आज भारत में हर जगह एथेनॉल फ्यूल के बारे में हम सब सुन रहे है ओर देख रहे है,, 

लोगो का मानना है कि इससे गाड़ी का माइलेज कम हो रहा है ओर इंजन में खराबी आ रही है,, क्योंकि गाड़ी डीजल,पेट्रोल से चलने के लिए बनी है,, अगर सीएनजी की बात की जाए तो सीएनजी के लिए अलग से टैंक की व्यवस्था वाहन में की जाती है,, लेकिन जो गाड़िया हम सब लोगों के बीच में पहले से चल उपलब्ध है अगर इनके अंदर एथेनॉल वाला फ्यूल डाला जाता है ओर गाड़ी के अंदर कोई खराबी आती है तो इसके लिए जिम्मेदार कौन होगा,,

 क्या गाड़ी बनाने वाली कंपनी जिम्मेदार होगी,क्या बीमा करने वाली कंपनी जिम्मेदार होगी, क्या भारत सरकार या कोर्ट इसकी जिम्मेदारी लेगा,,अगर इस स्थिति के अंदर कोई जिम्मेदारी लेने को तैयार नहीं होगा,, तो गरीब ओर मध्यम वर्ग के लोगों का क्या होगा,,, वो किसके पास न्याय की गुहार लगाएंगे, 

लोग बहुत मुश्किल से या अत्यधिक जरूरत होने पर ही मोटर साइकिल, या कार खरीदते है,, लेकिन इस संकट की घड़ी को देख कर लग रहा है कि अब लोगो को ओर ज्यादा परेशानी का सामना करना पड़ सकता है