकास कार्यों की रूपरेखा से भली-भांति अवगत हो सकें।

सीएसआर केवल वैधानिक दायित्व नहीं, बल्कि समाज विकास का माध्यम: कलेक्टर श्री तिवारी

बैठक को संबोधित करते हुए कलेक्टर श्री आशीष तिवारी ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि कॉर्पोरेट सोशल रिस्पांसिबिलिटी (सीएसआर) केवल एक वैधानिक दायित्व या औपचारिकता तक सीमित नहीं है, बल्कि यह समाज के समग्र विकास में उद्योगों की सार्थक भागीदारी का एक बेहद सशक्त माध्यम है। उन्होंने कहा कि यदि विभिन्न शासकीय विभाग अपनी आवश्यकताओं को पूरी तरह सुव्यवस्थित और प्राथमिकता के आधार पर प्रस्तुत करें, तो औद्योगिक घरानों के सहयोग से शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल, छात्रावास, डिजिटल शिक्षा और अन्य जनकल्याणकारी कार्यों को बहुत तेजी से धरातल पर उतारा जा सकता है।

कलेक्टर ने सभी विभागों को निर्देश दिए कि वे अपनी प्राथमिक आवश्यकताओं एवं विकास परियोजनाओं को अनिवार्य रूप से सीएसआर पोर्टल पर दर्ज करें। इससे विभिन्न उद्योगों को जिले की वास्तविक और जमीनी जरूरतों की सटीक जानकारी मिलेगी, जिससे वे अपने सामाजिक उत्तरदायित्व के तहत उपयुक्त जनहित के कार्यों का चयन कर सकें। उन्होंने जिला व्यापार एवं उद्योग केंद्र को यह भी निर्देश दिया कि वे उद्योगों के बीच सीएसआर पोर्टल का व्यापक प्रचार-प्रसार सुनिश्चित करें, ताकि अधिक से अधिक औद्योगिक घराने इस पहल से जुड़ सकें।

शिक्षा के आधुनिकीकरण और डिजिटल लर्निंग पर विशेष जोर

बैठक के दौरान जिले के विभिन्न शैक्षणिक संस्थानों ने विद्यार्थियों को आधुनिक, गुणवत्तापूर्ण और बेहतर शैक्षणिक सुविधाएं उपलब्ध कराने के संबंध में अपने-अपने प्रस्ताव प्रस्तुत किए, जिन पर समिति द्वारा गंभीरता से विचार किया गया:

  • शासकीय तिलक महाविद्यालय: महाविद्यालय द्वारा विद्यार्थियों के लिए स्मार्ट बोर्ड, स्वच्छ पेयजल हेतु वॉटर कूलर और अत्याधुनिक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) आधारित शिक्षण सुविधाओं के विकास के लिए सीएसआर के तहत सहयोग मांगा गया।

  • शासकीय पॉलीटेक्निक महाविद्यालय: संस्थान ने परिसर में स्मार्ट क्लासरूम के निर्माण, विद्यार्थियों के लिए साइकिल स्टैंड तथा परिसर के सौंदर्यीकरण से जुड़ा प्रस्ताव रखा।

  • शासकीय कन्या महाविद्यालय: महाविद्यालय की ओर से छात्राओं के लिए उच्च गुणवत्ता वाला फर्नीचर और कक्षाओं में एयर कंडीशनर उपलब्ध कराने का विशेष आग्रह किया गया।

  • जिला शिक्षा केंद्र: केंद्र द्वारा जिले के विद्यालयों में स्थायी विद्युत कनेक्शन सुनिश्चित करने के साथ-साथ बड़वारा, बहोरीबंद, ढीमरखेड़ा और रीठी विकासखंडों के छात्रावासों में विद्यार्थियों के लिए पलंग उपलब्ध कराने का प्रस्ताव रखा गया, जिससे बच्चों को बेहतर आवासीय और अध्ययनरत वातावरण मिल सके।

उद्योगों ने सामाजिक सरोकारों के प्रति दिखाई गहरी प्रतिबद्धता

कटनी जिले में सक्रिय विभिन्न औद्योगिक प्रतिष्ठानों के प्रतिनिधियों ने बैठक के दौरान सीएसआर के तहत अब तक किए गए विकास कार्यों का विस्तृत ब्योरा प्रस्तुत किया और आगामी वर्ष की कार्ययोजनाओं से समिति को अवगत कराया। बैठक में अल्ट्राटेक सीमेंट, एसीसी सीमेंट कैमोर, केल्डीरीज इंडिया लिमिटेड, आरएचआई मैग्नेसिटा इंडिया रिफ्रेक्टरीज और महाकौशल रिफ्रैक्टरीज के प्रतिनिधियों ने उत्साहपूर्वक हिस्सा लिया।

इन सभी औद्योगिक घरानों के प्रतिनिधियों ने शिक्षा, स्वास्थ्य, पर्यावरण और आधारभूत सुविधाओं के क्षेत्र में जिला प्रशासन के कंधे से कंधا मिलाकर कार्य करने की अपनी प्रतिबद्धता को एक बार फिर दोहराया। उन्होंने विश्वास दिलाया कि जिला प्रशासन द्वारा प्रस्तुत किए जाने वाले गुणवत्तापूर्ण प्रस्तावों पर सीएसआर फंड के माध्यम से प्राथमिकता से काम किया जाएगा।

प्रशासनिक समन्वय और भविष्य की रूपरेखा

बैठक के अंत में कटनी जिले के चहुंमुखी विकास के लिए प्रशासनिक अधिकारियों और उद्योग प्रतिनिधियों के बीच आपसी संवाद को और अधिक बेहतर बनाने पर सहमति बनी। बैठक में प्रबंधक श्री राजेश पटेल सहित विभिन्न शासकीय विभागों के वरिष्ठ अधिकारी, विभिन्न शैक्षणिक संस्थानों के प्राचार्य और औद्योगिक इकाइयों के प्रतिनिधि बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।

इस पहल से यह स्पष्ट हो गया है कि कटनी जिला प्रशासन उद्योगों के सहयोग से शिक्षा के स्तर को उन्नत बनाने, आधारभूत संरचनाओं को मजबूत करने और आम नागरिकों के जीवन स्तर को ऊंचा उठाने के लिए पूरी तरह संकल्पित है। सीएसआर पोर्टल के माध्यम से आने वाले दिनों में जिले के ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में विकास कार्यों को एक नई गति मिलने की पूरी उम्मीद है।

 

मुख्य बिंदु (Key Highlights)

  • सीएसआर पोर्टल का प्रभावी उपयोग: कलेक्टर श्री आशीष तिवारी ने सभी शासकीय विभागों को अपनी विकासात्मक आवश्यकताओं और परियोजनाओं को अनिवार्य रूप से सीएसआर पोर्टल पर दर्ज करने के निर्देश दिए हैं।

  • शिक्षा का आधुनिकीकरण: शासकीय महाविद्यालयों और विद्यालयों में स्मार्ट क्लास, एआई (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) लैब, डिजिटल शिक्षण सुविधाएं और बेहतर आधारभूत संरचना विकसित करने पर विशेष जोर दिया गया है।

  • आवासीय एवं बुनियादी सुविधाएं: बड़वारा, बहोरीबंद, ढीमरखेड़ा और रीठी के छात्रावासों में पलंग उपलब्ध कराने तथा विद्यालयों में स्थायी विद्युत कनेक्शन जैसी मूलभूत सुविधाएं प्रदान करने के प्रस्ताव रखे गए हैं।

  • उद्योगों की प्रतिबद्धता: अल्ट्राटेक सीमेंट, एसीसी सीमेंट कैमोर, केल्डीरीज इंडिया लिमिटेड, आरएचआई मैग्नेसिटा और महाकौशल रिफ्रैक्टरीज के प्रतिनिधियों ने सामाजिक सरोकारों के तहत मिलकर काम करने की प्रतिबद्धता दोहराई है।

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