बालाघाट: जिले में प्राकृतिक संसाधनों के अवैध दोहन और खनिज माफियाओं की कमर तोड़ने के लिए जिला प्रशासन पूरी तरह सख्त रुख अपनाए हुए है। इसी क्रम में अवैध खनिज उत्खनन एवं परिवहन के विरुद्ध चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत बालाघाट तहसील के अंतर्गत ग्राम चिचगांव में एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया गया। यह संयुक्त छापामार कार्रवाई राजस्व विभाग, पुलिस थाना नवेगांव और जिला खनिज विभाग की टीम द्वारा समन्वित रूप से की गई।

कार्रवाई का विवरण: वैनगंगा नदी से जप्ती

उप संचालक खनिज, सुश्री फरहत जहां ने जानकारी दी कि विभाग को वैनगंगा नदी के तटीय क्षेत्रों में अवैध रूप से रेत निकाले जाने की लगातार शिकायतें मिल रही थीं। इन शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए प्रशासनिक टीम ने ग्राम चिचगांव के पास वैनगंगा नदी क्षेत्र में औचक निरीक्षण किया।

निरीक्षण के दौरान मौके पर दो ट्रैक्टर-ट्रॉलियां अवैध रूप से रेत भरते हुए पाई गईं। जांच दल को अपनी ओर आता देख ट्रैक्टर चालक वाहनों को वहीं छोड़कर मौके से फरार हो गए। टीम ने जब इन वाहनों की जांच की, तो चालक मौके पर उपलब्ध नहीं थे और न ही उनके पास रेत के खनन, परिवहन अथवा भंडारण से संबंधित कोई वैध दस्तावेज या अनुमति पत्र थे। खनिज नियमों के घोर उल्लंघन को देखते हुए प्रशासन ने दोनों ट्रैक्टर-ट्रॉलियों को लावारिस अवस्था में जब्त कर लिया।

वैधानिक कार्रवाई और विभाग की चेतावनी

प्रशासन ने जब्त किए गए दोनों वाहनों को सुरक्षित रूप से पुलिस थाना नवेगांव की अभिरक्षा में खड़ा करवाया है। इस मामले में आगे की कानूनी प्रक्रिया के बारे में बताते हुए अधिकारियों ने कहा:

  • अज्ञात के खिलाफ प्रकरण: फिलहाल दोनों वाहन अज्ञात स्थिति में जब्त किए गए हैं। विभाग अब वाहनों के रजिस्ट्रेशन नंबर और अन्य तकनीकी माध्यमों से वाहन स्वामियों की पहचान करने में जुटा है।

  • कानूनी प्रावधान: वाहन स्वामियों और चालकों की पहचान सुनिश्चित होने के उपरांत उनके विरुद्ध 'मध्यप्रदेश खनिज (अवैध खनन, परिवहन एवं भंडारण का निवारण) नियम, 2022' के तहत कठोर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।

  • सतत अभियान: प्रशासन ने एक बार फिर स्पष्ट किया है कि बालाघाट जिले में वैनगंगा नदी के तटों को अवैध खनन मुक्त रखने के लिए अभियान लगातार जारी रहेगा। नियमों को ताक पर रखकर प्राकृतिक संपदा का दोहन करने वालों के विरुद्ध समय-समय पर ऐसी दंडात्मक कार्रवाई की जाती रहेगी।

प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण प्रशासन की प्राथमिकता

वैनगंगा नदी बालाघाट के जीवन का मुख्य आधार है। अवैध रेत खनन से न केवल नदी के पारिस्थितिकी तंत्र (Ecosystem) पर बुरा असर पड़ता है, बल्कि तटों के कटान और भू-जल स्तर गिरने जैसी गंभीर समस्याएं भी उत्पन्न होती हैं। प्रशासन की यह कार्रवाई न केवल अवैध राजस्व हानि को रोकने के लिए है, बल्कि पर्यावरण संरक्षण की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण कदम है।

स्थानीय प्रशासन ने आम नागरिकों से भी अपील की है कि यदि उन्हें अपने आसपास अवैध खनन या परिवहन की कोई गतिविधि दिखाई देती है, तो वे इसकी सूचना तुरंत संबंधित विभाग या स्थानीय थाना को दें। सूचना देने वाले की पहचान गुप्त रखी जाएगी। जिले में माफियाओं के विरुद्ध प्रशासन का यह 'जीरो टॉलरेंस' का रुख आम जनता के बीच काफी सराहा जा रहा है।

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