खिमलासा में बेसहारा गर्भवती गाय की सुरक्षा पर विवाद: किसानों और गौसेवकों की तत्परता

खिमलासा की कृषि मंडी के बाहर शनिवार रात एक बेसहारा गर्भवती गाय की सुरक्षा को लेकर स्थानीय किसानों और गौसेवकों के बीच तनावपूर्ण स्थिति उत्पन्न हो गई। यह घटना तब हुई जब रात करीब 9 बजे किसानों ने एक गर्भवती गाय को देखा, जिसे आवारा कुत्तों से खतरा था। गाय लगभग 7 माह की गर्भवती बताई जा रही है।

किसानों ने तुरंत गाय के लिए पानी और भोजन की व्यवस्था की और मामले की गंभीरता को देखते हुए स्थानीय पत्रकारों को सूचित किया। इसके बाद, उन्होंने गौसेवकों और बजरंग दल के सदस्यों को बुलाकर इस बेसहारा गाय की सुरक्षा की अपील की।

गौसेवक समिति के सदस्य और पशु चिकित्सा विशेषज्ञ संदीप बाथरी ने कहा कि गौसेवकों का मुख्य काम गाय की रक्षा करना नहीं है। इसके विपरीत, बजरंग दल के सदस्य आदित्य प्रजापति, शरद साहू, और सुमित लोधी मौके पर पहुंचे और गाय की सुरक्षा का जिम्मा लिया। उन्होंने गाय के मालिक के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।

संदीप बाथरी ने गाय के कान पर लगे टैग से उसकी पहचान की, जिसके अनुसार गाय का मालिक जय सिंह दांगी निवासी मालासुनेठी था। रात 9:30 बजे, किसानों, गौसेवकों और बजरंग दल ने खिमलासा-बीना मार्ग को बंद कर दिया।

स्थिति की गंभीरता को देखते हुए खिमलासा थाना प्रभारी राधेश्याम पटेल पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने गाय के मालिक जय सिंह दांगी को बुलाया और गाय को ऑटो में रखकर उसके घर भेजा। थाना प्रभारी ने मालिक को चेतावनी दी और बंद मार्ग को खुलवाया।

निष्कर्ष: यह घटना स्थानीय समुदाय में बेसहारा जानवरों की सुरक्षा और देखभाल के महत्व को रेखांकित करती है, साथ ही यह दर्शाती है कि इस दिशा में सामुदायिक प्रयास आवश्यक हैं।

प्रतिपाल राजपूत, बीना/खिमलासा-बीना