छोटा बड़दा में रेत खनन का ग्रामीणों ने जताया विरोध

बड़वानी -ग्राम छोटा बड़दा में रेत खनन मामले को लेकर शनिवार को ग्रामीणों ने विरोध किया। दरअसल अंजड़ तहसील के ग्राम छोटा बड़दा में रेत के ढेर पर पूर्व में कई बार मौत का खेल हो चुका हैं। ग्रामीणों के अनुसार इस गांव में पूर्व में अवैध खदान में दबकर पांच मजदूरों की मौत हो चुकी है। बावजूद एनजीटी की रोक के बावजूद यहां खनन जारी है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि बाहरी ठेकेदार नीलामी में ठेका लेने का दावा कर रहे हैं, लेकिन पंचायत को इसकी कोई सूचना नहीं दी गई। गांव के सरपंच पप्पू ने कहा कि यह पेसा एक्ट का खुला उल्लंघन है और इसकी सूचना वरिष्ठ अधिकारियों को दी जाएगी। वहीं भाजपा मंडल अध्यक्ष ऋऋतुराज सिंह तोमर भी ग्रामीणों के समर्थन में उतरे। उन्होंने कहा कि बाहरी ठेकेदारों द्वारा यहां से रेत निकालना पूरी तरह गलत है। तोमर ने कलेक्टर और वरिष्ठ अधिकारियों से शिकायत करने की बात कही। नबआं के के राहुल यादव ने नर्मदा में अवैध खनन को लेकर सीधे तौर पर खनिज विभाग की निष्क्रियता पर सवाल उठाए है। राहुल ने कहा कि रेत माफिया दिनदहाड़े नदियों का सीना चीर रहे हैं। यह खनन मध्य प्रदेश हाई कोर्ट और एनजीटी (भोपाल 2017) दिल्ली 2013) के साथ ही एमपी उच्च न्यायालय के 2015 के निर्देशों का भी खुला उल्लंघन है।