विदिशा जिले के ग्यारसपुर तहसील स्थित आजीविका भवन में आयोजित जनकल्याण शिविर आमजन के लिए स्वास्थ्य सुरक्षा का एक भरोसेमंद और प्रभावी माध्यम साबित हो रहा है। इस शिविर का मुख्य उद्देश्य शासन की लोक कल्याणकारी योजनाओं को समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुँचाना है, ताकि किसी भी नागरिक को बुनियादी सुविधाओं से वंचित न रहना पड़े।
आयुष्मान कार्ड: नि:शुल्क उपचार की गारंटी
शिविर के दौरान सबसे महत्वपूर्ण उपलब्धि आयुष्मान भारत योजना के तहत हितग्राहियों को जोड़ना रहा है। इस योजना के अंतर्गत कार्डधारकों को प्रतिवर्ष 5 लाख रुपये तक के नि:शुल्क उपचार की सुविधा प्रदान की जाती है। ग्रामीण अंचलों में आर्थिक तंगी के कारण कई परिवार गंभीर बीमारियों का समय पर इलाज नहीं करा पाते थे, लेकिन जनकल्याण शिविर ने इन परिवारों को एक नई उम्मीद और स्वास्थ्य सुरक्षा का कवच प्रदान किया है।
लाभान्वित हितग्राहियों की सूची
शिविर में पहुँचने वाले आठ पात्र हितग्राहियों के आयुष्मान कार्ड मौके पर ही बनाए गए, जिससे उन्हें बेहतर चिकित्सा सेवाओं का मार्ग प्रशस्त हुआ है। इन हितग्राहियों में शामिल हैं:
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ग्राम मनकापुर से कुंती आदिवासी
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ग्राम मढ़ीपुर से शारदा बाई सहरिया
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ग्यारसपुर से आनंदी
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ग्यारसपुर से रोमा प्रजापति
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ग्यारसपुर से निशा मालवीय
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ग्राम अनबई से मोना विश्वकर्मा
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हैदरगढ़ से नाजिया कुरैशी
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ग्राम सियासी से पूजा
हितग्राहियों में विश्वास और संतोष का वातावरण
आयुष्मान कार्ड प्राप्त करने के बाद इन हितग्राहियों ने शासन की इस जनहितकारी पहल की मुक्त कंठ से सराहना की है। उन्होंने बताया कि अब उन्हें बीमारी की स्थिति में उपचार के लिए आर्थिक तंगी की चिंता नहीं सताएगी। शिविर में एक ही स्थान पर आवश्यक सहायता और मार्गदर्शन मिलने से उनका कार्य अत्यंत सुगमता से पूर्ण हो गया, जिससे उनका समय और संसाधन दोनों की बचत हुई।
यह शिविर न केवल स्वास्थ्य सुरक्षा प्रदान करने की दिशा में एक सफल प्रयास है, बल्कि यह शासन की योजनाओं को सीधे जनता तक पहुँचाने का एक सशक्त माध्यम भी बनकर उभरा है। प्रशासन की यह संवेदनशीलता ग्रामीण जनों के लिए एक बड़ी राहत है, जो उनके भविष्य को सुरक्षित और खुशहाल बनाने में सहायक सिद्ध हो रही है।
Image Source: https://vidisha.mpinfo.org
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