ग्राम जोड़ोंरी में BIS की कार्यशाला संपन्न: महिलाओं को भारतीय मानकों की दी गई जानकारी

रीवा। भारतीय मानक ब्यूरो (BIS) की रीवा जिला इकाई ने बैकुंठपुर के समीप ग्राम जोड़ोंरी में महिलाओं के लिए एक जागरूकता कार्यशाला का सफल आयोजन किया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य महिलाओं को दैनिक उपयोग की वस्तुओं की गुणवत्ता और सुरक्षा के प्रति जागरूक करना था।

कार्यक्रम की समन्वयक निशा अग्निहोत्री ने बताया कि जीवन के प्रत्येक क्षेत्र में मानकों की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। किसी भी व्यक्ति, सेवा या सामग्री की गुणवत्ता का निर्धारण निर्धारित मानकों के आधार पर ही किया जा सकता है। उन्होंने जोर देकर कहा कि जीवनोपयोगी वस्तुओं के संबंध में जागरूकता बढ़ने से लोग अधिक सुरक्षित रह सकते हैं।

इस कार्यशाला में फूलमती स्वसहायता समूह की पदाधिकारी पूनम नामदेव और प्रिया स्वसहायता समूह की पदाधिकारी सोना विश्वकर्मा के नेतृत्व में लगभग 50 महिलाओं ने भाग लिया और भारतीय मानकों की जानकारी प्राप्त की। प्रशिक्षण निशा अग्निहोत्री एवं सोशल एक्टिविस्ट डॉ. मुकेश येंगल द्वारा प्रदान किया गया।

इस अवसर पर विकास सोनी, ग्राम सरपंच, सचिव एवं बड़ी संख्या में ग्रामीण महिलाएं उपस्थित रहीं। प्रशिक्षण के दौरान निम्नलिखित उत्पादों के मानकों के महत्व को विस्तार से बताया गया:

  • पीने का पानी
  • खाद्य सामग्री
  • बच्चों के खिलौने
  • सैनिटरी पैड
  • गैस सिलेंडर
  • प्रेशर कूकर
  • विद्युत उपकरण
  • भवन निर्माण सामग्री

कार्यशाला में यह भी बताया गया कि यदि ये उत्पाद आईएसआई मानकों के अनुरूप नहीं हैं, तो वे लोगों के लिए खतरा बन सकते हैं। इसलिए उपभोक्ताओं को हमेशा गुणवत्ता युक्त एवं मानक प्रमाणित सामग्री का ही चयन और उपयोग करना चाहिए।

इस आयोजन ने महिलाओं में जागरूकता बढ़ाने और उन्हें गुणवत्ता और सुरक्षा के प्रति सचेत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।