*उमरिया की उमरार नदी खतरे में!*
*प्रशासन से कुछ न हो सका- अब CM से होगी शिकायत*
जिले की लाइफ लाइन कही जाने वाली *उमरार नदी* पर सालों से अतिक्रमण का खेल चल रहा है। आरोप है कि सफेद कुर्ते वाले एक नेता जी ने नदी के एक सिरे को JCB और डंपरों से मिट्टी डालकर पाट दिया और वहां बेशकीमती भूमि तैयार कर उसे टुकड़ों में बेच डाला है। हैरानी की बात यह है कि यह सब जिला प्रशासन की नाक के नीचे हो रहा है, लेकिन प्रशासन मौन साधे हुए है।
*तस्वीर में दिख रहा है पूरा सच...*
जो कार्टून आप देख रहे हैं, वह उमरिया के हालात को बयां करता है। कभी अपने आकाओं को खुश करने के लिए नेता जी ने *हाथों पर गंगा जल लेकर उमरार को सुरक्षित संरक्षित करने की कसम खाई* और कैमरों के सामने पौधा लगाने का दिखावा किया, ताकि पर्यावरण प्रेमी की छवि बनी रहे, वहीं पीछे JCB नदी में मलबा और मिट्टी डालकर नदी के अस्तित्व को ही खत्म किया जा रहा है। स्थानीय लोगों के अनुसार, उमरार नदी के शहर वाले छोर पर सालों से मिट्टी पाटने का काम चल रहा था। रातों-रात नदी की धारा को सिकोड़कर वहां समतल जमीन बना दी गई और फिर उसे प्लॉट के रूप में बेच दिया गया। सूत्र बताते हैं कि नदी के दूसरे हिस्से पर भी इसी तरह पाटने की तैयारी चल रही है। नदी किनारे बसे लोगों का कहना है कि अगर यही हाल रहा तो आने वाले दो-तीन सालों में उमरार नदी नाला बनकर रह जाएगी। बारिश में बाढ़ का खतरा भी बढ़ जाएगा।
Continue With Google